• पकड़े गए चारों आरोपियों के खुलासे के बाद क्राइम ब्रांच ने नदी में उतारे गोताखोर
  • मृतक के पास साले की पत्नी के अश्लील फोटो थे, जिससे वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था
  • इसकी जानकारी साले को हुई तो उसने मेरठ से बदमाश बुलाकर बहन-बहनोई को मार डाला था
  • सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद परिजनों ने मुख्य आरोपी को सीसीटीवी में पहचान लिया था

विजय कुमार दिवाकर
फरीदाबाद। फरीदाबाद अपराध जांच शाखा की संयुक्त टीमों ने जसाना गांव की कॉलोनी में मंगलवार दिनदहाड़े हुए युवा दंपति (सुखबीर और मोनिका) हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। हत्या मृतका के भाई के साले ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दोहरे हत्याकांड को सुलझाते हुए मृतका की भाभी के भाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। हत्या की यह साजिश रक्षाबंधन के दिन रची गई थी। इसे लेकर मेरठ में रहने वाले साथियों ने हथियार भी खरीद लिए थे। तीन दिन रिमांड के दौरान अब पुलिस यह पता लगाएगी कि ये हथियार कब, कहां और कितने में खरीदे।

जसाना डबल मर्डर केस में गिरफ्तार आरोपी

मेरठ से बुलाएं थे तीन शूटर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुख्य आरोपित विष्णु ने मेरठ से शूटर कैलाश, छोटू और सोनू को बुलाया था। ये सभी अभी फरार चल रहे हैं जिन्हें पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम दबिश के लिए मेरठ और अलीगढ़ रवाना हो चुकीं हैं। आरोपित ने पुलिस को बताया कि उन्हें ये लगा था कि सीसीटीवी का डीवीआर वो साथ ले जा रहे हैं तो उन्हें कोई पकड़ नहीं पाएगा। इसके साथ ही उन्होंने घर का सामान इसलिए बिखेर रखा था जिससे पुलिस को लगे कि ये हत्या लूट करने की वजह से की गई है।

ब्लैकमेलिंग से जुड़ा है मामला
एसीपी क्राइम अनिल यादव ने बताया कि पूछताछ के दौरान मृतका मोनिका की भाभी के भाई विष्णु ने बताया कि उसकी बहन के कुछ आपत्तिजनक फोटोग्राफ सुखबीर के पास थे। रक्षाबंधन के दिन उसकी बहन ने उसे बताया था कि सुखबीर आपत्तिजनक फोटो को लेकर उसे ब्लैकमेल करता है। इसके चलते विष्णु ने रक्षाबंधन के दिन ही मेरठ में रहने वाले अपने तीन साथियों के साथ मिलकर मोनिका व सुखबीर की हत्या करने की साजिश रच डाली। गिरफ्तार अभियुक्तों में वजीराबाद दिल्ली निवासी 25 वर्षीय विष्णु, परीक्षित गढ़ मेरठ यूपी निवासी 22 सोनू, यतिन उर्फ छोटे व कुलदीप कुमार कैलाश सिंह शामिल हैं।

जिस मोबाइल और लैपटॉप में अश्लील फोटो होने का शक, आरोपियों ने उसे तोड़कर हिंडन नदी में फेंका
जसाना गांव में पति-पत्नी की हत्या के मामले में पकड़े गए चारों आरोपी तीन दिन से रिमांड पर हैं। क्राइम ब्रांच की टीम लगातार उनसे पूछताछ कर रही है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने मृतकों के खून से सने कपड़े और जिस लैपटॉप और फोन में अश्लील फोटो होने का शक है, उसे तोड़कर यमुना की सहायक हिंडन नदी में फेंक दिया था। आरोपियों के खुलासे के बाद क्राइम ब्रांच अब गोताखोरों की मदद से टूटे हुए लैपटॉप और मोबाइल को ढूंढने में जुट गई है। दरअसल, सुखबीर जिन अश्लील फोटो के दम पर पत्नी मोनिका की भाभी को ब्लैकमेल कर रहा था, वो लैपटॉप और मोबाइल में हो सकती हैं। इस मामले में सुबूत जुटाने के लिए पुलिस की एक टीम मेरठ भी गई है।

सुखबीर के पास पत्नी की भाभी की अश्लील फोटो थे
सुखबीर के पास पत्नी मोनिका की भाभी के अश्लील फोटो थे। इन फोटो के दम पर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। रक्षाबंधन के दिन मोनिका ने यह बात अपने भाई विष्णु को बता दी थी। इसी खुन्नस में विष्णु ने मेरठ (यूपी) के तीन भाड़े के बदमाशों के साथ मिलकर सुखबीर और मोनिका की हत्या कर दी थी। बदमाशों ने सुखबीर को गोली मारी थी, जबकि पत्नी मोनिका की गर्दन तोड़ दी थी। दोनों के हाथ बंधे हुए थे। पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे की वजह से आरोपी घर में घुसते नजर आए थे।

2013 में हुई थी शादी
जसाना गांव की रहने वाली मोनिका की शादी 2013 में फतेहपुर चंदीला निवासी सुखबीर के साथ हुई थी। दोनों के कोई संतान नहीं थी। मोनिका मायके में ही अलग मकान बनाकर रहती थी।

पुलिस को फुटेज के आधार पर कामयाबी मिली
पुलिस प्रवक्ता एवं एसीपी धारणा यादव ने बताया कि 11 अगस्त मंगलवार दोपहर बाइक सवार चार बदमाशों ने जसाना के समीप बनी कॉलोनी के एक घर में घुसकर मूलरूप से फतेहपुर चंदीला 27 वर्षीय सुखबीर और मोनिका की गोली और चोट मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस आयुक्त ओपी सिंह ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच को जिम्मा सौंपा। सीआईए सेक्टर-30 विमल कुमार व सेक्टर-85 सीआईए प्रभारी सुमेर सिंह, डीएलएफ प्रभारी सुरेंद्र व एनआईटी क्राइम ब्रांच प्रभारी के आधार पर कामयाबी मिली। क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 ने बाइपास रोड सेक्टर-29 से गुरुवार को आरोपी विष्णु को गिरफ्तार किया था, जिसकी निशानदेही पर बाकी तीनों आरोपी सोनू, यतिन उर्फ छोटू व कुलदीप को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया। आरोपी विष्णु मृतका मोनिका की भाभी का सगा भाई है। चारों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया, जहां से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

रक्षाबंधन के दिन बनाई थी हत्या की योजना
पुलिस की छानबीन में पता चला है कि आरोपी विष्णु शराब के धंधे से जुड़ा रहता था। इसके चलते उसकी दोस्ती मेरठ में रहने वाले इन युवकों से हुई। बताया जाता है कि रक्षाबंधन के दिन उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड की साजिश रच दी। रिमांड के दौरान पुलिस इनसे पूछताछ में अब यह पता लगाएगी कि उन्होंने ये हथियार कब और कहां से खरीदे थे।

मोनिका के घर के पड़ोस में ही था मायका
पुलिस ने बताया कि मृतक मोनिका का मायका जसाना गांव में ही है। रोजाना मायके से मोनिका के घर दूध आता था। रोज ही मोनिका अपने मायके दूध लेने जाती थी। इसी वजह से सुखवीर भी अक्सर मायके जाया आया करता था।

आगे पढ़िए इस डबल मर्डर केस की पुरानी स्टोरी
पति को मारी गोली, पत्नी की गर्दन तोड़ी, 41 मिनट तक हत्यारों से जूझते रहे दंपती
ग्रेटर फरीदाबाद के जसाना गांव में मंगलवार दोपहर को बाइक सवार चार युवकों ने दंपती के घर में घुसकर बेरहमी से उनकी हत्या कर दी थी। घटना का पता परिवारीजनों और गांववालों को देर रात में चला। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली तो उसमें चार संदिग्ध नजर आए थे। पुलिस का मानना है कि इन्होंने ही घटना को अंजाम दिया है। आरोपियों ने पहले दोनों के हाथ-पैर बांधे और इसके बाद पति के सिर में गोली मारी, जबकि महिला के सिर को दीवार से टकराया गया। उसकी गर्दन टूटी मिली थी।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रेटर फरीदाबाद के जसाना गांव में रहने वाले रामबीर गांव में ही दूध की डेरी चलाते हैं। उन्होंने अपनी बेटी मोनिका की शादी 2013 में सेक्टर-21 स्थित फतेहपुर चंदीला गांव निवासी सुखबीर से की थी। शादी के 7 साल बीतने के बाद भी अभी तक दोनों के कोई संतान नहीं थी। 27 वर्षीय मोनिका पिछले 2 साल से अपने मायके में ही अलग मकान बनाकर अपने पति साथ रह रही थी। वहीं 30 वर्षीय सुखवीर ने अपने दो भाइयों के साथ बड़खल के पास संजय कॉलोनी में वर्कशॉप लगाई हुई थी। सुखवीर रोज अपने घर से वर्कशॉप पर ही आता-जाता था। मगर मंगलवार को वह वर्कशॉप पर नहीं गया था।

पिता के घर रोज दूध लेने जाती थी मोनिका
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को सुखबीर मोनिका को चेकअप के लिए डॉक्टर के पास लेकर गया था। वहां से दोनों दोपहर करीब साढ़े 11 बजे घर आ गए थे। मोनिका के घर के पास में ही उसके पिता रामबीर की डेरी है। मोनिका भी अपने पिता से रोज शाम को दूध लेने जाती थी। मंगलवार शाम को वह दूध लेने नहीं पहुंची तो उसके पिता ने उसके लिए डिब्बे में दूध भरकर रख दिया और वह अपने घर पर आ गए। रात को करीब साढ़े 8 बजे उन्होंने अपने बेटे मनीष से मोनिका को फोन कराया, मगर फोन बंद मिला।

लाश देख निकली भाई की चीख
रात को 9 बजे रामबीर ने मनीष को डेरी पर सोने के लिए भेजा और कहा कि मोनिका के लिए दूध डिब्बे में रखा हुआ है। उसे उसके घर पर दे देना। 9 बजे मनीष दूध लेकर मोनिका के घर पर पहुंचा, तो वहां अंधेरा था। मेन गेट व अन्य सभी दरवाजे खुले हुए थे। मनीष ने अपनी बहन को आवाज दी, मगर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। जब उसने अंदर जाकर लाइट जलाई तो उसकी चीख निकल गई। सुखवीर व मोनिका खून से लथपथ फर्श पर पड़े हुए थे। उसके चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग आ गए। यह खबर थोड़ी ही देर में गांव में फैल गई। खबर पाकर गांव व परिवार के सभी लोग मौके पर आ गए। इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर डीसीपी, एसीपी क्राइम ब्रांच समेत अन्य पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बीके अस्पताल पहुंचाया गया।

41 मिनट तक घर में रहे हत्यारे
पुलिस को पास के ही एक मकान से सीसीटीवी फुटेज मिली है। जिसमें पता चला कि मंगलवार दोपहर 1 बजकर 37 मिनट पर चार युवक दो बाइकों से मकान के पास गली में आए। बाइकों को मकान से दूर खड़ा किया गया। दोनों का मर्डर करने के बाद आरोपी 2 बजकर 18 मिनट पर वापस जाते दिखे। दो युवक पहले घर से निकले, जिन्होंने बाइक स्टार्ट की और मकान के पास आकर खड़े हो गए। कुछ ही देर बाद दो युवक मकान में से भागते हुए आए और बाइकों पर बैठ गए। जिसके बाद हत्यारे फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे आरोपियों ने ही घटना को अंजाम दिया है। उनकी पहचान की जा रही है।

मोनिका ने अपने बचाव में किया विरोध
घर के हालात और मोनिका के शव को देख पुलिस को अंदेशा है कि बचाव के लिए मोनिका ने हत्यारों का विरोध किया था। इसी वजह से घर में सामान भी फैला पड़ा मिला है। हत्यारों ने पहले सुखवीर को काबू कर उसके हाथ पैर बांधे होंगे, उसके बाद मोनिका को बांधा है। मोनिका की हत्या सिर में चोट लगने से हुई है। माना जा रहा है कि प्रतिशोध के दौरान हत्यारों ने मोनिका का सिर दीवार में देकर मारा होगा और फिर उसकी गर्दन तोड़ी होगी। इसके बाद सुखवीर के सिर में गोली मारी है।

पिस्टल से मारी गई गोली, पर किसी ने नहीं सुनी आवाज
पुलिस के अनुसार सुखवीर के सिर में पिस्टल से गोली मारी गई है। उनके घर में 9 एमएम गोली का खोल मिला है। पुलिस ने जिसे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सुखवीर जिस जगह पर मकान बनाकर रहता है, वहां पर आसपास और पीछे के एरिया में सभी प्लॉट खाली हैं। जबकि सामने पड़ोस में रहने वाले मकान मालिक घटना के समय घर पर नहीं थे। यह परिवार किसी काम से बाहर गया हुआ था। किसी ने भी गोली चलने की आवाज नहीं सुनी।

सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, दोनों के फोन भी ले गए
पति-पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले हत्यारे पेशेवर माने जा रहे हैं। सुखवीर ने अपने मकान के बाहर सीसीटीवी लगाया हुआ है। हत्यारों ने घर में पहुंचने पर सबसे पहले गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया। उसके बाद वह घर में घुसे हैं। बताया जाता है कि सुखवीर ने सीसीटीवी को अपने मोबाइल से कनेक्ट किया हुआ था। लगता है कि बदमाशों को इस बात की जानकारी थी। तभी वह पति-पत्नी का मोबाइल व लैपटॉप भी अपने साथ ले गए हैं। ताकि किसी प्रकार का कोई सुराग नहीं बच सके।

पुलिस कमिश्नर ने किया था घटना स्थल का दौरा
पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया। बीके अस्पताल में परिवारीजनों से मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर दोपहर 12 बजकर 55 मिनट पर जसाना गांव पहुंचे। सुखवीर के घर में जाकर मुआयना किया।