अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर अजय गुर्जर उर्फ भाईजी बदरपुर से गिरफ्तार

0
विजय कुमार दिवाकर
स्पेशल सेल दक्षिणी रेंज एसीपी अत्तर सिंह की supervision व इंस्पेक्टर शिव कुमार और इंस्पेक्टर जितेंद्र के नेतृत्व में एक टीम ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड कनेक्शन वाले एक कुख्यात गैंगस्टर 41 वर्षीयअजय गुर्जर उर्फ़ भाई जी को बदरपुर से गिरफ्तार किया है।
अजय गुर्जर ने सतेंद्र उर्फ सत्ते के साथ मिलकर जेल में अपने सहयोगी अंकित गुर्जर की मौत का बदला लेने के लिए तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में अजय गुर्जर के सहयोगी सतेंद्र उर्फ़ ​​सत्ते को अगस्त 2021 में स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अजय गुर्जर गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गया था। माननीय ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में अजय गुर्जर के खिलाफ 82 सीआरपीसी के तहत non bailable warrant जारी किया था। अजय गुर्जर एक अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट धारक है और इसने राष्ट्रीय स्तर पर 8 स्वर्ण पदक जीते हैं। इसने भूटान में अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भी भाग लिया था और वर्ष 2003 में रजत पदक जीता था। वह वर्ष 2005 में मुंबई में आयोजित एक अन्य अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में 5 वें स्थान पर रहे।
स्पेशल सेल डीसीपी दक्षिणी रेंज जसमीत सिंह के अनुसार अगस्त 2021 में दो लोगों के बीच एक ऑडियो कॉल वायरल हुआ था। इस ऑडियो कॉल में सतेंद्र उर्फ सत्ते अपने सहयोगी अजय गुर्जर से प्रतिद्वंद्वी गिरोह के एक सदस्य की हत्या को अंजाम देने के लिए एके 47 राइफल की व्यवस्था करने के लिए कह रहा था। साथ ही उस कॉल में सतेंद्र भी एक तिहाड़ के अधिकारी को बदला लेने के लिए गंभीर नुकसान पहुंचाने की बात कह रहा था। तिहाड़ जेल में इनके साथी अंकित गुर्जर की चार अगस्त 2021 को मौत हो गई थी। अंकित के परिजनों ने आरोप लगाया था कि तिहाड़ के अधिकारियों ने अंकित की पीट पीट कर हत्या की है। हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
ऑडियो वायरल होने के बाद 17 अगस्त 2021 को स्पेशल सेल ने सतेंद्र उर्फ सत्ते को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन अजय गुर्जर गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गया था।
सेल में तैनात इंस्पेक्टर शिवकुमार की टीम चार राज्यों में आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। चार महीने की कड़ी मेहनत के बाद छह जनवरी 2021 को इंस्पेक्टर शिव कुमार को सीक्रेट इनफार्मेशन मिली थी कि गैंगस्टर अजय गुर्जर बस स्टैंड, बदरपुर, मथुरा रोड़ पर शाम 6:30 बजे से शाम 7:30 बजे के बीच अपने सहयोगी से मिलने आ रहा है स्पेशल सेल दक्षिणी रेंज एसीपी अत्तर सिंह की supervision व इंस्पेक्टर शिव कुमार और इंस्पेक्टर जितेंद्र के नेतृत्व में टीम ने अपना जाल बिछाया। लगभग 7 बजे अजय गुर्जर को बस स्टैंड के पास देखा गया। टीम ने गैंगस्टर 41 वर्षीयअजय गुर्जर उर्फ़ भाई जी को चारो तरफ से घेरकर दबोच लिया। आरोपी के पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल व पांच कारतूस बरामद किए गए हैं।
अजय गुर्जर हिंसात्मक प्रवृति का व्यक्ति है। अपने अजीबोगरीब स्वभाव के कारण वह अचानक उकसावे पर व छोटी-छोटी बातों पर लोगों से झगड़ने लगता था। उसने वर्ष 2004 में मारपीट में एक व्यक्ति को चाकू मार दिया था। इस मामले में ये जेल गया था। जेल में इसकी आपराधिक प्रवृति के लोगों से मुलाकात हुई। इसके बाद ये इलाके के अच्छे लोगों से रंगदारी मांगने लगा। अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने वाले अजय गुर्जर के चचेरे भाई जे.पी. गुर्जर ने उसे मुंबई के एक खूंखार गैंगस्टर हाफिज बलूच के पास भेज दिया। हाफिज बलूच ने अपने साथियों के साथ मिलकर साल 2008 में जुबैर पटेल उर्फ कात्या डॉन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद हाफिज बलूच मुंबई से पलवल आ गया और अजय गुर्जर और उसके चचेरे भाई जेपी गुर्जर के घर में रहा। जबरन वसूली के कई मामले को अंजाम देने के बाद अजय गुर्जर मुंबई चला गया और हाफिज बलूच के घर में रहने लगा। अजय गुर्जर हाफिज बलूच और अंडरवर्ल्ड के अन्य गैंगस्टरों की शानदार जीवनशैली से काफी प्रभावित था। उसके मुंबई में चार कुख्यात अंडरवर्ल्ड गैंगस्टरों हाफिज बलूच, इकबाल इब्राहिम कास्कर, सुभाष ठाकुर और आरिफ जान (छोटा शकील का बहनोई) के साथ मजबूत अंडरवर्ल्ड संबंध रहे हैं। अजय गुर्जर को हाफिज बलूच ने भाई जी का कोड नेम दिया था और उन्होंने उनके साथ काम करना शुरू किया। अजय गुर्जर का परिचय दाऊद अब्राहिम के भाई इकबाल इब्राहिम कासकर के साथ वर्ष 2010 में हाफिज बलोच द्वारा किया गया था।
अजय गुर्जर ने खुलासा किया है कि वह कुख्यात गैंगस्टर सुभाष ठाकुर और हाफिज बलूच की बैकएंड टीमों का हिस्सा बना रहा, जिन्होंने गैंगवार में मुंबई में अपने प्रतिद्वंद्वियों के सदस्यों की कई हत्याएं की थीं, लेकिन सुभाष ठाकुर ने इन अपराधों में अजय का नाम कभी नहीं बताया।
अजय गुर्जर ने सुभाष ठाकुर सहित अपने सहयोगियों के साथ वर्ष 2008 से 2018 के बीच हरियाणा और राजस्थान में व्यवसायियों, डॉक्टरों, एक पार्षद, हरियाणा के दो पूर्व मंत्रियों और उनके रिश्तेदारों सहित प्रमुख व्यक्तियों से भारी मात्रा में रंगदारी की मांग की थी। अजय गुर्जर ने हरियाणा के पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल के भतीजे और शिवचरण लाल शर्मा, पलवल क्षेत्र के पार्षद चंडी राम गुप्ता पर वर्ष 2012 में जबरन वसूली के लिए गोली चलाई थी। गोलीबारी व रंगदारी के मामलों में अजय को अंतत: वर्ष 2018 में गिरफ्तार किया गया था। अजय गुर्जर ने पूछताछ में अंडरवर्ल्ड का नाम नहीं लिया। अजय गुर्जर करीब 10 महीने पहले जेल से छूट कर आया था। अजय गुर्जर ने खुलासा किया है कि सुभाष ठाकुर ने उसे वर्ष 2018 में गिरफ्तारी से पहले पलवल इलाके में बढ़ते रियल एस्टेट कारोबार में अपना पैसा लगाने के लिए भी कहा था।
गैंगस्टर अजय गुर्जर ने अपने साथियों की मदद से चार राज्यों हरियाणा, राजस्थान, यूपी और महाराष्ट्र में कई सनसनीखेज और जघन्य अपराध किए थे।
अजय गुर्जर के कुछ चर्चित अपराध
वर्ष 2006 में, अजय गुर्जर ने अपराध में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए हरियाणा में पलवल के एक गैंगस्टर जतिन पर गोली चला दी थी।
साल 2008 में उसने पलवल-होडल हाईवे पर विंटेज हवेली होटल के मैनेजर पर रंगदारी के आरोप में फायरिंग की थी।
वर्ष 2009 में, उसने प्रह्लाद नाम के एक डॉक्टर पर 50 लाख रुपये की जबरन वसूली के लिए हरियाणा के पलवल में गोली चलाई थी।
वर्ष 2010 में, उसने भरतपुर, राजस्थान के क्षेत्र में अपने दो प्रतिद्वंद्वियों जयदेव चौधरी और उनके सहयोगी पर गोली चलाई थी। इस मामले में राजस्थान पुलिस ने उस पर 50 हजार का ईनाम घोषित किया गया था।
साल 2012 में उसने जबरन वसूली के लिए पलवल में हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल के भतीजे पर फायरिंग की थी।
वर्ष 2013 में उसने पलवल के तत्कालीन पार्षद चंडी राम गुप्ता पर रंगदारी के लिए फायरिंग की थी।
साल 2014 में उसने हरियाणा के होडल में भाजपा नेता राधेश्याम कालरा से 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी।
साल 2015 में उसने हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री शिव चरण लाल शर्मा पर 50 लाख की जबरन वसूली के लिए सुबह की सैर के दौरान गोलियां बरसाई थी।
वर्ष 2018 में, उसने दिल्ली के एक व्यवसायी राजेंद्र गोयल को पलवल कोर्ट परिसर के सामने रंगदारी के लिए गोली मार दी थी।
साल 2018 में ही उसने हरियाणा के पलवल में एक डॉक्टर अनूप से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क