बाइक के मामूली डेंट की पहचान से दबोचा गया सुपारी लेकर महिला की हत्या करने वाला कॉन्ट्रैक्ट किलर

0
विजय कुमार दिवाकर
स्पेशल स्टाफ शाहदरा की टीम ने पैसों के लिए किसी की भी हत्या करने वाले एक शातिर और खूंखार कॉन्ट्रैक्ट किलर को मुठभेड़ के बाद धर दबोचा है। इससे पहले पुलिस ने इसके एक साथी को भी गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार बदमाश इतने खतरनाक थे की हमेशा अपने साथ loaded हथियार रखते थे और खतरा लगने पर यह बदमाश आम आदमी हो या पुलिस टीम किसी पर भी गोली चलाने में नहीं चूकते थे। गिरफ्तार कॉन्ट्रैक्ट किलर 14 मार्च को थाना गांधी नगर इलाके के ओल्ड सीलमपुर में दिन दहाड़े घर में घुसकर एक फातिमा उर्फ सुनीता नामक महिला की गोली मारकर हत्या करके फरार हो गए थे। कॉन्ट्रैक्ट किलरों ने सुपारी लेकर इस वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए हेलमेट पहनकर व फर्जी नंबर प्लेट की बाइक पर आकर वारदात को अंजाम दिया था। लेकिन शाहदरा स्पेशल स्टाफ बदमाशों से चार कदम आगे निकला और बदमाशों की बाइक पर लगे मामूली डेंट की मदद से 14 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद बदमाशों को धर दबोचा। कॉन्ट्रैक्ट किलरों की पहचान 30 वर्षीय शौकिन खान व 22 वर्षीय जीशान के रूप में हुई है। दोनों डासना, गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस ने बदमाशों के पास से एक पिस्टल, एक तमंचा व 14 कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है।
डीसीपी शाहदरा आर सत्यसुंदरम ने बताया की दिनांक 14 मार्च 2022 की सुबह लगभग 10 बजे मकान नंबर 9/4792, गली नंबर 8, ओल्ड सीलमपुर, दिल्ली में अपने परिवार से अलग होकर किराये के घर में रहने वाली फातिमा उर्फ़ सुनीता नाम की एक महिला को दो लोग गोली मारकर फरार हो गए थे। हत्या की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। थाना गांधीनगर में एफआईआर संख्या 183/22 धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
दिन दहाड़े घर में घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या की वारदात से इलाके में सनसनी फ़ैल गई। डीसीपी शाहदरा आर सत्यसुंदरम ने बदमाशों को जल्द से जल्द दबोचने के लिए दो टीमों का गठन किया। पहली टीम Mahender Singh एसीपी Operations की सुपरविजन व इंस्पेक्टर विकास कुमार इंचार्ज स्पेशल स्टाफ शाहदरा के नेतृत्व में एसआई विनीत, प्रशांत, हेड कांस्टेबल राहुल, सुधीर, सर्वेश, सिद्धार्थ, राजीव, अनुज, सचिन, राजेश, कांस्टेबल नितिन, विपिन, हरकेश, जगमोहन व कुलदीप और दूसरी टीम श्रीमती चंद्रकांता एसीपी गाँधी नगर की सुपरविजन व एसएचओ गाँधी नगर के नेतृत्व में एसआई विकास, हेड कांस्टेबल श्यामवीर, कांस्टेबल धर्मेंदर और विनीत की बनाई गई।
स्पेशल स्टाफ शाहदरा इंस्पेक्टर विकास कुमार की टीम ने क्राइम सीन के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला की दो लोगों ने वारदात को अंजाम दिया है। सीसीटीवी फुटेज को टीम ने बारीकी से स्कैन किया तो देखा की चेहरे पर कपड़ा लपेटे और हाथ में हेलमेट लिए एक व्यक्ति सीढ़ियों से चढ़कर ऊपर आता है। और हेलमेट पहनने के बाद वहां मौजूद लोगो को भगाने की कोशिश कर रहा है। इसी दौरान हेलमेट पहने व्यक्ति का एक और साथी सीढ़ियों से चढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। लेकिन वो ऊपर नहीं आता और आधी सीढ़ियों से ही वापस हो जाता है। हेलमेट पहना व्यक्ति वहां किराये पर रहने वाली फातिमा उर्फ़ सुनीता नामक महिला पर एक एक करके तीन राउंड फायरिंग करता है। और नीचे बाइक लेकर खड़े अपने साथी के साथ फरार हो जाता है।
सीसीटीवी फुटेज में बाइक का नंबर तो क्लियर आ गया था। लेकिन बदमाश इतने शातिर थे की वारदात को अंजाम देने के लिए बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आये थे।
वारदात में फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक और हेलमेट व कपडे से चेहरा ढका होने से बदमाशों की पहचान करना स्पेशल स्टाफ शाहदरा की टीम के लिए अपने आप में चैलेंज था।
क्राइम सीन से मिले सीसीटीव फुटेज को बारीकी से स्कैन करने पर जाँच टीम ने देखा की बदमाश फातिमा उर्फ़ सुनीता को गोली मारने के बाद उसका मोबाइल छीनकर अपने साथ लेकर फरार हो जाता है।
स्पेशल स्टाफ शाहदरा के अनुभवी और तेजतर्रार इंस्पेक्टर विकास कुमार ने बदमाश की इस हरकत से अंदाजा लगाया की यह मर्डर किसी लूट के इरादे से नहीं किया गया है। मृतक महिला के मोबाइल में किसी वीडियो, फोटो या कॉल रिकॉर्डिंग की वजह से मर्डर के बाद बदमाश फ़ोन को अपने साथ लेकर गया है। इंस्पेक्टर विकास कुमार ने लूट व डकैती की वजह से मर्डर को rule out करके मृतका के पर्सनल एंगल को खंगालना शुरू कर दिया।
टीम ने मृतका के परिवारजनों दोस्तों व रिश्तेदारों से पूछताछ की लेकिन कोई क्लू नहीं मिला।
बदमाशों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए वारदात में भले ही फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक इस्तेमाल की हो लेकिन स्पेशल स्टाफ शाहदरा की टीम बदमाशों से चार कदम आगे निकली और सीसीटीवी में कैद बदमाशों की बाइक को बारीकी से स्कैन करके बाइक पर लगे मामूली डेंट को पहचान बनाकर क्राइम सीन से सीसीटीवी खंगालते खंगालते डासना, गाजियाबाद तक पहुँच गई।
स्पेशल स्टाफ की एक टीम ने डासना, गाजियाबाद की सभी कॉलोनी, बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स गली, चौक चौराहों पर घूम घूमकर मामूली डेंट वाली बाइक को खोजना शुरू कर दिया।
स्पेशल स्टाफ की दूसरी टीम ने डासना, गाजियाबाद और क्राइम सीन के आसपास का मोबाइल डंप डाटा निकालकर स्कैन किया। डंप डाटा को बारीकी से स्कैन करने पर जाँच टीम को पता चला की मृतका की खास फ्रेंड मधु उर्फ पंजाबन डासना, गाजियाबाद के एक मोबाइल नंबर से लगातार संपर्क में थी। लेकिन मधु उर्फ पंजाबन का वारदात वाले दिन से ही मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। टीम ने मधु उर्फ पंजाबन पर मोबाइल सर्विलांस से नजर रखनी शुरू कर दी।
टीम ने सस्पेक्ट मधु उर्फ पंजाबन की कॉल रिकॉर्ड खंगाली तो एक सस्पेक्ट नंबर मिला जोकि वारदात वाले दिन क्राइम सीन के मोबाइल टॉवर की रेंज में एक्टिव था।
सस्पेक्ट नंबर की लोकेशन आनंद विहार इलाके से आ रही थी। टीम ने सस्पेक्ट मोबाइल की पिनपॉइंट लोकेशन ट्रैक करके जीशान नामक व्यक्ति को आनंद विहार इलाके से दबोच लिया। गिरफ्तार जीशान ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथी शौकीन के साथ मिलकर इस मर्डर की वारदात को अंजाम दिया था।
उसने बताया कि शौकीन सुपारी की आधी रकम उसे देने के लिए गांधी नगर पुश्ता रोड पर आएगा।
स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर विकास कुमार ने अपनी टीम के साथ गांधी नगर पुश्ता रोड पर अपना जाल बिछाया। जब मोटरसाइकिल सवार बदमाश वहां पहुंचा और पुलिस ने उसे रूकने का इशारा किया तो वह भागने लगा। उसकी मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ा और वह सड़क पर गिर गया। पुलिस ने उसे आत्मसमर्ण करने को कहा तो उसने पिस्टल से गोलियां चला दी, एक गोली इंस्पेक्टर विकास कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी। जबकि एक गोली पुलिस बैरिकेड पर लगी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, एक गोली शौकीन की टांग में जा लगी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर गया, जिसके बाद टीम ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ में पुलिस को पता चला है मृतक फातिमा और मधु एक ही जगह काम करती थी, दोनों एक दूसरे की परिचित थी। मधु के पास अच्छी खासी संपत्ति है। मधु का इकलौता बेटा है, जिसने प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही वह अपनी मां से अलग रह रहा है। किसी ने मधु को सूचना दी कि मृतक फातिमा उसके बेटे के करीब आकर उसकी संपत्ति को हड़पना चाहती है। मधु जानती थी कि फातिमा के कई बदमाशों के साथ उठ बैठ है, संपत्ति के लिए वह उसकी हत्या भी करवा सकती है। मधु ने पूरा मामला अपनी दोस्त रानी उर्फ रेशमा को बताया। रेशमा ने उससे कहा कि वह अपने प्रेमी शौकीन से कहकर फातिमा की हत्या करवा देगी। रानी ने शौकीन को मधु से मिलवाया। मधु ने बदमाशों को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी दी।
पुलिस रिमांड पर आरोपी शौकीन ने एक और बड़ा खुलाशा करते हुए बताया की
उसने अपनी प्रेमिका रानी के पति अरविंद की अक्टूबर 2021 में हत्या की थी। अरविंद भजनपुरा में रहता था, शौकीन ने पहले उसे अगवा किया था। इसके बाद गला घोंटकर गाजियाबाद में उसका शव ठिकाने लगा दिया था। 16 अक्टूबर 2021 को अरविंद के परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। शौकीन की गिरफ्तारी से पुलिस ने अरविंद की हत्या की गुत्थी को भी सुलझा लिया है।
कॉन्ट्रैक्ट किलर 30 वर्षीय शौकिन खान पुत्र जाफरुद्दीन शादीशुदा और पांच बच्चों का बाप है। यह गौ तस्करी में दो बार गिरफ्तार भी हो चूका है।
दूसरा आरोपी 22 वर्षीय जीशान पुत्र एकबाल एक कंपनी में लेबर का काम करता है।
दोनों कुरेसियां मोहल्ला, वार्ड नंबर 8 डासना, गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क