गर्लफ्रेंड का फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर भेजता था अश्लील मैसेज

0

विजय कुमार दिवाकर
एक महिला का फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उसे परेशान करने के आरोप में बदरपुर साइबर थाना पुलिस ने महिला के एक्स लवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को आईपी एड्रेस के जरिए पकड़ा है। आरोपी का कहना है कि वह महिला के साथ बीते दस साल से रिलेशन में था अचानक महिला ने उससे बात करना बंद कर दिया तो, उसने महिला को सबक सिखाने के लिए फर्जी अकाउंट बनाकर उसे परेशान करना शुरू कर दिया था। आरोपी की पहचान नारायणा गांव, दिल्ली निवासी 47 वर्षीय सौरव ठाकुर के रूप में हुई है।

दक्षिण पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने बताया की दिनांक नौ फरवरी 2022 को साइबर थाना पुलिस स्टेशन में एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी की कोई उसके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उसके रिश्तेदारों व दोस्तों को अश्लील मैसेज भेज रहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी भी कर रहा है। दक्षिण पूर्व जिला साइबर थाना प्रभारी कुलदीप शेखावत ने तुरंत एफआईआर संख्या 9/2022 अंडर सेक्शन 354 डी, 509 के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी।

दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने आरोपी को दबोचने के लिए दक्षिण पूर्व जिला साइबर थाना प्रभारी कुलदीप शेखावत की सुपरविजन व एसआई मंज़ूर आलम के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल अजय, नवीन और महिला कांस्टेबल शालू की एक क्रेक टीम का गठन किया।

एसआई मंज़ूर आलम ने जिस सोशल मीडिया अकाउंट से आपत्तिजनक मैसेज आ रहे थे उसे सर्विलांस पर लगा दिया। इससे फर्जी फेसबुक प्रोफाइल का आईपी एड्रेस मिल गया। प्राप्त आईपी पता एक सस्पेक्ट व्यक्ति की actual फेसबुक आईडी से मेल खाता था।

जाँच टीम ने दोनों फेसबुक आईडी को बारीकी से analyzed किया तो पता चला कि सस्पेक्ट अपनी फेसबुक आईडी के साथ साथ फर्जी फेसबुक आईडी को चलाने के लिए एक ही ‘आईपी एड्रेस’ का इस्तेमाल कर रहा था। ये आईपी एड्रेस एक सौरव ठाकुर की वास्तविक आईडी से मेल खाता था। इसके बाद एसआई मंजूर आलम की टीम ने नारायणा गांव, दिल्ली निवासी 47 वर्षीय सौरव ठाकुर पुत्र वीरेंद्र सिंह ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, 1 मैकबुक व 1 वाई फाई राउटर बरामद किया गया है।

आरोपी ने बताया कि वह महिला संगीता के साथ करीब दस वर्षों से प्रेम संबंधों में था। दोनों एक विज्ञापन कंपनी में साथ काम करते थे। कोरोना काल में सौरव ने अपनी विज्ञापन कंपनी खोल ली थी। पीड़िता किसी और विज्ञापन कंपनी में काम करने लगी। उसने सौरव से दोस्ती तोड़ दी थी। आरोपी पीड़िता से दोस्ती जारी रखना चहाता था। महिला ने दोस्ती जारी रखने से मना कर दिया तो आरोपी ने सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पीड़िता को बदनाम करना शुरू कर दिया था। वह फर्जी प्रोफाइल से अश्लील व आपत्तिजनक टिप्पणी करने लगा था।

आरोपी पीड़िता की जासूसी भी करता था कि वह कहां जा रही है और किस से मिल रही है। इसके लिए उसने पीड़िता की कार में जीपीएस ट्रेकर लगा दिया था। जीपीएस ट्रेकर से वह महिला का पीछा करता था और हमेशा उसकी लोकेशन लेता रहता था। सौरव ने स्नातक किया हुआ है। आरोपी की पिछली कोई क्राइम हिस्ट्री नहीं है।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क