सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
नई दिल्ली। रेलवे पुलिस ने हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से रेलवे के दो फर्जी टिकट परीक्षक (टीसी) को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान मार्तंड रुबाब कांबले और ओंकार बैरागी वाघमोडे के रूप में हुई है। दोनों रायगढ़ महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उनके पास से रेलवे के दो फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए हैं। वे खुद को टीसी बताकर रेलवे में मुफ्त में यात्रा करते थे। पुलिस को उनके द्वारा लगातार रेलवे यात्रा किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस ड्रग्स तस्करी में आरोपितों की संलिप्तता की जांच कर रही है।

दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर पकड़े गए दो नकली टीटीई.

रेलवे के डीसीपी हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा के मद्देनजर हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर कोई अवैध तरीके से प्रवेश ना कर पाए इसके लिए एसएचओ योगेश्वर सिंह की टीम 14 अगस्त को प्रवेश गेट पर जांच कर रही थी। संदिग्ध लोगों के पहचान पत्र देखे जा रहे थे। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि दो संदिग्ध शख्स रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें गोल्डन टेम्पल एक्सप्रेस में सवार होना था। पूछताछ में दोनों शख्स ने बताया कि वे रेलवे के टीसी हैं। लेकिन, उनके हावभाव और जल्दबाजी से पुलिसकर्मियों को संदेह पैदा हो गया। जब उनके द्वारा बनाए गए पहचान पत्रों की जांच की गई वह फर्जी निकले। इसके बाद मार्तंड रुबाब कांबले और ओंकार बैरागी वाघमोडे को गिरफ्तार कर लिया गया।

दोनों चचेरे भाई हैं और 12वीं तक पढ़ाई कर रखी है। पूछताछ में मार्तंड ने बताया कि वह पहले रेलवे वेंडर के रूप में काम कर चुका है। लिहाजा उसे रेलवे तंत्र की पूरी जानकारी है। उन्हें काम से रेल द्वारा कई जगहों पर आना-जाना होता था। लिहाजा मुफ्त में यात्रा के लिए उन्होंने टीसी का फर्जी पहचान पत्र बना लिया था। पुलिस जांच में आरोपित द्वारा अक्सर दिल्ली सहित भारत के अन्य हिस्सों में आने-जाने की जानकारी मिली हैं। पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। उनकी गतिविधयों की जानकारी के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि वे गैरकानूनी गतिविधियों और ड्रग्स तस्करी में लिप्त हो सकते हैं। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है।