इस ऑटो लिफ्टर के कारनामे और औजार को देखकर उड़ जायेंगे आपके होश

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विजय कुमार दिवाकर
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच स्टार वन टीम ने एक ऐसे खूंखार और शातिर ऑटो लिफ्टर व स्नेचर को दबोचा है जो चोरी की वारदात को अंजाम देते समय अपने साथ टी शेप में मैटेलिक का बना नुकीला जानलेवा हथियार रखता था और पुलिस को चकमा देने के लिए बड़े ही शातिराना अंदाज में दिल्ली से चोरी किये वाहन पर हरियाणा का नंबर और हरियाणा से चोरी किये वाहनों पर दिल्ली का नंबर लगाकर हूबहू असली जैसी आरसी बनाकर वाहनों को बेच दिया करता था। आरोपी चार महीने पहले ही जेल से छूटकर आया है। आरोपी की पहचान जमरूदपुर दिल्ली निवासी 29 वर्षीय कैलाश के रूप में हुई है। आरोपी से चोरी की छह मोटरसाइकिल चार स्कूटी और दो आई फ़ोन बरामद हुए हैं।

क्राइम ब्रांच की स्टार वन टीम को दिल्ली एनसीआर में एक्टिव स्नैचर और ऑटो लिफ्टरों पर नजर रखने का काम सौंपा गया है। क्राइम ब्रांच स्टार वन टीम ने हाल ही के दिनों में अच्छा काम करते हुए दिल्ली एनसीआर में स्नैचिंग और ऑटो लिफ्टिंग की वारदात को अंजाम देने वाले सैकड़ों क्रिमिनल्स को दबोचा है।

क्राइम ब्रांच डीसीपी RAJESH DEO ने बताया की क्राइम ब्रांच स्टार वन के तेज तर्रार इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी की टीम को एक सीक्रेट इनफार्मेशन मिली थी की एक खूखांर व शातिर ऑटो लिफ्टर और स्नैचर जेल से आने के बाद फिर से दिल्ली एनसीआर में ऑटो लिफ्टिंग व् स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहा है।

क्राइम ब्रांच स्टार वन एसीपी संतोष कुमार की सुपरविजन व तेज तर्रार इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी के नेतृत्व में एसआई कृष्ण कुमार ने सस्पेक्ट को दबोचने के लिए मुखबिरों का जाल बिछाने के साथ साथ सस्पेक्ट पर मोबाइल सर्विलांस से भी नजर रखनी शुरू कर दी।

एसआई कृष्ण कुमार को मुखबिरों से पता चला की सस्पेक्ट ऑटो लिफ्टर जमरूदपुर इलाके में एक्टिव है। इनफार्मेशन कन्फर्म होते ही क्राइम ब्रांच स्टार वन के तेज तर्रार इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी ने एसीपी स्टार वन संतोष कुमार के साथ सीक्रेट इनफार्मेशन शेयर्ड की।

संतोष कुमार एसीपी क्राइम ब्रांच स्टार वन ने सीक्रेट इनफार्मेशन से क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारीयों को अवगत कराया।

खूंखार और शातिर ऑटो लिफ्टर व स्नेचर को दबोचने के लिए RAJESH DEO डीसीपी क्राइम ब्रांच स्टार वन ने संतोष कुमार एसीपी क्राइम ब्रांच आरके पुरम की supervision और इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी के नेतृत्व में एसआई कृष्ण कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक, कांस्टेबल सूर्य देव, घनश्याम, ओमप्रकाश और धीरज की एक टीम का गठन किया।

टीम ने जमरूद पुर इलाके पर नजर रखनी शुरू कर दी। टीम को कन्फर्म इनफार्मेशन मिली की सस्पेक्ट ऑटो लिफ्टर दिनांक 23 फरवरी 2022 की शाम जमरूद पुर गांव की रेड लाइट के पास आएगा। टीम ने रेड लाइट के पास अपना जाल बिछा दिया। शाम 6 बजकर 45 मिनट पर सस्पेक्ट मोटरसाइकिल पर आता हुआ दिखाई दिया। टीम ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन सस्पेक्ट ने रुकने की वजाये यूटर्न लेकर भागने की कोशिश की। टीम ने दौड़कर सस्पेक्ट को दबोच लिया। सस्पेक्ट ऑटो लिफ्टर की पहचान ए 110 जमरूद पुर, ग्रेटर कैलाश दिल्ली निवासी 29 वर्षीय कैलाश पुत्र दामोदर के रूप में हुई। मौके से आरोपी के पास मिली मोटरसाइकिल भी चोरी की निकली जोकि आरोपी ने ऑटो लिफ्टिंग और स्नेचिंग के लिए थाना मालवीय नगर इलाके से चोरी की थी। आरोपी ने चोरी की मोटरसाइकिल पर हरियाणा नंबर की नकली नंबर प्लेट लगा रखी थी। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से टी शेप में मैटेलिक का बना मल्टी पर्पस नुकीला जानलेवा हथियार मिला। आरोपी ने बताया की टी शेप में बने मैटेलिक के इस हथियार को गाड़ी का लॉक तोड़ने और खतरा होने पर पंच बनाकर हमला करने में इस्तेमाल करता था।

इन्वेस्टीगेशन में टीम को पता चला की आरोपी कैलाश ऑटोलिफ्टिंग में काफी समय से एक्टिव था। दिल्ली एनसीआर के इलाके में ऑटो लिफ्टिंग और स्नैचिंग की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पूछताछ में आरोपी के पास से चोरी की छह मोटरसाइकिल चार स्कूटी और दो आई फ़ोन बरामद हुए हैं।

आरोपी कैलाश से लगातार पूछताछ करने पर पता चला कि पुलिस को चकमा देने के लिए जमालगढ़ हरियाणा निवासी इस्लाम उर्फ़ सलीम दिल्ली से चोरी किये वाहन पर हरियाणा का नंबर और हरियाणा से चोरी किये वाहनों पर दिल्ली का नंबर लगाकर हूबहू असली जैसे फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। फर्जी आरसी देखने में हूबहू असली लगती है। आरसी देखकर कोई भी अंदाजा नहीं लगा सकता है की यह आरसी फर्जी है।

गांव Deghot पलवल हरियाणा निवासी अरुण कुमार चोरी के वाहनों के पेपर बनने के बाद कस्टमर लेकर आता था। चोरी की गाड़ियों को असली बताकर आगे बेच दिया करते थे।

आरोपी 29 वर्षीय कैलाश ए 110 जमरूद पुर, ग्रेटर कैलाश दिल्ली का रहने वाला है और इसने 5वीं तक पढ़ाई की है। यह शादीशुदा है और इसके दो बेटे हैं। पूछताछ ने पता चला कि आरोपी ने जेब कतरो का एक गैंग बना रखा था जोकि बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशनों व भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों की जेब काटता था। स्पेशल स्टाफ दक्षिण दिल्ली ने छापेमारी कर इसकी गैंग से 57 मोबाइल फोन बरामद किये थे लेकिन यह उस समय पुलिस की पकड़ से भागने में कामयाब रहा था। आरोपी मोबाइल चोरी और आर्म्स एक्ट में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। यह एक बार मोटरसाइकिल चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा जा चुका है। अक्टूबर 2021 में जेल यह से रिहा हुआ था। जेल में इसकी मुलाकात अविनाश से हुई थी। अविनाश से इसने गाड़ी चुराने की ट्रेनिंग ली। इसने अविनाश, इस्लाम उर्फ़ सलीम और अरुण कुमार के साथ मिलकर ऑटो लिफ्टरों का एक गैंग बनाया।

बाकि आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

इसकी गिरफ्तारी से पुल प्रहलादपुर, डिफेंस कॉलोनी, मुंडका, मोती नगर, ख़याला, नार्थ रोहिणी, महेंद्र पार्क थानों में दर्ज चोरी के दस मामले सुलझ गए हैं। आरोपी से चोरी की छह मोटरसाइकिल चार स्कूटी और दो आई फ़ोन बरामद हुए हैं।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क