सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
हरियाणा, फरीदाबाद।
हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस के साइबर सेल ने खुद को कार कंपनियों का कर्मचारी बताकर कार की वारंटी एक्सटेंड करने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है.

डीसीपी (मुख्यालय) डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि आरोपी अपने आप को कार कम्पनी का कर्मचारी बताकर लोगों को कॉल करते थे. फिर उनकी गाड़ी की वारंटी एक्सटेंड कराने के नाम पर कम रकम का चैक मैजिक पेन से भरवाते थे. इसके बाद ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर की कॉल अपने नम्बर पर डाइवर्ट करते थे. और आरोपी उस चेक में रकम बदलकर बैंक में जमा करवा देते थे.

जब बैंक कर्मचारी रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर वेरिफिकेशन कॉल करता था, तो उसे आरोपियों ही वेरीफाई करते थे. क्यूंकि चेक के असल मालिक की कॉल आरोपी अपने नंबर पर डाइवर्ट करवा लेते थे.

डीसीपी के मुताबिक आरोपियों ने सेक्टर 15 निवासी अशोक खन्ना को इसी तरह से झांसा देकर उनसे 1100 रुपये का चेक मैजिक पैन से भरवाया और फिर उनके बैंक खाते से से करीब 1,90,000 रुपये धोखाधड़ी से निकाल लिए. जब इस बात की भनक अशोक को लगी तो उन्होंने इसकी शिकायत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई.

पुलिस ने इस संबंध में 16 जनवरी को आईपीसी की धारा 406, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी और 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया और मामले की छानबीन शुरू की. इस मामले में पुलिस आयुक्त ओ.पी. सिंह ने भी संज्ञान लिया और आरोपियों को जल्द पकड़ने के आदेश जारी किए.

इस केस को सुलझाने के लिए साइबर थाना प्रभारी बसन्त कुमार की अगुवाई में एसआई नरेंद्र, एसआई राजेश, एचसी दिनेश और अन्य पुलिसकर्मियों सहित एक टीम का गठन किया गया था. इस टीम ने तकनीक और सर्विलांस की मदद से 4 आरोपियों को दिल्ली के हर्ष विहार इलाके से गिरफतार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान पवन उर्फ गौरव, राहुल, बलबीर और अमित उर्फ मोना के तौर पर हुई है.

डीसीपी अर्पित जैन ने बताया कि आरोपियों ने इसी तरीके से एनसीआर में कई लोगों से धोखाधड़ी करके एक करोड़ रुपये ठग लिए. आरोपी जस्टडायल जैसी सेवा से लोगों के नंबर हासिल करते थे. आरोपी पवन और बलवीर लोगों को फंसाने का काम करते थे. जबकि राहुल और अमित चेक को कैश कराने का काम करते थे. आरोपी पवन और बलबीर दोनों दोस्त हैं.

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकद 1 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, वोटर आई.डी. कार्ड, मैजिक पेन और एक बैग बरामद किया है. पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने 2 अन्य वारदातों का खुलासा भी किया है. आरोपियों के खिलाफ पिछले साल 29 अक्टूबर को थाना सेक्टर 31 में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके बाद 31 दिसंबर को एक अन्य मामला थाना सराय ख्वाजा, फरीदाबाद में दर्ज किया गया.

पुलिस ने सोमवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस को भी आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में सूचना दे दी गई है. इसके अलावा भी आरोपियों ने करीब 40 से ज्यादा वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है.