“राधा स्वामी सत्संग” के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश

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विजय कुमार दिवाकर
दिल्ली पुलिस ने ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सभी आरोपी खुद को “राधा स्वामी” सत्संग का अनुयायी और तांत्रिक गुरु बता लोगों की परेशानी दूर करने का आश्वासन दे बड़े पैमाने पर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। यह गैंग खासकर महिलाओं को अपना निशाना बनाता था और महिलाओं को अपने बातों के जाल में फंसाकर उनके कीमती जेवर ठग लेता था। पुलिस ने इनके पास से 15 लाख रुपए के जेवरात बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने हरियाणा के गुड़गांव, फरीदाबाद, राजस्थान के हनुमानगढ़, पंजाब के मोहाली में कई लोगों के साथ प्रॉपर्टी के फ्रॉड भी किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 50 वर्षीय लव कुमार उर्फ़ डब्बू 24 वर्षीय आशु अरोड़ा और 62 वर्षीय रजनी अरोड़ा के रूप में हुई है।

दिनांक 25 जनवरी 2022 को थाना साउथ रोहिणी में शशि बत्रा नाम की महिला ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत की थी।
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया की 25 जनवरी को दोपहर बाजार से अपने घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थी लगभग 12 बजकर 15 मिनट पर एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और किसी पते का रास्ता पूछने लगा। मना करने पर वो उसके बगल में खड़ा हो गया। तभी अचानक से एक महिला भी आई और कहा कि तुम इन बाबा को नहीं जानतीं, यह “राधा स्वामी” के अनुयायी है और बहुत पहुंचे हुए गुरु के भक्त हैं. यह जो चाहते हैं, वह हो जाता है। यह आपको हर तरह की परेशानियों से छुटकारा दिला सकते है। आरोपी महिला ने पीड़िता को अपने बातों के जाल में फंसा लिया और दोनों लोग पीड़िता को बहला फुसलाकर पार्क में ले गए। और सोने की चूड़ियां, अंगूठी और कान की अंगूठी उतारने को कहा। पीड़ित महिला आरोपियों के झांसे में आ गई और जो कुछ भी मांगा उन्हें सौंप दिया। पीड़िता के पहने हुए कान के बुंदे चूड़ियां सारे जेवरात उतरवा लिए और एक रूमाल में रख दिए। ढोंगी बने हुए बाबा ने महिला को अपनी बातचीत में उलझा कर रखा था। इसी बीच आरोपी महिला ने बड़ी चतुराई से रूमाल बदल दिया जिसमें कुछ नकली सामान था और महिला से कहा कि इस पैकेट को अपने सिरहाने रख कर सो जाना। सुबह उठोगी तो यह दोगुने हो चुके होंगे। बस फिर क्या था, महिला घर पहुंची और ज़ेवर तकिए के नीचे रख दिए। लेकिन जब महिला सुबह सो कर उठी, तो उसने देखा पैकेट में उसके गहने नहीं, बल्कि लोहे के चूड़ियां और आर्टिफिशियल ज्वेलरी थी। इसी दौरान शशि बत्रा समझ चुकीं थीं कि उनके साथ फ्रॉड हो गया है और उनकी लाखों रुपए की ज्वेलरी लेकर जालसाज फरार हो चुके हैं।

पीड़िता की शिकायत पर थाना रोहिणी में दिनांक 25 जनवरी 2022 को धारा 420/34 के तहत मामला दर्जकर जाँच शुरू की गई।

अब दिल्ली पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती थी कि आखिर खुद को अध्यात्मिक गुरु बता कर लूटपाट करने वाला यह गैंग कौन सा है। ठगी की वारदात को क्रैक करने के लिए संजय कुंडू एसएचओ दक्षिण रोहिणी के नेतृत्व में एसआई वीरेंद्र सिंधु, हैड कांस्टेबल प्रदीप, कांस्टेबल बलजीत और कांस्टेबल आशीष की एक टीम का गठन किया गया।

जाँच टीम ने सबसे पहले वारदात स्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। एक सीसीटीवी फुटेज में जाँच टीम को एक लाल रंग की स्पार्क कार नजर आई। सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से जांचने पर टीम को पता चला की वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति और महिला उसी लाल रंग की स्पार्क कार में आये थे। जाँच टीम ने वारदात स्थल पर आने जाने वाले रूटों के सीसीटीवी फुटेज को बार बार स्कैन किया। टीम की कड़ी मेहनत रंग लाई। सीसीटीवी फुटेज में स्पार्क कार के आखिरी चार नंबर जाँच टीम को मिले।

इसके बाद आखिरी चार नंबरों से मिलती सभी रेड कलर की स्पार्क कार का विवरण आरटीओ कार्यालय से प्राप्त किया गया। छानबीन करने पर पता चला कि सस्पेक्ट चार नंबर वाली लाल रंग की स्पार्क कार कुलवंत सिंह पुत्र सुंदर लाल निवासी मकान नंबर के 279 खड़ा कॉलोनी, बुराड़ी, दिल्ली के नाम पर रजिस्टर्ड है। पूछताछ के दौरान पता चला कि कुलवंत सिंह ने अपनी कार एक जोगिंदर सिंह को बेच दी थी, जिसने इसे आगे लव कुमार उर्फ ​​डब्बू को बेच दिया था। इसके बाद लव कुमार की तलाश शुरू कर दी गई।

मुखबिरों की मदद से सस्पेक्ट लव कुमार का पता मिल गया। पुलिस ने कार मालिक और कार पर नजर रखना शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि 28 जनवरी को यह कार गुड़गांव की तरफ जा रही है और इनमें बैठे वही तीनों लोग फिर से किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। लिहाजा पुलिस ने रास्ते में ही इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 50 वर्षीय लव कुमार उर्फ़ डब्बू पुत्र हीरा लाल निवासी मकान नंबर 24, कादीपुर, दिल्ली, 24 वर्षीय आशु अरोड़ा पुत्र रमेश अरोड़ा निवासी मकान नंबर 62/63, मनका रोड, लुधियाना, पंजाब और 62 वर्षीय रजनी अरोड़ा उर्फ़ रानी बाला निवासी मनका रोड, लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है।

पूछताछ में पुलिस टीम को पता चला की इन लोगों ने हरियाणा के गुड़गांव, फरीदाबाद, राजस्थान के हनुमानगढ़, पंजाब के मोहाली में कई लोगों के साथ प्रॉपर्टी के फ्रॉड किए हैं। इन लोगों ने चंडीगढ़ में भी अध्यात्मिक गुरु बनकर एक महिला के साथ जेवरात लूट लिए थे। इस गैंग में शामिल महिला रजनी अरोड़ा पहले भी कई मामलों में शामिल रही है। इसने पंचकूला हरियाणा और चंडीगढ़ में कई वारदातों को अंजाम दिया है। रजनी अरोड़ा 2015 से 2021 तक जेल में भी रही है। वह कुरुक्षेत्र जेल में बंद थी। जेल से छूटने के बाद उसने लव कुमार नाम के एक शख्स से मुलाकात की, जिसके बाद दोनों ने मिलकर इस तरह से लोगों को ठगना शुरू कर दिया।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क