शातिर हाई प्रोफाइल एजेंट को उसी की चाल से दबोचा

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दिल्ली पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले इमीग्रेशन रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो हाई प्रोफाइल एजेंटों के साथ 4 यात्रियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार हाई प्रोफाइल एजेंट बड़े ही शातिराना अंदाज में पहले विदेश जाने वाले लोगो को टारगेट करता था फिर विदेश भेजने का सपना दिखाकर प्रति परिवार जिसमे पति, पत्नी और एक बच्चे का एक करोड़ रुपया वसूलता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुजरात निवासी मनीष पटेल उर्फ केतन पटेल और दुष्यंत कुमार ब्रह्मभट्ट उर्फ डीसी काका के रूप में हुई है। दोनों हाई प्रोफाइल एजेंटों को दिल्ली में महिपालपुर इलाके से दबोचा है।

आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय त्यागी ने बताया कि दिनांक पांच फरवरी 2022 को आईजीआई एयरपोर्ट बीओआई स्टाफ ने थाना आईजीआई एयरपोर्ट में एक शिकायत दी थी की पासपोर्ट में छेड़छाड़ करके छह यात्री जिनमे दो बच्चे है अवैध तरिके से विदेश जाने की कोशिश कर रहे हैं।

शिकायत मिलते ही थाना आईजीआई एयरपोर्ट प्रभारी यशपाल सिंह, एसआई संजीव चौधरी, एसआई राजकुमार व एसआई महेश के साथ एयर इंडिया के इमिग्रेशन कार्यालय पहुंचे।

एयरपोर्ट संपर्क अधिकारी जर्मन एएलओ एडुआर्ड हॉक ने जाँच टीम को बताया की छह यात्री जिनमे दो बच्चे हैं departure immigration clearance करके एयर इंडिया फ्लाइट नंबर एआई 121 से फ्रैंकफर्ट, जर्मनी के रास्ते बेलग्रेड, सर्बिया जाने की कोशिश कर रहे हैं। सर्बिया जाने वाले सभी छह यात्रियों के पासपोर्ट पर चिपकाए इतालवी शेंगेन वीज़ा स्टिकर खाली हैं। जाँच में पता चला की यह इतालवी शेंगेन वीज़ा स्टिकर इस्लामाबाद में इतालवी दूतावास से चुराए गए हैं।

पुलिस टीम को जाँच में पता चला की गिरफ्तार छह लोग दो परिवारों से थे जोकि अवैध तरीके से यूएसए जाना चाहते थे। मनीष पटेल उर्फ केतन पटेल नामक एजेंट ने उन्हें विदेश जाने का सपना दिखाया। विदेश भेजने के नाम पर एजेंट मनीष पटेल उर्फ केतन पटेल ने प्रति परिवार जिसमे पति, पत्नी और एक बच्चे का एक करोड़ की मांग की। अस्सी हजार रुपए एडवांस प्रति सदस्य व वाकी पेमेंट विदेश पहुंचने के बाद तय हुई थी। एजेंट ने ही शेंगेन वीजा स्टीकर की व्यवस्था की थी।

थाना आईजीआई एयरपोर्ट प्रभारी यशपाल सिंह ने दिनांक छह फरवरी 2022 को इमिग्रेशन अधिकारियों की लिखित शिकायत पर एफआईआर संख्या 50/2022 और 51/2022 धारा 420/468/471 और 12 पीपी अधिनियम के तहत मामला दर्जकर जाँच शुरू कर दी।

आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय त्यागी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एजेंटों को जल्द से जल्द दबोचने के लिए बिजेंद्र सिंह एसीपी आईजीआई एयरपोर्ट की सुपरविजन व यशपाल सिंह एसएचओ आईजीआई एयरपोर्ट के नेतृत्व में एसआई संजीव चौधरी, एसआई राजकुमार, एसआई महेश, हेड कांस्टेबल रामावतार और कांस्टेबल अमरजीत की एक टीम का गठन किया।

टीम ने आरोपी एजेंट मनीष पटेल उर्फ केतन पटेल की modus operandi को बारीकी से समझा। टीम को जाँच में पता चला की आरोपी हाई प्रोफाइल एजेंट है और हर किसी से बात नहीं करता है। केवल विदेश जाने वाले लोगो से मतलब रखता है। जाँच में यह भी पता चला की आरोपी अपने पास बिना सिम वाला वाई फ़ाई मोबाइल फ़ोन रखता है और अपने टारगेटों से बात करने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर इस्तेमाल करता है। टीम को जाँच में आरोपी के दो अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर प्लस दो पांच चार छह पांच नौ नौ दो चार चार ज़ीरो तीन छह सात और प्लस दो दो ज़ीरो सात तीन एक पांच तीन ज़ीरो सात मिले।

टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से आरोपी के व्हाट्सएप नंबर के वाई फ़ाई का आईपी एड्रेस की डिटेल निकाली।

डिटेल मिलते ही यशपाल सिंह एसएचओ आईजीआई एयरपोर्ट ने एसआई संजीव चौधरी, एसआई राजकुमार, एसआई महेश, हेड कांस्टेबल रामावतार और कांस्टेबल अमरजीत की एक टीम के साथ आरोपी के सस्पेक्ट ठिकानों पर कई बार छापेमारी की लेकिन आरोपी इतना शातिर था की दिल्ली में लगे फ्री वाई फ़ाई से व्हाट्सएप चलाता था और हर थोड़ी देर बाद अपनी लोकेशन बदल लेता था जिससे आरोपी के व्हाट्सएप का आईपी एड्रेस भी बदल जाता था इस कारण आरोपी की पिनपॉइंट लोकेशन भी ट्रेक नहीं हो पा रही थी।

यशपाल सिंह एसएचओ आईजीआई एयरपोर्ट ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी की modus operandi से ही आरोपी को दबोचने का प्लान बनाया।

आरोपी केवल विदेश जाने की इच्छा रखने वाले लोगों से ही संपर्क करता था इसलिए बिजेंद्र सिंह एसीपी आईजीआई एयरपोर्ट की सुपरविजन व यशपाल सिंह एसएचओ आईजीआई एयरपोर्ट के नेतृत्व में एक टीम ने नकली ग्राहक बनकर आरोपी के व्हाट्सएप नंबर पर विदेश जाने की इच्छा जाहिर की। काफी दिनों की व्हाट्सएप चैट से टीम ने आरोपी को विश्वास में ले लिया। आरोपी को जब विश्वास हो गया की सामने वाली पार्टी जेन्युन है और विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों खर्च कर सकती है तो दिल्ली में महिपालपुर के होटल ओलिविया में मिलने को बुलाया।

आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय त्यागी आरोपी को दबोचने का यह मौका हाथ से नहीं निकलने देना चाहते थे। तुरंत ही बिजेंद्र सिंह एसीपी आईजीआई एयरपोर्ट की सुपरविजन व यशपाल सिंह एसएचओ आईजीआई एयरपोर्ट के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले होटल ओलिविया की रैकी की और होटल को चारो तरफ से घेर लिया। उसके बाद एक टीम ने होटल ओलिविया में आरोपी मनीष पटेल उर्फ केतन पटेल से कस्टमर बनकर मुलाकात की। टीम का इशारा मिलते ही आरोपी मनीष पटेल उर्फ केतन पटेल को दबोच लिया।

आरोपी की पहचान 47 वर्षीय मकान नंबर 31 बी, रामपार्क सोसाइटी, नियर रेलवे सेकंड नाला, पतन, गुजरात निवासी मनीष पटेल उर्फ केतन पटेल पुत्र बाबू लाल के रूप में हुई।

पूछताछ में आरोपी ने बताया की वो अपने एक साथी दुष्यंत उर्फ डीसी काका के साथ मिलकर अपने धंधे को अंजाम देता था। आरोपी की निशानदेही पर दुष्यंत उर्फ डीसी काका को भी महिपालपुर से दबोच लिया। दूसरे आरोपी की पहचान मकान नंबर 3/26, प्रशांत फ्लैट, जीएचडी कॉलोनी, कपडवंज रोड, नडियाद, जिला खेड़ा गुजरात निवासी दुष्यंत कुमार ब्रह्मभट्ट उर्फ डीसी काका पुत्र चंदू लालके रूप में हुई।

आरोपी मनीष पटेल उर्फ केतन पटेल ने पूछताछ में बताया की वो सबसे पहले विदेश जाने वाले लोगो को टारगेट करता था। फिर विदेश भेजने का सपना दिखाकर प्रति परिवार जिसमे पति, पत्नी और एक बच्चे का एक करोड़ रुपया वसूलता था। उसका सहयोगी दुष्यंत कुमार ब्रह्मभट्ट उर्फ डीसी काका यात्रियों के लिए वीजा स्टिकर की व्यवस्था करता था।

इसके अलावा, मामले की जांच जारी है।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क