सनसनी ऑफ़ इंडिया।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की नारकोटिक्स सेल ने 15 साल से फरार चल रहे एक बड़े ड्रग सप्लायर को गिरफ्तार किया है. इसके पास से पुलिस ने ढाई किलो हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 5 करोड़ रुपये है.

दरअसल क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि दिल्ली में रिठाला के पास एक शख्स भारी मात्रा में ड्रग्स सप्लाई करने के लिए आएगा. इसी सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर राम मनोहर ने अपनी टीम के साथ रिठाला में उस जगह पर पहुंचे, जहां पर ड्रग्स की सप्लाई की जानी थी. जैसे ही बिशन सिंह नाम का शख्स ड्रग्स सप्लाई करने के लिए पहुंचा नारकोटिक्स की टीम ने उसे धर दबोचा.

उसके बाद टीम ने 2 किलो हेरोइन बरामद की. जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके बाद करीब आधा किलो हेरोइन और भी है. नारकोटिक्स की टीम ने उसकी निशानदेही पर आधा किलो हेरोइन और बरामद की.

नारकोटिक्स की टीम ने जब इस शख्स से पूछताछ की तो उसने बताया कि इससे पहले ये ड्रग्स के केस में चार बार और गिरफ्तार हो चुका है. शुरुआती दिनों में बिशन सिंह अपने भाइयों के साथ शराब बेचता था, लेकिन कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में ड्रग्स के धंधे में शामिल हो गया. साथ ही अपने साथियों के साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में कई जगहों पर ड्रग्स सप्लाई करने लगा.

15 साल तक पहचान बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोकता रहा
क्राइम ब्रांच की मानें तो साल 1999 में बिशन सिंह को स्पेशल सेल के एक केस में सजा सुनाई जानी थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट से फरार हो गया. उस वक़्त ये जमानत पर बाहर चल रहा था. भागने के बाद बिशन सिंह ग्वालियर चला गया और अपना नाम बदल कर अनिल गोयल रख लिया ताकि पुलिस से बचा रहे.
वहां उसने मिनी ट्रक ड्राइवर का काम करना शुरू कर लिया और 2 मिनी ट्रक भी खरीद लिए. उसने श्री नाथ ट्रांसपोर्ट के नाम से अपना ऑफिस भी खोल लिया और नए नाम और पहचान के साथ वहीं शादी भी कर ली. इस तरह बिशन सिंह 15 साल तक ग्वालियर में अपनी पहचान बदल के रहता रहा. सन् 2014 में स्पेशल सेल ने उसे ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट से उसे 10 साल की सजा हुई. सन् 2016 में वह फिर जेल से छूट कर आया और ठेकेदारी और लेबर सप्लाई का काम करने लगा. अपने इसी काम की आड़ में बिशन ने फिर से ड्रग सप्लाई का काम शुरू कर दिया.
क्राइम ब्रांच के नारकोटिक्स सेल अब उन लोगों के बारे में पता कर रही है, जिनको यह ड्रग सप्लाई कर रहा था.