ठग बाप बेटे गिरफ्तार, 5 स्टार होटल को लगाते थे चूना

0

विजय कुमार दिवाकर
दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे बाप बेटे की जोड़ी को दबोचा है, जो खुद को हाई प्रोफाइल बिजनेसमैन बता, फाइव स्टार होटलों में ठहरता था। फिर उनके लाखों के बिल को चुकाए बिना, वहां से चंपत हो जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बाप और बेटे कमलजीत सिंह और नवदीप सिंह के रूप में हुई है। ये जालंधर पंजाब के रहने वाले हैं। इन पर पंजाब में भी कनाडा के फर्जी इमीग्रेशन अधिकारी बन एक्सटॉर्शन करने का मामला दर्ज है।

आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय त्यागी ने बताया की अलॉफ्ट होटल, एरोसिटी के फ्रंट ऑफिस मैनेजर सनी पाराशर ने थाना आईजीआई एयरपोर्ट में एक ‘पिता और पुत्र’ की जोड़ी के खिलाफ धोखाधड़ी और क्रिमिनल बीच ऑफ ट्रस्ट की शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया की दिनांक 11 अगस्त 2021 को पंजाब निवासी 25 वर्षीय नवदीप ने इनके होटल में चेकइन किया और बाद में इसके पिता कमलजीत सिंह और माँ कुलदीप कौर ने भी उसी कमरे में चेकइन किया। परिवार के तीनों सदस्यों ने होटल अलोफ्ट में ठहरने के दौरान होटल की सभी सुविधाओं का लाभ उठाया। ठहरने, भोजन और अन्य सेवाओं के लिए उनका कुल बिल 3,41,054/-, बना लेकिन होटल में इन्होंने पहले 10 हजार और फिर 50 हजार दो बार में कुल 60 हजार रुपये जमा कराए। 4 सितम्बर 2021 को उसके माता पिता होटल से चले गए। जबकि 5 सितंबर को आरोपी नवनीत 2 घंटों में लौट कर आने की बात बोल कर बिना 2 लाख 81 हजार भुगतान किए होटल से निकला, लेकिन फिर लौट कर नहीं आया। होटल मैनेजर ने आरोपी के मोबाइल पर कॉल भी किया। लेकिन आरोपी ने फोन नहीं उठाया। आरोपी इंटरनैशनल नंबर इस्तेमाल कर रहा था।

आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय त्यागी ने धोखेबाज पिता पुत्र की जोड़ी को दबोचने के लिए बिजेन्द्र बिधूड़ी एसीपी आईजीआई एयरपोर्ट की supervision व यशपाल एसएचओ आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के नेतृत्व में एसआई दिनेश कुमार, एसआई नवीन और हेड कांस्टेबल सुशील की एक टीम बनाई।

पुलिस को investigation के दौरान पता चला की आरोपी परिवार ने होटल अलॉफ्ट में चेकइन के समय अपना आधार कार्ड और पासपोर्ट की फोटो कॉपी जमा करवाई थी। जाँच टीम ने होटल अलॉफ्ट से आरोपियों के आधार कार्ड और पासपोर्ट की फोटो कॉपी को अपने कब्जे में लिया और साथ ही आरोपियों की पहचान के लिए होटल के सीसीटीव फुटेज को खंगाला। आरोपियों ने आपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। टीम को आरोपियों का मोहल्ला शक्ति नगर, विपियो भोगपुर जालंधर पंजाब का पता मिला। आरोपियों को दबोचने के लिए दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के पंजाब के पते पर छापेमारी की। लेकिन आरोपी पंजाब के पते पर नहीं मिले।

जाँच टीम ने आरोपियों के मोबाइल को surveillance पर लगा दिया। लेकिन आरोपियों ने अपना मोबाइल बंद कर रखा था इस कारण पुलिस टीम आरोपियों तक नहीं पहुँच पा रही थी।

लेकिन पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी। investigation के दौरान जाँच टीम को पता चला की आरोपी परिवार लोगो को ठगने के लिए अक्सर दिल्ली एनसीआर के Hotels में आकर रुकता है। किसी भी होटल में चेकइन के समय आधार कार्ड या पासपोर्ट की डिटेल मांगी जाती है। जाँच टीम ने आरोपी परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड व पासपोर्ट नंबर दिल्ली एनसीआर के सभी होटल्स के साथ शेयर किये।

आखिकार जाँच टीम की मेहनत रंग लाई। 19 जनवरी 2022 को आरोपी नवदीप सिंह और उसके पिता कमलजीत सिंह ने महिपालपुर के एक परीक्षित नामके ओयो होटल में चेकइन किया। चेकइन के दौरान आरोपी नवदीप ने अपना आधार कार्ड दिया। होटल स्टाफ ने जैसे ही आरोपी नवदीप के आधार कार्ड को ओयो रूम के सॉफ्टवेर में अपडेट किया एक अलर्ट जाँच टीम के पास पहुँच गया।

अलर्ट मिलते ही यशपाल एसएचओ आईजीआई एयरपोर्ट ने टीम के साथ महिपालपुर में परीक्षित नामके ओयो होटल में छापेमारी कर आरोपी पिता पुत्र को दबोच लिया।
दिनाक 19 जनवरी 2022 को आरोपियों के खिलाफ थाना आईजीआई एयरपोर्ट में एफआईआर संख्या 25/2022 अंडर सेक्शन 406/420/34 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की गई।

पूछताछ में पुलिस को पता चला की आरोपी नवदीप सिंह रैकेट का मास्टरमाइंड है और आरोपी पिता पुत्र खुद को बिजनेसमैन बताकर फाइव स्टार होटलों में रुकते थे। होटल की सुविधा का लाभ उठाते थे और कुछ समय बाद बिना बिल चुकाए भाग जाते थे।

जाँच के दौरान इनके पास से मिनिस्ट्री ऑफ फाइनांस का एक फर्जी लेटर भी बरामद किया गया। फर्जी लेटर को दिखाकर यह होटल वालों पर अपनी धाक जमाते हुए बताते थे कि इनकम टैक्स विभाग से उनके पास 9 करोड़ 50 लाख रुपये आने वाले हैं। उनके चेक कभी बाउंस नहीं होते। वह बहुत अमीर हैं।

आरोपी नवदीप सिंह एजेंट के तौर पर भी काम करता था, जो विदेश में बसाने का फर्जी वादा कर लोगों को ठगता था और अपनी महंगी लाइफस्टाइल दिखाकर भोले भाले ग्राहकों को लुभाने के लिए फाइव स्टार होटलों में ठहरता था।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क