सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ है। यह आतंकी करीब 4-5 सालों से ISIS से जुड़ा हुआ था और इसे पकड़ने के लिए स्पेशल सेल पिछले 1 साल से कोशिश कर रही थी। पुलिस की गिरफ्त में आए ISIS के 36 वर्षीय आतंकी की पहचान उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के रहने वाले मुस्तकीम खान उर्फ यूसुफ उर्फ अबू यूसुफ के रूप में हुई है। स्पेशल सेल की टीम ने इसे शुक्रवार देर रात धौला कुआं रिंग रोड के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ा है। यह दिल्ली के किसी अधिक भीड़भाड़ वाले इलाके में हमले की योजना बना रहा था।

मुस्तकीम खान उर्फ यूसुफ उर्फ अबू यूसुफ

स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अबू यूसुफ अपने परिवार के साथ अफगानिस्तान के खुरासान में हिजारत के लिए जाने की योजना बना रहा था। यहां तक कि उसने अबू हुजैफा अल-बकिस्तानी के निर्देश पर अपनी पत्नी और 4 बच्चों के लिए पासपोर्ट भी बनवा लिए थे, लेकिन अबू हुजैफा अल-बकिस्तानी की हत्या के बाद उसकी यह योजना टल गई थी।

दिल्ली में आईएसआईएस के आतंकी के पकड़े जाने के बाद उसके ‘खुरासान मॉड्यूल’ से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। स्पेशल सेल की शुरुआती जांच में पता चला है कि आतंकी को इस्लामिक स्टेट के कमांडर्स अफगानिस्तान से कंट्रोल कर रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार ISIS ऑपरेटिव को इस्लामिक स्टेट द्वारा खुरासान प्रांत (ISKP) के कमांडरों द्वारा अफगानिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था और वह भारत में आतंकी वारदातों की योजना बना रहा था। वह कश्मीर की आईएस संस्थाओं के संपर्क में भी था। इसके साथ ही वह आईएसआईएस ऑपरेटिव इस्लामिक स्टेट के खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के संचालकों के साथ साइबरस्पेस के जरिये भी संपर्क में था।

पुलिस गिरफ्त में मुस्तकीम खान उर्फ यूसुफ उर्फ अबू यूसुफ

कहां से आया खुरासान शब्द
खुरासान शब्द एक प्राचीन इलाके के नाम पर आधारित है, जिसमें कभी उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और ईराक का हिस्सा शामिल हुआ करता था। वर्तमान में यह अफगानिस्तान व सीरिया के बीच का हिस्सा है। यहां आईएसआईएस के अलावा अन्य आतंकी संगठनों की विचारधारा से जुड़े संदिग्ध युवकों की तादात भी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है और ये एशियाई मुल्कों में अपना नेटवर्क स्थापित करने की कवायद में जुटे हैं। पहले भी खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मुहैया कराया था कि दिल्ली ‘खुरासान मॉड्यूल’ के सदस्यों के निशाने पर है।

2012 में बना था खुरासान मॉड्यूल
आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल को ‘खोरासान ग्रुप’ नाम से भी जाना जाता है। इस ग्रुप में अलग विचारधारा रखने वाले आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े लोग भी शामिल हैं। इस ग्रुप को मुख्य तौर पर सीरिया खुरासान से चलाया जाता है। हालांकि खुफिया इकाइयों की मानें तो इस ग्रुप के पास अभी बहुत कम लड़ाके हैं। केरल से जो 21 लड़के गायब हुए थे, उनके बारे में भी यह कहा जाता है कि उन्होंने आईएसआईएस के ‘खुरासान मॉड्यूल’ को ही ज्वाइन किया है। आईएसआईएस खुरासान का यह मॉड्यूल 2012 में बनाया गया था।

अमेरिका के लिए माना जाता है बड़ा खतरा
आईएसआईएस के इस मॉड्यूल को अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बताया जाता है। इसके बारे में कहा जाता है कि यह आईएसआईएस के ‘कोर ग्रुप’ से भी ज्यादा कट्टर और खतरनाक है। इस ग्रुप की विचारधारा वहाबी से प्रभावित है। सूत्रों के अनुसार, इस ग्रुप की कमान मोहम्मद इस्लामबौली नाम का शख्स संभाल रहा है।