विजय कुमार दिवाकर
नई दिल्ली। डीटीसी से रिटायर महिला और इंडिगो एयरलाइंस में जॉब छोड़ चुकी उनकी बहू की शुक्रवार सुबह रोहिणी सेक्टर-4 में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में स्नेहलता (62) के पति रिटायर्ड टीचर सतीश चौधरी (64) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसे पत्नी और बड़े बेटे की बहू पर शक था। पुलिस के मुताबिक, प्रज्ञा (35) के पति गौरव आईबीएम सिंगापुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। छोटा बेटा सौरभ (30) अविवाहित है और बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजिनियर है। सौरभ गुरुवार रात को ही घर आए थे।
सतीश ने पहले पत्नी को चाकू मारा तो वह कमरे से भागीं, फिर सतीश ने बहू पर चाकू से वार किए। उसी कमरे में पोता-पोती सो रहे थे लेकिन वे बच गए। बचाव में आए बेटे पर भी हमला किया। सौरभ ने पिता को कमरे में बंद करके पुलिस को सूचना दी। इलाज के दौरान स्नेहलता और प्रज्ञा की मौत हो गई।

दूसरे घर जाने से पहले वारदात
पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि सास और बहू जल्द ही गुड़गांव शिफ्ट होने वाले थे। पूरा परिवार सतीश चौधरी से परेशान था। घर का माहौल बिगड़ने से बचाने के लिए बेटों और सास-बहू ने गुड़गांव में अलग मकान लेकर रहने की योजना बनाई थी। छोटे बेटे के साथ वे लोग शुक्रवार को ही गुड़गांव जाने वाले थे। सतीश को इसकी भनक मिली तो उसने वारदात कर डाली। पुलिस ने बताया कि सतीश चौधरी ने पूछताछ में कबूला है कि उसे इस हत्याकांड को अंजाम देने का कोई मलाल नहीं है।

आरोपी को पछतावा नहीं
न कोई शिकन, न पछतावा विजय विहार थाने से जब सतीश को अदालत में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था तो उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं दिख रही थी। पूछताछ में उसने बताया कि पत्नी और बहू की हत्या करने का उसे कोई मलाल नहीं है। वे दोनों गलत थे, इसलिए उनकी हत्या करने का बिल्कुल भी पछतावा नहीं है। छोटे बेटे पर चाकू से हमला करने की बात पर सतीश ने बताया कि बेटे पर हमला करने का कोई इरादा नहीं था। बचाव में आने के दौरान उसने चाकू छीनने की कोशिश की, जिस वजह से उसे चाकू लग गया।

अलग बनता था खाना
बुजुर्ग रिटायर टीचर की सनक से पूरी फैमिली परेशान थी। इस वजह सास-बहू का खाना अलग बनता था, जबकि बुजुर्ग की रसोई अलग चलती थी। बड़े बेटे के बच्चे बड़े होने लगे थे। घर का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा था। इसलिए बहू और पत्नी ने अलग होने का फैसला कर लिया। इस पर दोनों बेटे भी सहमत हो गए। गुड़गांव में एक मकान भी ले लिया। बेंगलुरु से छोटा बेटा गुरुवार को ही दिल्ली आया। पिता को गुड़गांव शिफ्ट होने की जानकारी दी गई। शुक्रवार को जाने का प्लान बन गया। बुजुर्ग तिलमिला गए… लगा पत्नी और बहू अलग होने पर तो आजाद हो जाएंगे। बस, इसी उधेड़बुन में बुजुर्ग ने दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दे दिया।

पत्नी-बहू की आजादी से दिक्कत
पुलिस अफसरों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी सतीश चौधरी (64) ने बताया कि छोटा बेटा सौरभ गुरुवार को बेंगलुरु से आया तो उसे पत्नी स्नेहलता और बहू प्रज्ञा के अपने बच्चों समेत गुड़गांव शिफ्ट होने की जानकारी मिली तो वो परेशान हो गया। सोचा कि उसके सामने रहते हुए जब दोनों गलत काम कर रहे हैं तो दूर रहने पर उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं होगा। वह रोहिणी में अकेला रह जाएगा। इसलिए दोनों को खत्म करने का फैसला किया।

पत्नी बहू पर करता था शक
पुलिस के मुताबिक, सतीश अपने दोनों बेटों को बचपन से अपनी पत्नी का चरित्र खराब होने की बात कहता रहता था। बड़े बेटे गौरव की शादी हुई तो उसकी पत्नी पर भी शक करने लगा। इससे परिवार में टेंशन बढ़ने लगी तो एक साल पहले अलग होने की सुगबुगाट शुरू हो गई थी। सभी ने सतीश को अकेला छोड़ने का फैसला कर लिया और शुक्रवार को गुड़गांव शिफ्ट होने जा रहे थे। इसलिए उसने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे दिया।

बेटे से बोली, बहू को बचा लो
पुलिस को सौरव ने बताया कि वह ड्राइंग रूम में सो रहा था। मां की चीख सुनकर उसकी नींद खुली। उसके कमरे का गेट बाहर से बंद था। मां ने किसी तरह गेट खोला और चिल्लाने लगी कि प्रज्ञा को बचा लो। मां के हाथ में उसका एक वर्षीय भतीजा भी था, जो खून से लथपथ था। उसने पहले दोनों बच्चों को पड़ोसी को दिया और फिर पिता को काबू किया। इस दौरान सौरव के हाथ में चाकू से चोट लग गई। इसके बावजूद उसने अपने पिता को धक्का देकर काबू कर लिया।

सोते समय गोद दिया
शुक्रवार सुबह जब सास-बहू सोई हुई थीं तो आरोपी ने अपने बेटे के कमरे का गेट बाहर से बंद कर दिया। उसके बाद वह प्रज्ञा के कमरे में पहुंचा। आरोपी ने प्रज्ञा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। बीच-बचाव के लिए आई स्नेहलता को भी उसने चाकू से गोद दिया। शोर सुनकर सौरव उठा और गेट पीटने लगा। स्नेहलता ने घायल अवस्था में बेटे के कमरे का गेट खोला तो सौरव ने पिता को पकड़ लिया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।

दिल्ली के विजय विहार में शुक्रवार सुबह करीब 5.10 बजे बुजुर्ग ने अवैध संबंध के शक में अपनी पत्नी और बहू की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। मृतकों में 62 वर्षीय स्नेहलता चौधरी और 35 वर्षीय एयरहोस्टेस प्रज्ञा चौधरी शामिल हैं। 64 वर्षीय आरोपी सतीश चौधरी ने स्नेहलता और प्रज्ञा पर चाकू से सात बार किए और बाद में उनका गला रेत दिया। आरोपी के बेटे सौरव चौधरी ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी को घर से ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सतीश ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी पत्नी और बहू एक ही कमरे में सोती थीं। उसे शक था कि दोनों के किसी के साथ अवैध संबंध हैं। दोनों दिल्ली से घर शिफ्ट कर शुक्रवार को ही गुरुग्राम जाने वाले थे, जिसके चलते वह परेशान था। उसे लगता था कि गुरुग्राम में वह उन पर नजर नहीं रख सकेगा और दोनों अपनी मनमानी करेंगी, जिससे उसकी बेइज्जती होगी। पुलिस उपायुक्त एसडी मिश्रा ने बताया कि सतीश चौधरी बी-6 रोहिणी सेक्टर-4 में रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी स्नेहलता चौधरी, दो बेटे गौरव व सौरव, गौरव की पत्नी प्रज्ञा और दो बच्चे शामिल हैं। स्नेहलता डीडीए से सेवानिवृत्त थीं। गौरव सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और सिंगापुर में रहता है। सौरव बेंगलुरू में रहता है। वह 2 दिसंबर से दिल्ली आया हुआ था। प्रज्ञा इंडिगो एयरलाइंस में एयरहोस्टेस थी। शुक्रवार सुबह पुलिस को सौरव ने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने घायल हालत में प्रज्ञा और स्नेहलता को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्रज्ञा को मृत घोषित कर दिया, जबकि स्नेहलता की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सतीश को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपने ही घर में परिवार से दूरी बनाकर रहता था।

पहले भी झगड़ा हुआ :
एक माह पहले गौरव सिंगापुर लौट गया था। इसके बाद आरोपी सतीश बहू व पत्नी पर गहने और नकदी उसे देने का दबाव बना रहा था। इसे लेकर उसका 30 नवंबर और 1 दिसंबर को दोनों से झगड़ा हुआ। सौरव ने दिल्ली आकर तीनों का झगड़ा खत्म करा दिया था। आरोपी बेटों और बहू का वेतन भी अपने पास रखता था।

प्रज्ञा के गर्भवती होने पर शक गहराया :
आरोपी सतीश प्रज्ञा पर शक करता था। एक साल पहले प्रज्ञा डेंटिस्ट के पास गई थी, जहां से आने में उसे देर हो गई।घर लौटने पर आरोपी ने उसे धमकाया।वह बहू को कार में लेकर दंत चिकित्सक के पास यह पूछने गया कि वह वहां गई थी या नहीं। अब भी बहू के गर्भवती होने पर उसका शक गहरा गया था।उसे लगता था कि यह बच्चा गौरव का नहीं है, क्योंकि वह सिंगापुर में है।

प्रेम विवाह किया था
परिजनों ने बताया कि गौरव और प्रज्ञा की जान पहचान मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए हुई थी। दोनों ने वर्ष 2013 में शादी कर ली। तीन साल पहले गौरव की नौकरी सिंगापुर में लग गई। सिंगापुर जाने के बाद गौरव ने प्रज्ञा और अपनी बेटी को भी वहां बुलाया लिया था। प्रज्ञा एक वर्ष वहां रही और फिर भारत आ गई।

गुनाह का पछतावा नहीं
आरोपी को अपने किए गुनाह पर कोई पछतावा नहीं है। आरोपी ने पुलिस के सामने दिए बयान में यह स्वीकार किया है कि उसने सोच-समझकर यह कदम उठाया है।