दिन में नौकरी और शाम को करते थे मोबाइल स्नैचिंग, एएटीएस टीम ने दबोचा

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विजय कुमार दिवाकर
दक्षिणपूर्व जिले की एएटीएस टीम ने दो ऐसे स्नेचरों को दबोचा है जो ओखला की एक कंपनी में नौकरी करते थे लेकिन इनके सपने इतने बड़े थे कि मिलने वाली सैलरी से इनका गुजारा नहीं होता था इसलिए शार्ट कट तरीके से जल्दी और मोटा पैसा कमाने के लालच में नौकरी के साथ साथ मौका मिलते ही मोबाइल स्नैचिंग और चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगे। यह लोग चोरी के मोबाइल मेवात इलाके में जाकर बेच दिया करते थे। आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय मोनू और 24 वर्षीय तौफीक के रूप में हुई है। दोनों दिल्ली के संगम विहारइलाके के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से चोरी के आठ मोबाइल फोन व 1 मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इनकी गिरफ्तारी से मोबाइल स्नेचिंग व चोरी के 12 मामले भी सुलझ गए हैं।

दक्षिणपूर्व जिले की डीसीपी ऐशा पाडें का ‘ऑपरेशन संरक्षण’ के तहत अपने जिले में क्रिमिनलों को क्लियर व कड़ा मैसेज है की क्राइम छोटा हो या बड़ा क्रिमिनलों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा। क्रिमिनल अपने दिमाग से गलतफहमी निकाल दे की अपराध करके वो बच जायेगा। क्राइम को अंजाम देने वाले क्रिमिनल के साथ साथ क्राइम में क्रिमिनल की मदद करने वाले किसी को भी बक्शा नहीं जायेगा।

सरिता विहार, औखला व कालकाजी इलाके में मोबाइल चोरी और लूट करने वाले स्नैचर ने आंतक मचा रखा था।

स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने व स्नैचर को जल्द से जल्द दबोचने के लिए दक्षिणपूर्व जिले की डीसीपी ऐशा पाडें ने ‘ऑपरेशन संरक्षण’ के तहत मनोज सिन्हा एसीपी ऑपरेशन की सुपरविजन व एएटीएस इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसआई राम कुमार, एएसआई राजीव कुमार, विनोद कुमार, रूप सिंह, हैड कांस्टेबल शरवन, परवीन, विक्रम, कांस्टेबल अमित और मोहित की एक टीम का गठन किया।

टीम ने सबसे पहले आरोपियों की मोडस ऑपरेंडी को बारिकी से स्कैन किया। मुखबिरों का जाल बिछाया। क्रिमिनलों की मोडस ऑपरेंडी से टीम को पता चला की यह गैंग ज्यादातर आफिस की छुट्टी के समय राह चलते लोगों को टारगेट करता है और यह भी पता चला की यह गैंग बाईक से वारदात को अंजाम देता है। टीम ने इलाके में अभी तक जितनी भी मोबाईल स्नैचिंग की वारदातें हुई थी उन सभी जगाहों का मोबाईल डैम डाटा को स्कैन किया। मोबाईल डैम डाटा से टीम को एक काॅमन मोबाईल नंबर मिला जोकि सभी वारदातों के समय एक्टीव था। टीम ने तुरन्त उस सस्पेक्ट मोबाईल नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया। टीम की मेहनत रंग लाई। आरोपियों के मोबाईल सर्विलांस से टीम को पता चला की दिनांक 22 अप्रैल 2022 को शाम लगभग छह बजे छीने और चोरी के मोबाईलों को बेचने के लिए अपनी मोटरसाइकिल से मां आनंदमाई मार्ग से होते हुए मेवात जाएंगे।
टीम ने आरोपियों को दबोचने के लिए क्राउन प्लाजा रेड लाइट के पास जाल बिछाया। शाम करीब साढ़े छह बजे मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए जोकि पुलिस टीम को देखकर पहले थोड़ा रूके और यूटर्न लेकर वापस भागने लगे। टीम ने दौड़कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संगम विहार निवासी 24 वर्षीय मोनू पुत्र महेंद्र व संगम विहार निवासी 24 वर्षीय तौफीक पुत्र नसीम के रूप में हुई। इनके कब्जे से चोरी के 8 मोबाइल फोन व 1 मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

आरोपियों ने स्वीकार किया की वो ओखला में ही एक कंपनी में काम करते है लेकिन मिलने वाली सैलरी से उनका गुजारा नहीं होता था और उनके सपने बड़े बड़े थे इसलिए शार्ट कट तरीके से जल्दी और मोटा पैसा कमाने के लालच में नौकरी के साथ साथ मोबाइल स्नैचिंग और चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगे।

कड़ी पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी तौफीक मोटरसाइकिल चलाता था जबकि आरोपी मोनू उसके पीछे पैदल राहगीरों से मोबाइल फोन छीनने के लिए बैठा करता था। अपराध होने के तुरंत बाद दोनों आरोपी चोरी के मोबाइल फोनों को मेवात में अच्छी दरों पर बेचते थे। यह आरोपी सरिता विहार, कालकाजी और ओखला क्षेत्र के लोगों को सक्रिय रूप से निशाना बना रहे थे। इन्होंने स्वीकार किया कि इन्होंने हाल ही में ओखला में चार मोबाइल फोन भी छीने थे।

आरोपी मोनू ने 10वीं तक पढ़ाई की है। यह एक निजी फर्म में काम करता था लेकिन बाद में उसने खुद को असामाजिक गतिविधियों में शामिल कर लिया। इसकी पहले की कोई क्राईम हिस्ट्री नहीं है।

आरोपित तौफीक भी 10वीं तक पढ़ा है। यह ओखला की एक कंपनी में काम करता था। इसकी भी पहले की कोई क्राईम हिस्ट्री नहीं है।

इनकी गिरफ्तारी से औखला इलाके से मोबाईल चोरी के छह, सरिता विहार, कालकाजी व महरौली इलाके से मोबाईल चोरी का एक एक मामला सुलझ गया है।

चोरी के मोबाईल फोन व अन्य चीजों की बरामदगी के लिए इन मामलों की आगे की जांच जारी है।

सनसनी ऑफ इंडिया नेटवर्क