खान चाचा रेस्टोरेंट की जाँच क्राइम ब्रांच के हाथ

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कोरोना संकट के दौरान दक्षिणी दिल्ली के खान मार्केट में स्थित खान चाचा रेस्टोरेंट से बरामद हुए ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स मामले की जांच को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है। क्राइम ब्रांच अब इस गोरखधंधे की कड़ियां जोड़कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश करेगी।

आपको बता दें कि राजधानी के बेहद पॉश इलाके खान मार्केट में दिल्ली पुलिस ने कई मशहूर रेस्टोरेंट में छापा मारा। इन जगहों पर बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जब्त किए गए। टाउन हॉल रेस्टोरेंट के अंदर साउथ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान वहां से 9 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिले। इसके अलावा खान चाचा रेस्टोरेंट में भी पुलिस ने छापा मारा, जहां से 96 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जब्त किए गए। इस मामले के आरोपी हितेश से पूछताछ के बाद पुलिस ने खान मार्केट के टाउन हॉल रेस्टोरेंट में छापेमारी की थी। यहां से बड़ी मात्रा में मेडिकल उपकरण भी बरामद किए गए।

वहीं, खान चाचा रेस्टोरेंट से 96 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिलने के बाद पुलिस ने रेस्तरां को सील कर दिया है। इस रेस्टोरेंट का मालिक नवनीत कालरा है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 3 नामी-गिरामी रेस्टोरेंट पर छापा मारकर 524 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जब्त किए हैं। इतनी बड़ी तादाद में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिलने से हड़कंप मच गया है।

नवनीत कालरा के स्वामित्व वाले लोधी कॉलोनी सेंट्रल मार्किट स्थित नेगे एंड जू बार से बरामदगी शुरू हुई थी। कालरा एक प्रसिद्ध व्यवसायी हैं, जो दयाल ऑप्टिकल्स और खान चाचा, नेगे एंड जू और टाउन हॉल रेस्ट्रो बार और मिस्टर चाउ से जुड़े हुए हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, नवनीत कालरा ही इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड है। नवनीत कालरा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का काला धंधा करता था।

इस पूरे मामले के तार अब गगन दुग्गल से जुड़ रहे हैं, जो लंदन में रहता है। जानकारी के मुताबिक गगन दुग्गन उसी नवनीत कालरा का पार्टनर है, जो अपने रेस्तरां के माध्यम से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेच रहा था। गगन दुग्गल लंदन में रहता है और मैट्रिक्स कंपनी का मालिक है। मैट्रिक्स कंपनी सिम कार्ड बनाने का काम करती है. गगन दुग्गल के मंडी विलेज के खुल्लर फार्म हाउस, छतरपुर से ही पुलिस ने 387 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर बरामद किए थे।

गगन दुग्गल की मैट्रिक्स कंपनी के नाम से ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 20 हजार रुपये प्रति पीस के हिसाब से भारत में इम्पोर्ट किए गए थे। और अब वही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 50 हजार, 60 हजार और अधिकतम 70 हजार रुपये के रेट पर ज़रूरतमंद और परेशान लोग लाइन लगाकर खरीद रहे थे।

जांच में सामने आया है कि ये ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स चीन से लाए गए थे. दिल्‍ली का बिजनेसमैन नवनीत कालरा लंदन में बैठे मैट्रिक्स के मालिक के साथ मिलकर ऑक्सीजन कंसंट्रटर्स की कालाबाजारी कर रहा था. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस काम में Classic Metals कंपनी (इसका ऑफिस दिल्ली के समयपुर बादली में है), Matrix cellular international service कंपनी (इसका ऑफिस दिल्ली के मंडी हाउस में खुल्लर फार्म में है) और Spicejet Merchandise Pvt. Ltd. (इसका ऑफिस गुरुग्राम में है) कंपनी शामिल हैं। मैट्रिक्‍स कम्पनी के मालिक का नाम गगन दुग्गल बताया जा रहा है, जो की जानकारी के मुताबिक इस वक्‍त लंदन में है।

इस मामले में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी जांच कर रहा है। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है की ये लोग अब तक 200 से ज्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेच चुके थे। जानकारी मिली है कि बार के मालिक नवनीत कालरा के नेताओं से भी संबंध हैं।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी के मामले में सामने आया है कि नवनीत कालरा और उनके साथी गगन दुग्गल ने मैट्रिक्स सेल्युलर की सहायता से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अवैध तरीके से आयात किए। विदेशों में संपर्क होने की वजह से आरोपितों को पहले से ही अनुममान था कि भारत में भी तेजी से संक्रमण के मामले बढ़ेंगे जिसके चलते उन्होंने दिसंबर से ही कंसंट्रेटर आयात करने शुरू कर दिए थे। नवनीत कालरा के रेस्टोरेंटों को पिकअप पाइंट के तौर पर इस्तेमाल किया।

क्राइम ब्रांच की कई टीमें इस मामले की जाँच कर रही है। क्राइम ब्रांच जल्द नवनीत कालरा को गिरफ्तार कर सकती है.

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क