गोगी हत्याकांड में गैंगस्टर नवीन हुडडा उर्फ उर्फ़ भांजा गिरफ्तार

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रोहिणी कोर्ट रूम के अंदर कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या की साजिश में शामिल वांटेड कुख्यात गैंगस्टर हरियाणा रोहतक निवासी 31 वर्षिय नवीन हुडडा उर्फ विक्की उर्फ भांजा को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। इसपर दिल्ली पुलिस नेे 50 हजार का इनाम रखा हुआ था। वांटेड नवीन गैंगस्टर नीरज बवानिया गैंग का एक कुख्यात शूटर है और 25 से अधिक हत्या की वारदातों को अंजाम दे चुका है। इसके खिलाफ मकोका, डकैती, लूटपाट, फिरौती के लिए अपहरण, पुलिसकर्मियों से हथियार लूटने, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूलने व आर्म्स एक्ट के दिल्ली एनसीआर के थानों में 40 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

डीसीपी संजीव यादव ने बताया की स्पेशल सेल की टीम वांटेड चल रहे बदमाशों को लेकर काम कर रही थी। एसीपी संजय दत्त की सुपरविजन व इंस्पेक्टर कैलाश सिंह बिष्ट और अनुज त्यागी के नेतृत्व में काम कर रही स्पेशल सेल, साउथ-वेस्टर्न रेंज की टीम को सूचना मिली कि नीरज बवानिया गैंग का शूटर नवीन हुडडा उर्फ भांजा होंडा सिटी कार नंबर यूपी 25 एजे 0558 से रात के समय मुजफ्फरनगर टोल गेट के पास किसी से मिलने आएगा।

सूचना मिलते ही टीम ने 22 व 23 जनवरी 2022 की दरम्यानी रात को मेरठ मुजफ्फरनगर टोल गेट पर पोजिशन ली।

टीम ने देखा कि मुखबिर द्वारा बताए गई होंडा सिटी कार मुजफ्फर नगर साइड से आ रहा थी।

पुलिस टीम ने जब उसे टोल प्लाजा के पास रुकने का इशारा किया तब उसने यू टर्न लेने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने वाहनों से रास्ता रोक दिया। कोई रास्ता न मिलने पर जब वह कार से उतरकर भागने लगा तभी उसे दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी नवीन हुड्डा उर्फ भांजा की रोहिणी कोर्ट परिसर में गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की गोली मारकर हत्या के मामले में अहम भूमिका रही है। 

गिरफ्तार शूटर नवीन हुडडा उर्फ भांजा ने बताया कि गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या की योजना जुलाई 2021 में दिल्ली की मंडोली जेल के अंदर से बननी शुरू हो गई थी।

जेल में बंद गैंगस्टर सुनील बाल्यान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया के साथ गैंगस्टर नवीन बाली ने गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी को मारने की पूरी साजिश रची थी और वह भी साजिश का हिस्सा था।

योजना के अनुसार नवीन हुड्डा उर्फ भांजा ने गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के संपर्क से हथियारों का जुगाड़ किया।

कोर्ट पेशी के समय गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी को मारने के लिए दो हमलावरों जगदीप सिंह उर्फ जग्गा और राहुल को हथियार देकर वकिल की ड्रैस में रोहिणी अदालत परिसर में प्रवेश करने में भी मदद की। 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश करते समय गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी को टिल्लू गैंग के दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि दोनो हमलावरों को दिल्ली पुलिस के जवानों ने मौके पर ही मार गिराया था।

इस हत्याकांड को लेकर दिनांक 24 सितंबर 2021 को एफआईआर संख्या 583 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पूछताछ में आरोपी नवीन हुडडा उर्फ भांजा ने बताया कि वह 2011 में नीरज बवानिया गैंग में शामिल हुआ और उसका शार्प शूटर बन गया। 2011 में ही इसने नीरज बवानिया गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर अपने प्रतिद्वंद्वी ग्राम मंडोठी निवासी गैंगस्टर करतार पर कई गोलियां चलाईं लेकिन इस हमले में गैंगस्टर करतार बच गया। इस वारदात को लेकर रोहतक में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। जल्द ही उसे दिल्ली पुलिस ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया और बाद में उसें हरियाणा पुलिस ने भी हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार कर लिया। 2012 में जेल से छूटने के बाद वह नीरज बवानिया का करीबी और भरोसेमंद बन गया था। दिल्ली, यूपी और हरियाणा में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए उसने नीतू दाबोदिया गैंग को खत्म करने की ठान  ली थी।

लेकिन स्पेशल सेल ने वसंतकुंज इलाके में नीतू दाबोदिया व उसके साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया। नीतू दाबोदिया की मौत के बाद उसका सहयोगी प्रदीप दहिया गैंग का सरगना बनकर गैंग चलाने लगा।

2014 में दोनो गैंगो के बीच गोलीबारी हुई थी। गोलीबारी में नवीन और उसके साथी नीरज बवानिया, मोनू, अशोक, रघु, पंकज और अरविंद शामिल थे। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सरगना प्रदीप दहिया और उसके सहयोगी अनिल उर्फ लीला की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि प्रदीप का साथी अंशुल गोली लगने से घायल हो गया था। इस संबंध में क्रॉस केस दर्ज किए गए थे। 

इस वारदात के लगभग दो महीने बाद, शूटर नवीन हुडडा उर्फ भांजा ने दिनेश उर्फ तापा और दीपक के साथ मिलकर हरियाणा की  रोहतक के शिवाजी कॉलोनी में कृष्ण पर गोलियां चलाईं थी लेकिन वह बच गया था।

 इस वारदात को लेकर थाना शिवाजी काॅलोनी रोहतक में दिनांक दो नंवबर 2014 को एफआईआर संख्या 340/2014 धारा 307, 452, 506, 34 आईपीसी और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

गैंगस्टर नीरज बवानिया बागपत के टिकरी निवासी गैंगस्टर सुनील राठी का करीबी दोस्त है। गैंगस्टर सुनील राठी हत्या के एक मामले में उत्तराखंड जेल में बंद है। सुनील राठी के अनुरोध पर नीरज बवानिया ने अमित भूरा को उत्तराखंड पुलिस की हिरासत से छुड़ाने का वादा किया था।

गैंगस्टर नीरज बवानिया के आदेश पर शूटर नवीन ने सचिन खोकर, दिनेश उर्फ तापा, रवि और लड्डू के साथ मिलकर अमित भूरा को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के दो प्रयास किए  लेकिन असफल रहे।

दो बार असफल होने के बाद अमित भूरा को छुड़ाने के लिए पक्की योजना बनाई गई। 14 दिसंबर 2014 की शाम नीरज बवानिया ने अपने दिल्ली स्थित कार्यालय में शूटर नवीन व दिनेश सहित गैंग के सदस्यों के साथ बैठक कर अमित भूरा को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए योजना बनाई थी। कमरुद्दीन नगर में कांग्रेस के पूर्व विधायक रामबीर शौकीन भी बैठक में था।

15 दिसंबर 2014 को शूटर नवीन व दिनेश उर्फ तापा सात अन्य बदमाशों के साथ स्कॉर्पियो से टटेरी मंडी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। योजनानुसार दिनेश और रवि उसी ऑटो रिक्शा में सवार हुए थे जिसमें उत्तराखंड पुलिस अमित भूरा को बागपत कोर्ट ले जा रही थी। जैसे ही स्कार्पियो ने ओवरटेक कर उक्त आटो को टक्कर मारी दिनेश व रवि ने पुलिसकर्मियों पर मिर्च पाउडर फेंक दिया और शूटर नवीन हुडडा उर्फ भांजा व अन्य बदमाशों ने हवा में फायरिंग शुरू कर दी। उसी दौरान बदमाशों ने गैंगस्टर अमित भूरा को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के अलावा पुलिस गार्ड से दो एके 47 और एक एसएलआर राइफल लूट लिया था।

इस वारदात को लेकर थाना बागपत में दिनांक 15 दिसंबर 2014 को एफआईआर संख्या 1072/2014 धारा 395, 397, 332, 353, 323, 223, 224, 412,120 बी और  34 तहत के मामला दर्ज किया गया था। यूपी और उत्तराखंड पुलिस ने आरोपी अमित भूरा की गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी।

जनवरी 2015 में मौरिस नगर क्षेत्र में शूटर नवीन हुडडा उर्फ भांजा ने दिनेश उर्फ तापा, दीपक भांजा और एक अन्य बदमाशों के साथ मिलकर बंदूक की नोंक पर एक वर्ना कार और एक लाख रूपयों की लूट की थी। वर्ना कार को पुलिस टीम ने बरामद कर लिया है।

नवीन हुडडा उर्फ भांजा, नीरज बवानिया, नवीन बाली, सुनील राठी, अमित भूरा, पंकज और अन्य के मकोका के तहत मामला दर्ज किया गया था।

वर्ष 2015 में नवीन हुड्डा उर्फ भांजा को मकोका मेे गिरफ्तार कर लिया गया था। 2015 से 2020 तक वह जेल में बंद था। आरोपी नवीन हुड्डा उर्फ भांजा को माननीय न्यायालय से 30 मई 2020 को 45 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिली और उसके बाद वापस जेल नहीं लौटा। जमानत मिलने के बाद पुलिस से बचने के लिए नवीन हुड्डा उर्फ भांजा नेपाल, रुद्रपुर, हिमाचल, दिल्ली और यूपी में कई जगहों पर छिपा। चूंकि नवीन हुड्डा उर्फ भांजा पैरोल कूदने के बाद ज्यादातर समय नेपाल में ही रहता था, इसलिए उसके साथी उसे नेपाली कहकर बुलाते थे।

आरोपी नवीन हुड्डा उर्फ भांजा और तिहाड़ जेल में बंद गैगस्टर नवीन बाली  ने नुन्ना मजारा, बहादुरगढ़ के पूर्व सरपंच सुरेंद्र गुल्लर को भी मारने की साजिश रची थी। क्योंकि इनको लगता था कि सुरेंद्र गुल्लर प्रतिद्वंद्वी गैंग के सदस्य अशोक प्रधान की मदद कर रहा है। तिहाड़ जेल में बंद गैगस्टर नवीन बाली ने सरपंच सुरेंद्र गुल्लर को मारने के लिए अपने सहयोगी दीपक दद्दा के जरिए हथियार मुहैया कराए थे। जुलाई 2021 में सुरेंद्र गुल्लर की हत्या कर दी गई। इस मामले में गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने दबोच लिया था लेकिन नवीन हुड्डा उर्फ भांजा फरार हो गया था।    

जांच में आगे पता चला है कि नवीन हुड्डा उर्फ भांजा गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अपने प्रतिद्वंद्वी भोंडसी जेल में बंद गैंगस्टर अशोक प्रधान को भी कोर्ट की पेशी के समय पुलिस हिरासत मे मारने की योजना बना रहा था।

आरोपी नवीन हुड्डा उर्फ भांजा ने 12वीं तक पढ़ाई की और पढ़ाई छोड़कर प्रॉपर्टी डीलर का काम करने लगा। इसने घेवरा, दिल्ली निवासी अपने मामा दलजीत राणा के सहयोग से क्रिकेट मैचों में सट्टा जुआ भी शुरू किया। नवीन हुड्डा बचपन से ही घेवरा में अपने मामा संजय राणा के साथ रहा है, इसलिए उसे आमतौर पर ‘भांजा कहा जाता है।

सनसनी ऑफ  इंडिया नेटवर्क