गुब्बारे बेचने वाला बनकर करते थे रेकी, चोरों के पारदी गैंग का भंडाफोड़

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विजय कुमार दिवाकर

स्पेशल स्टाफ, साउथ दिल्ली की टीम ने करीब 45 किलोमीटर के दायरे में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद सेंधमारी करने वाले एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है जो मध्य प्रदेश से दिल्ली एनसीआर में आकर पहले फ्लाईओवर के नीेचे अपना ठिकाना बनाते थे फिर इलाको में गुब्बारे या खिलौने बेचने का नाटक करके अपने टारगेट को चुनते थे और मौका मिलते ही सेंधमारी की वारदात को अंजाम देकर मध्य प्रदेश फरार हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 37 वर्षीय धर्म पारदी, 22 वर्षीय सब्बित पारदी, 22 वर्षीय बादशाह पारदी, 30 वर्षीय धर्म पारदी और 35 वर्षीय पिट्टू पारदी के रूप में हुई है।
सभी आरोपी जिला गुन्ना, मध्य प्रदेश के रहने वाले है। इनके कब्जे से 4 सिंगल शॉट कंट्री मेड पिस्टल, 4 जिन्दा कारतूस और 1 बटनदार चाकू बरामद हुआ है।

साउथ डिस्ट्रिक्ट डीसीपी बेनिता मेरी जैकर ने बताया कि एल फस्र्ट संगम विहार निवासी पवन कुमार गुप्ता ने दिनांक दो फरवरी 2022 को थाना नेब सराय में सूचना दी थी कि उसकी एल फस्र्ट ब्लाॅक, बुद्व बाजार संगम विहार नजदीक सैनिक फार्म के पास बीएल एण्ड सन्स ज्वैलर्स के नाम से ज्वैलरी शॉप है और किसी ने उसकी दुकान का शटर का ताला तोड़कर सोने चांदी के जेवर और लाइसेंसी पिस्टल चोरी कर ली है।

थाना नेब सराय में एफआईआर संख्या 168/22 धारा 457, 380, 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

जेवर के साथ पिस्टल व जिन्दा कारतूस चोरी होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। साउथ डिस्ट्रिक्ट डीसीपी बेनिता मेरी जैकर को डर था कि आरोपी चोरी की पिस्टल से किसी संगीन वारदात को भी अंजाम दे सकते है। आरोपियों को जल्द से जल्द दबोचने का जिम्मा लक्ष्य पांडे एसीपी ओपरेशन की सुपरविजन व अतुल त्यागी इंस्पेक्टर स्पेशल स्टाफ साउथ दिल्ली के नेतृत्व में एसआई योगेश, धर्मेंद्र,
एएसआई दयानंद, जुगनू, अशोक, जोगिंदर, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार, मनोज, संजय, विपिन, राकेश, नरेश, पंकज, यशपाल, कांस्टेबल अशोक, अनूप मीणा, अखिलेश, संदीप धयाल, पुष्पेंडर, संदीप पूनिया व योगिन्दर की एक टीम का गठन किया।

टीम ने क्राईम सीन पर देखा की दुकान के बाहर लगे चार सीसीटीवी कैमरों में से एक कैमरा गायब था साथ ही चोर इतने शातिर थे की जाते जाते सीसीटीवी के डीवीआर में लगा एसडी कार्ड को भी निकालकर अपने साथ ले गये थे।

दुकान में लगे सीसीटीवी में आरोपियों की फुटेज नहीं मिलने पर भी इंस्पेक्टर अतुल त्यागी की टीम ने हिम्मत नहीं हारी और जिस रूट से आरोपियों के भागने की आशंका थी उस रूट पर पड़ने वाले सभी कॉर्नर्स, मल्टीप्ल टर्न्स, मकानों, दुकानों, बस स्टॉप और रेड लाइट पर लगे सभी सीसीटीवी फुटेजों को खंगाला।

लगभग 45 किलोमिटर के दायरे में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेजों को बारिकी से खंगालते खंगालते टीम की आंखे सूज गई। आखिरकार टीम के हाथ सफलता लग ही गई।

घटना वाले दिन से कुछ दिन पहले की सीसीटीवी फुटेजों को खंगालने पर टीम को दिन के समय क्राईम सीन के आसपास एक गुब्बारा बेचने वाला दिखाई दिया। जोकि घटना से कुछ दिन पहले तक तो क्राईम सीन के आसपास गुब्बारे बेचते दिखाई दे रहा था लेकिन घटना के बाद से उसने आना बंद कर दिया था।

इंस्पेक्टर अतुल त्यागी को समझते देर नहीं लगी की गुब्बारे बेचने की आड़ में बदमाशों ने पहले दुकान की रैकी की और फिर मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम दे डाला।

इंस्पेक्टर अतुल त्यागी ने सीसीटीवी फुटेज से मिली सस्पेक्ट गुब्बारे बेचने वाले की फोटो सोशल मिडिया के साथ साथ मुखबिरों के बीच सर्कुलेट कर दी।

इंस्पेक्टर अतुल त्यागी की मेहनत रंग लाई और सस्पेक्ट गुब्बारे बेचने वाले की फोटो को देखकर एक मुखबिर ने बताया की चोरी की वारदात को अंजाम मध्य प्रदेश स्थित पार्दी गैंग ऑफ बर्गलर्स का हाथ हो सकता है।

अब टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्दी गैंग को दबोचना था। पार्दी गैंग के सदस्य इतने शातिर थे की गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने पास मोबाईल फोन नहीं रखते थे और दिल्ली एनसीआर में इनका कोई स्थाई ठिकाना भी नहीं था।

इंस्पेक्टर अतुल त्यागी की टीम ने दिल्ली एनसीआर की जेलों में बंद सेम मोडस ऑपरेंडी से वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों के रिकॉर्ड की जांच शुरू की।

जांच से टीम को यह पता चला की पार्दी गैंग के कुछ सदस्य दक्षिणी दिल्ली में किसी फ्लाईओवर के नीेचे गुब्बारे व खिलौने बेचने वाला बनकर छुपे हुए हैं।

इंस्पेक्टर अतुल त्यागी ने दक्षिण दिल्ली के सभी फ्लाईओवर व रेड लाईट पर गुब्बारे और खिलौने बेचने वालों पर नजर रखने के लिए मुखबिरों का जाल बिछा दिया।

मुखबिरों से टीम को पता चला की दिनांक एक मई को पार्दी गैंग के कुछ सदस्य छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर नेब सराय और संगम विहार इलाके में चोरी करने के इरादे से आ सकते हैं।

इंस्पेक्टर अतुल त्यागी ने एसआई योगेश और एसआई धर्मेंद्र की दो टीमें बनाकर बांध रोड पर डंपिंग ग्राउंड, नेब सराय और एल फस्र्ट ब्लॉक, संगम विहार के पास जंगल में जाल बिछाया।

शाम लगभग 4 बजकर 15 मिनट पर एसआई योगेश के नेतृत्व में टीम ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान धर्म पारदी और सब्बित के रूप में हुई। इनके कब्जे से 2 सिंगल शॉट देशी पिस्टल सहित दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

वहीं दूसरी तरफ शाम लगभग 4 बजकर 30 मिनट पर एसआई धर्मेंद्र के नेतृत्व वाली टीम ने तीन संदिग्धों को पकड़ा, जिनकी पहचान बादशाह पारदी, धर्म पारदी, पिट्टू पारदी के रूप में हुई। इनके कब्जे से 2 सिंगल शॉट देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और 1 बटन चालित चाकू बरामद किया गया।

पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने खुलासा किया कि वे सभी जिला गुना मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। दिल्ली और एनसीआर में चोरी के इरादे से आये थे पुलिस से बचने के लिए स्ट्रीट हॉकर, बैलून व खिलौने बेचने वाले बनकर फ्लाईओवर आदि के नीचे छुपकर रहते थे।

आरोपियों ने बताया की बैलून व खिलौने बेचने की आड़ में गली गली घूमकर अपने टारगेट की तलाश करके कई दिनों तक रेकी करते है और मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देकर मध्य प्रदेश भाग जाते हैं।

आरोपियों ने बताया की बैलून बेचने वाला बनकर उन्होने पहले एल फस्र्ट ब्लाॅक, बुद्व बाजार संगम विहार नजदीक सैनिक फार्म के पास बीएल एण्ड सन्स ज्वैलर्स के नाम से ज्वैलरी शॉप है को टारगेट किया और इसके बाद उनके गैंग लीडर ने दुकान में चोरी करने की योजना बनाई। ज्वैलरी शॉप में चोरी करने के बाद वे दिल्ली से अपने घरों को भाग गए और गुना मध्य प्रदेश आसपास के इलाकों में चोरी का सामान बेच दिया।

आरोपी 37 वर्षीय धर्म पार्दी पुत्र सागरमल पार्दी ग्राम अहीर की बिलाखेड़ी, थाना धरनावाड़ा, जिला गुना, मध्य प्रदेश का रहने वाला है। इसके खिलाफ जिला गुना, मध्य प्रदेश में दो मामले दर्ज हैं।

दूसरा आरोपी 22 वर्षीय सब्बिट पुत्र दीपक ग्राम कनेरा, थाना धरनावाड़ा, जिला गुना, मध्य प्रदेश का रहने वाला है। इसकी लंबी क्राईम हिस्ट्री है। इसके खिलाफ नोएडा सेक्टर 49 में सात अपराधिक मामले दर्ज हैं।

तीसरा आरोपी 22 वर्षीय बादशाह पार्दी पुत्र रुस्तम ग्राम छोटी कनारी, पीएस धरनावाड़ा, जिला गुना, मध्य प्रदेश का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश में दो मामले दर्ज हैं।

चौथा आरोपी 30 वर्षीय धर्म पारदी पुत्र प्रेमदा गांव बाबाजी खेजड़ा, जिला गुना, मध्य प्रदेश का रहने वाला है। इसकी भी लंबी क्राईम हिस्ट्री है। इसके खिलाफ मध्य प्रदेश में 12 मामले दर्ज हैं।

पांचवा आरोपी 35 वर्षीय पिट्टू पार्दी पुत्र गल्या ग्राम खेजरा चक, जिला गुना, मध्य प्रदेश का रहने वाला है।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क