मुठभेड़ के बाद दबोचे लुटेरे, 160 Kms, 1000 CCTV खंगालने में फूल गए पुलिसवालों के हाथ पैर

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Vijay Kumar Diwakar

शाहदरा स्पेशल स्टाफ ने करीब 160 किलोमीटर के दायरे में लगे 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद दिल्ली में लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले चार शातिर और खूंखार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद धर दबोचा है। गिरफ्तार बदमाश इतने खतरनाक थे की वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथ पिस्टल के अलावा Pepper spray व लोहे का हथौड़ा भी रखते थे। खतरा महसूस होने पर यह लोग आम आदमी हो या पुलिस टीम किसी पर भी हथौड़े से हमला करने और यहां तक कि गोली चलाने से भी नहीं हिचकिचाते थे। बदमाश 28 जनवरी को थाना मानसरोवर इलाके में तीन लाख की लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। बदमाश इतने शातिर थे की दिल्ली में वारदात को अंजाम देने आने से पहले अपने अपने फोनों की बैटरी निकाल देते थे ताकि उनके मोबाइल की लास्ट लोकेशन उनका अपना घर आये । लेकिन शाहदरा स्पेशल स्टाफ बदमाशों से चार कदम आगे निकला और 44 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद बदमाशों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की। डीसीपी शाहदरा आर सत्यसुंदरम ने बताया कि 28 जनवरी 2022 को थाना मानसरोवर पार्क में एफआईआर संख्या 170/22 धारा 392/397/34/27 आर्म्स एक्ट के तहत लूट का एक मामला दर्ज किया गया था। जिसमे 39 वर्षीय एक शिकायतकर्ता ने अपनी लिखित शिकायत में बताया था की वो वर्षा उद्योग बवाना, दिल्ली में कैश collection agent की नौकरी करता है। 28 जनवरी 2022 दोपहर लगभग तीन बजकर चालिश मिनट पर दुकानों से कैश कलेक्ट करके पूर्वी राम नगर में स्कूटी रोककर किसी का इंतजार करने लगा तभी उसकी स्कूटी के दोनों तरफ दो अपाची मोटर साइकिल पर सवार चार लोग आये और उससे पैसे से भरा बैग छीनने लगे उसके विरोध करने पर मोटर साइकल सवार एक लड़के ने उसकी तरफ पिस्तौल तान दी और उससे तीन लाख रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग गए। दिन दहाड़े हुई लूट की वारदात से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया। डीसीपी शाहदरा आर सत्यसुंदरम ने अपराधियों को दबोचने के लिए तुरंत ही महेन्दर सिंह एसीपी Operations की supervision व इंस्पेक्टर विकास इंचार्ज स्पेशल स्टाफ शाहदरा के नेतृत्व में एसआई योगेश, विनीत, प्रशांत, एएसआई कृषणपाल, वेदपाल, सुखबीर, हैडकांस्टेबल सर्वेश, सिद्धार्थ, राजीव, अनुज, सचिन, राजेश, कांस्टेबल नितिन, विपिन, हरकेश और कुलदीप की एक क्रेक टीम का गठन किया। जाँच टीम ने क्राइम सीन के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला की दो अपाची मोटरसाइकिलों पर चार लोगों ने वारदात को अंजाम दिया है। जिस route से बदमाशों के भागने की आशंका थी जाँच टीम ने उस route पर पड़ने वाले सभी corners, multiple turns, मकानों, दुकानों, बस स्टॉप और रेड लाइट पर लगे सीसीटीव फुटेजों को खंगाला। क्राइम सीन से करीब 160 किलोमीटर के दायरे में लगे 1000 से अधिक एक एक सीसीटीवी कैमरे को खंगालते खंगालते जाँच टीम बदमाशों की तलाश में खुर्जा, बुलंदशहर तक पहुँच गई। खुर्जा, बुलंदशहर से आगे के सीसीटीवी फुटेजों में बदमाश दिखाई नहीं दे रहे थे इससे जाँच टीम ने अंदाजा लगा लिया की आरोपी खुर्जा, बुलंदशहर में ही कहीं छुपे हुए हैं। टीम ने आरोपियों की पहचान के लिए खुर्जा गांव में डेरा डाल लिया। टीम ने खुर्जा से दिल्ली आने जाने वाले लोगो पर Technical surveillance से नजर रखनी शुरू कर दी। 2500 से अधिक नंबरों के dump डाटा को स्कैन किया। गांव में मुखबिरों का जाल बिछाया। टीम के कुछ सदस्य सादी बर्दी में गांव की हर एक गली में घूम घूमकर आरोपियों को खोजने का प्रयास कर रहे थे। एक टीम ने मुखबिरों की मदद से खुर्जा गांव में अपाची मोटरसाइकिल रखने वालो की डिटेल जमा की। फिर उस डिटेल में से उन लोगों को स्कैन किया जो अपाची मोटरसाइकिल से दिल्ली अप डाउन करते हैं। लगभग दो हफ्तों की कड़ी मेहनत के बाद टीम ने खुर्जा गांव के चार सस्पेक्ट लोगों टारगेट किया। सस्पेक्ट बदमाशों को गिरफ्तार करने में टीम के सामने एक सबसे बड़ी समस्या आ रही थी की दिल्ली में वारदात के समय इनके मोबाइल की लोकेशन खुर्जा गांव में थी। बारीकी से जाँच करने पर टीम को पता चला की चारो सस्पेक्ट बड़े शातिर बदमाश है। दिल्ली में वारदात को अंजाम देने जाने से पहले यह लोग अपने अपने फोनों की बैटरी निकाल देते थे ताकि उनके मोबाइल की लास्ट लोकेशन उनका अपना घर आये। जाँच में टीम को यह भी पता चला की वारदात को अंजाम देने जाते समय खुर्जा बुलंदशहर से मेरठ के रास्ते दिल्ली नॉन स्टॉप जाते है और दिल्ली में डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस को चकमा देने और सीसीटीवी से बचने के लिए गांवों की आड़ी तिरछी गलियों से होकर आते हैं । टीम ने आरोपियों के चारो तरफ मुखबिरों का जाल बिछा दिया। मुखबिरों ने टीम को बताया की बदमाशों को खुर्जा, बुलंदशहर में दबोचना आसान नहीं है। क्योंकि बदमाशों ने खुर्जा गांव में अपनी पकड़ बना रखी है। उनकी गिरफ्तारी के समय गांव के लोग टीम पर हमला भी कर सकते है। टीम ने बदमाशों की मूवमेंट पर नजर रखनी शुरू कर दी। इंस्पेक्टर विकास को पूरा भरोसा था की आरोपी एक न एक दिन खुर्जा, बुलंदशहर इलाके से बाहर जरूर निकलेंगे। आख़िरकार कई हफ़्तों के इंतजार के बाद इंस्पेक्टर विकास की टीम को सीक्रेट इनफार्मेशन मिली की आरोपी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे है। टीम को कन्फर्म इनफार्मेशन मिली की सभी आरोपी 11 मार्च 2022 की देर रात सीमापुरी इलाके में वारदात करने के लिए इलाके की रेकी करने आएंगे। इंस्पेक्टर विकास ने बदमाशों की modus operandi को ध्यान में रखते हुए 11 12 मार्च 2022 की मध्यरात्रि में एसआई विनीत और एसआई प्रशांत की तीन टीमों का गठन कर 70 फुटा रोड सीमापुरी पर जाल बिछाया।

इंस्पेक्टर विकास की टीम 1 ने सड़क पर बैरिकेड्स लगाकर कारों की जांच शुरू कर दी।

एसआई प्रशांत की टीम 2 को बैरिकेड्स से 200 मीटर आगे तैनात किया गया था ताकि आरोपी व्यक्तियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने और भागने की कोशिश करने पर उन्हें नियंत्रित किया जा सके।

एसआई विनीत की टीम 3 को बैरिकेडिंग से 200 मीटर पहले तैनात किया गया। ताकि आरोपियों के आते ही वो इंस्पेक्टर विकास की टीम 1 को अलर्ट कर सकें।

देर रात आरोपी व्यक्तियों को आते देखा गया। टीम तीन ने टीम एक को अलर्ट करके आरोपियों को रुकने का इशारा किया।

पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दी। इंस्पेक्टर विकास की टीम 1 ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी व्यक्तियों पर तीन राउंड फायरिंग की। मुठभेड़ के बाद टीम ने सभी आरोपियों को दबोच लिया जिसमे गोली लगने से दो आरोपी घायल हो गए।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान खुर्जा बुलंदशहर निवासी 28 वर्षीय विक्रम सिंह उर्फ़ पिंटू, हाथरस निवासी 25 वर्षीय सुभम चौधरी उर्फ़ सनी, खैर अलीगढ निवासी 21 वर्षीय देव कुमार उर्फ़ दिनेश व थाना सहसानी हाथरस निवासी 29 वर्षीय हरी कृष्ण के रूप में हुई है। इनसे एक पिस्टल, तीन तमंचे, 37 कारतूस, चोरी की दो मोटरसाइकिल, चार हेलमेट, हथौड़ा और पेपर स्प्रे बरामद हुआ है।

पुलिस टीम को पता चला की आरोपी हरि किशन ने वर्ष 2010 में उत्तर पूर्वी दिल्ली के सबोली गांव के एक कारखाने में काफी समय काम किया है इसलिए उसे मंडोली, सबोली और आसपास के गांवों के क्षेत्र से अच्छी जानकारी हैं। काफी समय मंडोली में काम करते रहने से उसे यह भी पता चल गया था की शुक्रवार के दिन मंडोली रोड मार्केट में collection agents बाइक या स्कूटी से पैसा कलेक्ट करते है और इसी की मुखबरी पर यह लूट की वारदात हुई थी।

आरोपियों से लगातार पूछताछ करने पर पता चला है कि आरोपी हरि किशन, विक्रम सिंह, शुभम चौधरी और देव कुमार खुंखार और पेशेवर लुटेरे हैं जो पैसों के लिए लूटपाट करते हैं। यह लोग इतने खतरनाक है की हमेशा अपने साथ पिस्तौल और लोहे का हथौड़ा रखते है। खतरा महसूस होने पर आम आदमी हो या पुलिस टीम किसी पर भी हथौड़े से हमला करने और यहां तक कि गोली चलाने से भी नहीं हिचकिचाते थे।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया की वारदातों में यह लोग चोरी की मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करते थे व वारदात से पहले सभी उत्तर प्रदेश के खुर्जा में इकट्ठा होते थे।

आरोपियों ने बताया की उनको technical surveillance की पूरी जानकारी है इसलिए जब भी वे कोई डकैती करने के लिए निकलते थे तो हमेशा अपने मोबाइल फोन बंद कर देते थे और घर वापस आने पर उन्हें चालू कर लिया करते थे ।

आरोपी विक्रम सिंह उर्फ़ पिंटू पुत्र कोमल सिंह शादीशुदा और तीन बच्चों का पिता है। यह खुर्जा में crockery बनाने की एक फैक्ट्री में काम करता है। यह पहले रॉबरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट व एटेम्पट टू मर्डर जैसे आठ मामलों में जेल जा चुका है।

दूसरा आरोपी सुभम चौधरी उर्फ़ सनी पुत्र बच्चू सिंह भी शादीशुदा और दो बच्चों का बाप है। यह अपने गांव में मजदूरी करता था। यह भी रॉबरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट व एटेम्पट टू मर्डर जैसे सात मामलों में जेल जा चुका है।

तीसरा आरोपी देव कुमार उर्फ़ दिनेश पुत्र तेज सिंह अवविवाहित है। यह खुर्जा में एक Pottery shop पर काम करता है। यह आर्म्स एक्ट के एक मामले में जेल जा चूका है।
चौथा आरोपी हरी कृष्ण पुत्र बाबू सिंह हाथरस में खेतीबाड़ी करता है। यह भी शादीशुदा और तीन बच्चों का बाप है। इसने वर्ष 2010 में मंडोली सबोली इलाके में एक फैक्ट्री में काफी समय काम किया था। इसलिए यह इलाके से अच्छी तरफ से वाकिफ था और इसी की मुखबिरी पर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी हरि किशन और विक्रम सिंह की पुलिस के साथ पहले भी मुठभेड़ हो चुकी है। एक डकैती के दौरान पीड़ित के विरोध करने पर आरोपी हरि किशन ने पीड़ित पर गोली भी चला दी थी। यह रॉबरी, धोखाधड़ी और अटेम्ट टू मर्डर के छह मामलो में पहले भी जेल जा चूका है।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क