सिद्धू हत्याकांड : कई गर्लफ्रेंड रखने के कारण पुलिस के गिरफ्त में पहुंचा ‘फौजी’

0
विजय कुमार दिवाकर
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड शार्प शूटर्स प्रियव्रत उर्फ फौजी को एक से ज्यादा कई गर्लफ्रेंड रखना भारी पड़ गया। गर्लफ्रेंड की निशानदेही पर शार्प शूटर्स प्रियव्रत उर्फ फौजी सहित तीन शार्प शूटर दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गये । गिरफ्तार शूटरों की पहचान हत्या का मास्टरमाइंड सोनीपत निवासी 26 वर्षीय प्रियव्रत उर्फ फौजी, झज्जर निवासी 24 वर्षीय कशिश उर्फ कुलदीप और भटिंडा पंजाब निवासी 29 वर्षीय केशव कुमार के रूप में हुई है। तीनो आरोपी गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के नजदीक एक किराए के मकान में छिपे हुए थे। इनके पास से 8 ग्रेनेड, 9 इलेक्ट्रिक डिटोनेटर, 3 पिस्तौल, 50 गोलियां और एक असॉल्ट राइफ़ल बरामद किए गए।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। पंजाब के अलावा दिल्ली और महाराष्ट्र की पुलिस भी शूटर्स को गिरफ्तार करने के लिए जोर लगा रही थी, लेकिन कामयाबी दिल्ली पुलिस के प्रमोद कुमार कुशवाह डीसीपी स्पेशल सेल की सुपरविजन व ललित मोहन नेगी और हृदय भूषण एसीपी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सुनील राजेन, रविंदर जोशी, विनय पल और अरविन्द की टीम को मिली।
स्पेशल सेल की टीम शार्प शूटर्स तक कैसे पहुंची अपने आप में रोचक है। बताया जा रहा है कि गैंगस्टर लारेंस बिश्रोई और गैंगस्टर गोल्डी बरार गैंग में कोई बदमाश गर्लफ्रेंड नहीं रखता है। गैंग में शूटर प्रियव्रत उर्फ फौजी ही गर्लफ्रेंड रखता था। प्रियव्रत उर्फ फौजी की एक नहीं चार चार गर्लफ्रेंड थी । यही गलती शूटर प्रियव्रत उर्फ फौजी को भारी पड़ गई।
शूटर प्रियव्रत उर्फ फौजी की चौथी गर्लफ्रेंड को तीसरी गर्लफ्रेंड के बारे में पता लग गया था। चौथी गर्लफ्रेंड को लगता था कि वह प्रियव्रत की अकेली गर्लफ्रेंड है। इसके बाद वह प्रियव्रत से नाराज हो गई और वह किसी जानकार के जरिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल तक पहुंच गई थी। चौथी गर्लफ्रेंड ने पुलिस को पूरी जानकारी दे दी थी। पुलिस तीसरी गर्लफ्रेंड के मोबाइल सर्विलांस के जरिए दिनांक 19 जून की सुबह 6 बजे शूटर प्रियव्रत उर्फ फौजी तक खारी मीठी रोड, ग्राम बरोई, मुंद्रा, जिला कच्छ गुजरात पहुंच गई थी और शूटर प्रियव्रत उर्फ फौजी के जरिए ही पुलिस ने सिद्धू हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पंजाबी सिंगर सिद्धू की हत्या करने के बाद आरोपी जल्दी जल्दी अपनी छिपने की जगह बदल रहे थे। ये हर दो दिन में अपनी जगह बदल लेते थे।
कनाडा में बैठा गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई हर हाल में सिद्धू को मारना चाहते थे। दोनों गैंगस्टर चाहते थे कि मूसेवाला की मौत की चर्चा हर तरफ हो।
स्पेशल सेल डीसीपी एचजीएस धालीवाल ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या में दो मॉड्यूल शामिल थे। पहला मॉड्यूल बोलेरो गाड़ी में था जिसका नेतृत्व प्रियव्रत फौजी कर रहा था। गाड़ी में ड्राइवर और मनप्रीत के अलावा अंकित सिरसा और दीपक मुंडे इनके साथ थे।
दूसरा मॉड्यूल कोरोला गाड़ी में सवार था जिसमें मनप्रीत मन्नू ट्राइवर के क़रीब बैठा था।
वारदात वाले दिन गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से दोनों संपर्क में थे।
शूटर साजिश की प्लानिंग कर ही रहे थे कि संदीप केकड़ा ने 29 मई को सिद्धू के बिना सिक्योरिटी घर से निकलने की खबर दे दी। उस समय सिद्धू के साथ दो मित्र थे लेकिन कोई सिक्योरिटी नहीं थी।
शूटरों ने सिद्धू की गाड़ी का पीछा किया। आगे बढ़ने पर कोरोला ने सिद्धू की गाड़ी को एवरटेक किया और फिर मनप्रीत मन्नू ने एके 47 से उनपर गोलियां चलाईं। ये गोलियां सिद्धू को लगीं।
इसके बाद कोरोला में सवार दोनों लोग उतरे, तब तक पीछे से आती बोलेरो उनके नज़दीक आ गई थी। बोलेरो से भी चारों शूटर उतरे और छह लोगों ने सिद्धू की गाड़ी पर हमला किया।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने के बाद प्रियव्रत ने कनाडा में गोल्डी बरार को फोन कर बताया था कि सिद्धू का काम तमाम कर दिया है। यानि सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी है।
वारदात को अंजाम देकर ये लोग दोनों गाड़ियों में वहां से निकल गए। वहां से जाने के बाद बोलेरो में सवार लोगों ने कुछ किलोमीटर आगे जाकर बोलेरो छोड़ दिया। उन्हें केशव ने वहां से लेकर फतेहपुर तक पहुंचाया। ये लोग कुछ दिन तक फतेहपुर में कुछ दिन तक रूके थे।
घटना वाले दिन कशिश और प्रियव्रत फतेहगढ़ के एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में एक साथ दिखे थे।
प्रियव्रत उर्फ फौजी

गिरफ्तार पहला शार्प शूटर व सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड गढ़ी सिसाना, सोनीपत, हरियाणा का निवासी प्रियव्रत उर्फ फौजी पुत्र जय भगवान हरियाणा का गैंगस्टर है। 26 साल के प्रियवत पर मूसेवाला की हत्या से पहले भी मर्डर के 2 मामले चल रहे थे। सोनीपत में ही हुई एक हत्या के मामले में फौजी को 2015 में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को 2021 में हुए एक मर्डर के मामले में उसकी तलाश थी।

कशिश उर्फ़ कुलदीप

दूसरे शूटर का नाम कशिश उर्फ़ कुलदीप पुत्र दिनेश है। 24 साल का कुलदीप हरियाणा के झज्जर जिले के सज्यान पाना गांव के वार्ड नं 11 का रहने वाला है। हरियाणा के झज्जर में 2021 में हुई एक हत्या के मामले में उनकी तलाश थी। यह बोलेरो का ड्राइवर और शूटर भी है ।

केशव कुमार

तीसरा आरोपी 29 साल का केशव कुमार पुत्र लाल चंद मकान नंबर 11385 गली नंबर एक आवा बस्ती, भटिंडा, पंजाब का रहने वाला है। इसने शूटरों के साथ कई बार सिद्धू मूसेवाला के घर की रेकी की। हत्या की घटना से पहले कार में शूटरों को लेकर मानसा तक गया था, हत्या के बाद भी वो शूटरों को कार में बैठाकर वहां से ले गया था। इससे पहले इसको 2020 में बठिंडा, पंजाब के एक हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसका पंजाब में रंगदारी के अन्य मामलों में शामिल होने का संदेह है।

आरोपियों को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया,जहां से तीनों को 4 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज गिया गया है।
सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क