सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने (ईओडब्ल्यू) ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 23 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के मामले में एक सेल्स एजेंसी के मालिक अमित बरतारिया को गिरफ्तार किया है। फंडविज नाम की कंपनी की तरफ से आरोपित ने दूसरे की प्रापर्टी पर 23 करोड़ रुपये लोन लिया था। लेकिन इसकी किश्त का भुगतान नहीं किया गया। पुलिस ने आरोपित को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया।

अमित बरतारिया गिरफ्तार

फर्जीवाड़ा के इस मामले में आरोपित के दो सहयोगी अमृत मान और नीलांजन मजुमदार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस फिलहाल आरोपित से पूछताछ कर रही है।

ईओडब्ल्यूइ के ज्वाइंट कमिश्नर डॉ आपी मिश्रा ने बताया कि हिंदुजा लीलैंड फाइनांस कंपनी ने गत वर्ष ठगी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। कंपनी ने पुलिस को बताया था कि फर्जी दस्तावेज पर अन्य व्यक्ति की संपत्ति को गिरवी रख आरोपित ने 23 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़ा किया है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित के दो सहयोगियों को तो गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन ग्रेटर नोएडा गौर सिटी निवासी अमित बरतारिया फरार चल रहा था।

पुलिस की टीम ने शुक्रवार को उसे भी धर दबोचा। पूछताछ में पता चला कि आरोपित ने ठगी का अपना एक गिरोह बना रखा था। गिरोह के सदस्य ऐसे व्यक्तियों ने की संपत्ति को निशाना बनाते थे जिनकी मौत हो चुकी है। बाद में वे उस संपत्ति का जाली कागजात बनाकर वित्तीय संस्थान से ऋण प्राप्त कर लेते थे और उन रुपये को हड़प जाते थे।