असली पुलिस ने फर्जी पुलिस के चंगुल से छुड़ाया युवक को, ऐसे बिछाया था जाल

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विजय कुमार दिवाकर
दिल्ली के थाना जैतपुर पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में दिल्ली पुलिस का फर्जी आईकार्ड दिखाकर एक 19 साल के लड़के का अपहरण कर लाखों रुपयों की फिरौती मांगने वाले तीन बदमाशों को धर दबोचा है। तीनों बदमाश शॉर्टकट रास्ते से अमीर बनने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान 27 वर्षीय साजिद, 27 वर्षीय वकील व 49 वर्षीय तैयब्बर अली के रूप में हुई है। तीनो लोनी और दयालपुर के रहने वाले है। आरोपियों के कब्जे से फिरौती के 1 लाख 94 हजार रुपये, दिल्ली पुलिस का फर्जी आईकार्ड और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की है।

दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने बताया की दिनांक 18 फरवरी 2022 को थाना जैतपुर में एक लड़के के अपहरण व फिरौती की मांग को लेकर फोन आया था। थाना जैतपुर पुलिस स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा। मौके पर कॉल करने वाली पीड़िता अप्सा बेगम ने बताया की कुछ अज्ञात लोगों ने उसके भतीजे का अपहरण कर लिया है फिरौती के रूप में दो लाख रुपये की मांग की है साथ ही धमकी दी है की अगर पुलिस को बताया तो अंजाम बुरा होगा। तुरंत ही थाना जैतपुर में एफआईआर संख्या 141/2022 अंडर सेक्शन 364/506/34 के तहत मामला दर्ज कर अपहृत लड़के की तलाश शुरू की गई।

दिन दहाड़े हुई अपहरण की वारदात से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने किडनैपर्स को दबोचने और किडनैपर्स के चंगुल से पीड़ित को सकुशल छुड़ाने के लिए बदरपुर के तेजतर्रार एसीपी अजय कुमार की सुपरविजन व उगेश कुमार एसएचओ जैतपुर के नेतृत्व में एसआई विजय, एसआई संजीव, एसआई सत्यप्रीत, एसआई जयप्रकाश, हेड कांस्टेबल जगजीत, कुलश्रेष्ठ व कांस्टेबल दिनेश की एक क्रेक टीम का गठन किया।

एसीपी अजय कुमार ने सबसे पहले किडनैपर्स ने पीड़िता के पास जिस मोबाइल नंबर से फिरौती के लिए कॉल की थी उस नंबर को सर्विलांस पर लगवा दिया। किडनैपर्स के मोबाइल की लोकेशन जैतपुर इलाके से आ रही थी। फिरौती की कॉल के बाद किडनैपर्स ने मोबाइल ऑफ कर लिया था। इस वजह से किडनैपर्स की पिनपॉइंट लोकेशन ट्रैक नहीं हो रही थी। फिर भी किडनैपर्स को दबोचने के लिए उगेश कुमार एसएचओ जैतपुर ने इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च अभियान चलाया।

investigation के दौरान किडनैपर्स ने फिर से अपना फ़ोन ऑन किया और पीड़िता अप्सा बेगम को कॉल करके दो लाख रुपये की फिरौती के साथ लोहिया पुल के पास आने को कहा।

बदरपुर के तेजतर्रार एसीपी अजय कुमार किडनैपर्स को दबोचने का यह मौका हाथ से नहीं निकलने देना चाहते थे। लेकिन किडनैपर्स को लोहिया पुल से दबोचना इतना आसान नहीं था क्योंकि लोहिया पुल के पास कालिंदी नहर और काफी बड़ा जंगल का एरिया था। साथ ही आली विलेज सौरभ विहार जैसा घनी आबादी वाला इलाका भी था। लोहिया पुल से किडनैपर्स के भागने के काफी रास्ते थे।

बदरपुर के तेजतर्रार एसीपी अजय कुमार के नेतृत्व में एसएचओ जैतपुर उगेश कुमार ने एक रणनीति बनाई। एसएचओ जैतपुर उगेश कुमार ने सबसे पहले एक टीम को किडनैपर्स पर टेक्निकल सर्विलांस से नजर रखने को कहा। दूसरी टीम को लोहिया पुल पर सादी वर्दी में तैनात करने के बाद पीड़ित की मौसी को फिरौती की रकम के साथ ऑटो से लोहिया पुल के पास भेज दिया।

कुछ देर बाद एक किडनैपर्स पीड़ित की मौसी के पास आया। योजना के अनुसार पीड़ित की मौसी ने मौके पर आए एक युवक को नोटों से भरा बैग सौंप दिया। जैसे ही किडनैपर्स ने नोटों से भरा बैग पकड़ा जैतपुर थाना पुलिस ने किडनैपर्स को चारो तरफ से घेरकर दबोच लिया। मौके से अपहृत लड़के को सकुशल छुड़ाकर उसके परिवार को सौंप दिया गया । लेकिन दो अन्य किडनैपर्स मोटरसाइकिल लेकर दूर खड़े थे और पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार किडनैपर्स की पहचान शक्ति विहार, दयालपुर, दिल्ली निवासी 27 वर्षीय वकील उर्फ ​​वसीम पुत्र इस्लाम के रूप में हुई।

गिरफ्तार किडनैपर्स की निशानदेही पर उसके दो साथियों 27 वर्षीय साजिद उर्फ ​​फिरोज उर्फ़ फौजी पुत्र सलीम व 49 वर्षीय तैयब्बर अली पुत्र रहीश खान को लोनी, उत्तर प्रदेश से दबोच लिया।

आरोपियों के कब्जे से फिरौती के 1 लाख 94 हजार रुपये, दिल्ली पुलिस का फर्जी आईकार्ड और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया की शॉर्टकट रास्ते से कम समय में अच्छा पैसा कमाने के लिए किडनेपिंग की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने आगे बताया की वो अपने टारगेट की तलाश में जैतपुर इलाके में आये थे। पीड़ित इन्हे पैसे वाला दिखाई दिया। इसलिए पीड़ित को उसके घर से टारगेट करते हुए सौरभ विहार की मस्जिद तक गए। नमाज के बाद जब पीड़ित बाहर आया तो तीनों आरोपियों ने उसे रोका और पुलिस का आईकार्ड दिखाकर कहा कि उसके खिलाफ शिकायत मिली है। उससे पूछताछ के लिए जनकपुरी थाना लेकर जाना है। बाइक पर ही उसे बीच में बैठा लिया गया। लेकिन थाने ले जाने के बजाय उसे लोहिया पुल पर ले गए और फिर वहां से पीड़ित की मौसी को कॉल करके दो लाख की फिरौती मांग डाली।

आरोपी 27 वर्षीय साजिद उर्फ ​​फिरोज उर्फ़ फौजी पुत्र सलीम लोनी का रहने वाला है। यह 8वीं तक पढ़ा है और नशे का आदी है। यह बढ़ई का काम करता था। यह पहले डकैती, आर्म्स एक्ट और चोरी के 3 मामलों में शामिल रहा है।

दूसरा आरोपी 27 वर्षीय वकील उर्फ ​​वसीम पुत्र इस्लाम शक्ति विहार, दयालपुर, दिल्ली का रहने वाला है। यह 7वीं कक्षा तक पढ़ा है । यह कैब ड्राइवर का काम करता था।

तीसरा आरोपी 49 वर्षीय तैयब्बर अली पुत्र रहीश खान भीलोनी, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। यह अनपढ़ है। यह दर्जी का काम करता था।

सनसनी ऑफ इंडिया नेटवर्क