पैरोल जंपर गैंगस्टर आबिद अहमद व रोहित चौधरी गैंग का शूटर ‘झंडू’ गिरफ्तार

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विजय कुमार दिवाकर

क्राइम ब्रांच दक्षिणी रेंज आरके पुरम की टीम ने गैंगस्टर आबिद अहमद व गैंगस्टर रोहित चौधरी गैंग के एक ऐसे खतरनाक शार्प शूटर को दबोचा है जो अटेम्प्ट टू मर्डर के एक मामले में कोविड के समय पैरोल पर जेल से बाहर निकला और फरार हो गया। यह संजय दत्त की वास्तव व खलनायक आदि फिल्मो से इम्प्रेस्सेड होकर अपराध की दुनियां में अपना नाम बनाने के लिए अटेम्प्ट टू मर्डर, आर्म्स एक्ट और चोट पहुंचाने जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देकर इलाके में दहशत पैदा करके सट्टे बाजो, ऑटो स्टैंड और शराब बेचने वालो से उगाही करता था। आरोपी पैरोल जंपर की पहचान संगम विहार निवासी 35 वर्षीय हरेन्दर उर्फ झंडू के रूप में हुई है। यह तिगड़ी थाने का घोषित बदमाश भी है।

अमित गोयल डीसीपी क्राइम ब्रांच ने बताया की क्राइम ब्रांच दक्षिणी रेंज आरके पुरम जघन्य अपराधों में शामिल क्रिमिनल्स को दबोचने का काफी अच्छा गुड वर्क कर रही है।

संतोष कुमार एसीपी क्राइम ब्रांच दक्षिणी रेंज आरके पुरम के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सुनील कुमार जघन्य अपराधों में वांटेड, पैरोल जंपर व भगोड़े क्रिमिनल्स का डेटा एकत्र कर क्रिमिनल्स की एक्टिविटी और मूवमेंट पर नजर रखे हुये थे।

क्रिमिनल्स का डेटा स्कैन करने पर इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम को पता चला की गैंगस्टर आबिद अहमद व गैंगस्टर रोहित चौधरी गैंग का एक खतरनाक शार्प शूटर अटेम्प्ट टू मर्डर के एक मामले में कोविड के समय पैरोल पर जेल से बाहर निकला और फरार हो गया। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद भी उसने जेल में सरेंडर नहीं किया। आरोपी के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया हुआ था।

अमित गोयल डीसीपी क्राइम ब्रांच ने पैरोल जंपर को दबोचने के लिए संतोष कुमार एसीपी क्राइम ब्रांच दक्षिणी रेंज आरके पुरम की सुपरविजन व इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में एसआई तनीश कुमार, हेड कांस्टेबल सूर्यदेव, दीपक, घनश्याम, ओमप्रकाश, कांस्टेबल धीरज और रवि की एक टीम बनाई।

टीम के एसआई तनीश कुमार ने पैरोल जंपर हरेन्दर उर्फ झंडू के बारे में ओर इनफार्मेशन निकाली तो पता चला की आरोपी दक्षिण दिल्ली के तिगड़ी थाने का घोषित बदमाश भी है। आरोपी के खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर, आर्म्स एक्ट और चोट पहुंचाने जैसे कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पैरोल जंपर हरेन्दर उर्फ झंडू को दबोचने के लिए टीम ने मुखबिरों का जाल बिछा दिया। क्राइम ब्रांच की एक टीम सादी वर्दी में आरोपी के घर पर नजर रखने लगी। लेकिन आरोपी इतना शातिर था की पैरोल जंप करने के बाद सबसे पहले अपने सभी मोबाईल नंबर बंद करके अंडर ग्राऊंड हो गया था। साथ ही सोशल मिडिया से दूरी बना ली थी और हर थोड़े समय के बाद अपना ठिकाना बदलने लगा।

टीम आरोपी को दबोचने का हर संभव प्रयास कर रही थी लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था।

टीम ने आरोपी की पूरी फैमली के साथ उसके दूर के रिश्तेदारों, दोस्तों आदि के मोबाइल पर आने और जाने वाली लगभग चार हजार कालों को खंगाला ताके कब कहां से किसी के पास आरोपी का फोन आ जाये और कोई क्लू मिल जाये। लेकिन सारी मेहनत बेकार।

क्राईम ब्रांच की टीम ने आरोपी की पत्नी के नंबर को भी रडार पर रखा हुआ था। लेकिन उसकी पत्नी के नंबर से यह पता चलता था कि यह कुछ लोगों से तो बात करती है लेकिन जितने भी लोग थे सब रिश्तेदार थे। आरोपी हरेन्दर उर्फ झंडू शायद किसी नंबर पर बात नहीं कर रहा था। टीम अंधेरे में थी। धीरे धीरे काफी समय निकल गया। लेकिन टीम लगी हुई थी कि किसी भी हाल में आरोपी को दबोचना था।

दक्षिण दिल्ली के संगम विहार इलाके में आरोपी का पूरा परिवार था इंस्पेक्टर सुनील कुमार को पूरा भरोसा था की आरोपी कभी न कभी तो अपने परिवार से संपर्क जरूर करेगा। अब सारी उम्मीदें पत्नी और बच्चों पर टिक गई थी। पुलिस ने आरोपी की पत्नी के सभी नंबर ट्रैस करके अपने पास रखे और हर नंबर की बातचीत को चुपचाप सुनते भी थे। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आरोपी इतना शातिर था की अपनी पत्नी और बच्चों के पास मोबाइल कॉल नहीं करता था।

आरोपी पर काफी दिनों तक नजर रखने के बाद आख़िरकार टीम के हाथ सफलता लग ही गई। टीम को मुखबिरों से इनफार्मेशन मिली की आरोपी हरेन्दर उर्फ झंडू संगम विहार इलाके में अपने घर बच्चों से मिलने आया था।

इनफार्मेशन मिलते ही इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने आरोपी के घर पर छापे मारी की। आरोपी के परिवार से पूछताछ में टीम को पता चला की आरोपी हरेन्दर उर्फ झंडू अपने बच्चों से मिलने आया तो था लेकिन कुछ देर बाद चला भी गया। पूछताछ में टीम को यह भी पता चला की आरोपी के हाथ में मोबाइल फ़ोन भी था लेकिन आरोपी किसी को अपना मोबाइल नंबर देके नहीं गया और न ही यह बताया की वो किधर रहा हैं।
[9:02 pm, 23/06/2022] सनसनी ऑफ इंडिया: इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने हार नहीं मानी। जिस समय पर आरोपी अपने घर आया था उस इलाके और उस समय का टीम ने मोबाइल डेम डाटा निकाला । डेम डाटा स्कैन करने पर टीम को एक सस्पेक्ट मोबाइल नंबर मिला।

टीम ने सस्पेक्ट मोबाइल नंबर की कॉल हिस्ट्री खंगाली तो पता चला की मोबाइल पर न तो किसी की कॉल आती है और न ही जाती है मोबाइल से सिर्फ और सिर्फ इंटरनेट इस्तेमाल किया जाता है। मोबाइल सर्विलांस से टीम को यह तो कन्फर्म हो ही गया था की सस्पेक्ट मोबाइल हरेन्दर उर्फ झंडू ही इस्तेमाल कर रहा है।

टीम ने टेक्निकल सर्विलांस से सस्पेक्ट मोबाइल नंबर पर नजर रखनी शुरू कर दी। लेकिन आरोपी ज्यादा समय अपने मोबाइल को ऑफ रखता था जिस वजह से उसकी लोकेशन ट्रेश नहीं हो पा रही थी। टीम के हेड कांस्टेबल कांस्टेबल सूर्य देव की दक्षिण दिल्ली में अच्छी पकड़ है। इसी दौरान हेड कांस्टेबल सूर्य देव को अपने सूत्रों से पता चला की आरोपी हरेन्दर उर्फ झंडू दिनांक 18 जून को फिर से अपने बच्चों से मिलने आयेगा।

पैरोल जंपर हरेन्दर उर्फ झंडू को दबोचने के लिए टीम ने जाल बिछा दिया। आरोपी जैसे ही अपने बच्चों से मिलने आया क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे दबोच लिया।

आरोपी की पहचान बी 697ए, संगम विहार निवासी 35 वर्षीय हरेंद्र उर्फ ​​झंडू पुत्र भरत सिंह के रूप में हुई।

पूछताछ में आरोपी हरेंद्र ने पुलिस को बताया उसके खिलाफ संगम विहार एवं तिगड़ी थाने में सात मामले दर्ज हैं। वह जानबूझकर कोर्ट के सामने पेश नहीं हो रहा था ताकि कोर्ट की कार्रवाई से बच सके। आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या प्रयास के मामले में वह वर्ष 2019 में गिरफ्तार हुआ था। उसे 20 जुलाई 2020 को कोविड 19 के चलते पैरोल मिली थी। पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद वह अदालत के समक्ष पेश नहीं हुआ और न ही उसने जेल में सरेंडर किया।

आरोपी हरेंद्र ने दून स्कूल से स्कूली पढ़ाई की और बाल निकेतन स्कूल संगम विहार से 12वीं पास की। इसके पिता एक सरकारी ठेकेदार थे जो सीपीडब्ल्यूडी दिल्ली पुलिस एवं अन्य एजेंसी के साथ काम करते थे। इसका बड़ा भाई राजेश अपने पिता के साथ काम करता है। 2012 में हरेंद्र की शादी हुई थी और इसके दो बच्चे हैं। आरोपी नशे का आदी है और इसकी पूर्ति के लिए वह बुरी संगत में पड़कर अपराध करने लगा। यह संजय दत्त की वास्तव व खलनायक आदि फिल्मो से इम्प्रेस्सेड होकर अपराध की दुनियां में अपना नाम बनाने के लिए अटेम्प्ट टू मर्डर, आर्म्स एक्ट और चोट पहुंचाने जैसी संगीन वारदातों को अंजाम देकर इलाके में दहशत पैदा करके सट्टे बाजो, ऑटो स्टैंड और शराब बेचने वालो से उगाही करता था। साथ ही गैंगस्टर आबिद अहमद व गैंगस्टर रोहित चौधरी गैंग से शार्प शूटर के रूप में जुड़ गया था।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क