गैंगस्टर गगन पंडित ने की थी किन्नर गुरु एकता जोशी की हत्या

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पिछले साल पांच सितंबर को जीटीबी एन्कलेव में किन्नर एकता जोशी की गोली मारकर हत्या करने वाले दो कुख्यात बदमाश गगन पंडित व वरुण को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें शनिवार तड़के निरंकारी समागम ग्राउंड, शाह आलम बांध रोड से गिरफ्तार किया गया। 55 लाख रुपये सुपारी लेकर इन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। दिल्ली पुलिस की तरफ से इनमें गगन पंडित पर एक लाख और वरुण पर 50 हजार रुपये का इनाम था। उक्त मामले में दोनाें वांछित थे। बता दें कि दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर शिव कुमार और कर्मवीर की टीम ने दो वांटेड कांट्रैक्ट किलर को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार गगन पंडित दिल्ली के पश्चिमी विहार का रहने वाला है. इस पर दिल्ली पुलिस ने 1 लाख का इनाम रखा हुआ था, जबकि गिरफ्तार वरुण पंडित पर 50 हजार का इनाम था. गगन और वरुण दिल्ली के जीटीबी एनक्लेव में 5 सितंबर 2020 को एक किन्नर की हत्या के केस में वांटेड थे. स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक, 5 सितंबर 2020 को 2 स्कूटी सवार बदमाश आमिर और गगन ने एकता जोशी नाम की किन्नर की गोली मारकर हत्या कर दी थी. गिरफ्तार गगन पंडित ने पूछताछ में बताया किन्नर एकता जोशी की हत्या के लिए 55 लाख रुपये की सुपारी मिली थी और हत्याकांड को 7 लोगों ने अंजाम दिया था. गगन ने बताया कि वो किन्नर एकता जोशी हत्याकांड का मास्टरमाइंड था. गगन के मुताबिक, किन्नरों के एक ग्रुप के सदस्य मंजूर इलाही ने गगन से संपर्क किया था और किन्नर एकता जोशी और उसकी सौतेली मां अनीता जोशी की हत्या के लिए कहा था. इसके लिए 55 लाख की सुपारी दी थी. स्पेशल सेल के मुताबिक, फरीदाबाद से किन्नरों के एक ग्रुप जिसे सोनम और वर्षा लीड करती हैं. जीटीबी एंक्लेव से मंजूर इलाही के साथ कमल हेड करती हैं. इन चारों किन्नरों की जीटीबी एंक्लेव में रहने वाली किन्नर एकता जोशी और उसकी सौतेली मां अनीता जोशी से दिल्ली के यमुनापार इलाके में पैसों के कलेक्शन को लेकर वर्चस्व की लड़ाई थी. जो बाद में कट्टर दुश्मनी में बदल गई. जिसके बाद 4 किन्नरों के ग्रुप ने एकता और उसकी मां को रास्ते से हटाने के लिए 55 लाख की सुपारी अपराधी गगन और उसके साथियों को दे दी. 5 सितंबर 2020 वारदात को स्कूटर पर आए दो लोगों ने अंजाम दिया था। उन पर 6 गोलियां चलाई गईं। तीन गोलियां किन्नर गुरु को लगीं। उस वक्त उनके साथ और दो लोग थे, लेकिन वे बच गए। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। वारदात के वक्त एकता अपनी कार से किसी काम से लक्ष्मी नगर गई थीं। वहां से लौटकर वह जीटीबी एनक्लेव स्थित अपने डीडीए जनता फ्लैट में आ रही थीं। एकता दो साथियों अनीता और आशीष के साथ कार से घर के बाहर उतरीं। पहले से घात लगाए स्कूटर सवार दो बदमाशों ने गेट से ठीक पहले उन पर गोलियां बरसा दी गईं। हमले में आशीष और अनीता बाल-बाल बच गए। 10 अप्रैल को एसीपी अतर सिंह, इंस्पेक्टर शिव कुमार, कर्मवीर सिंह व पवन कुमार को सूचना मिली कि गगन अपने एक साथी बदमाश के साथ हरियाणा नंबर की सकार्पियो से निरंकारी समागम ग्राउंड के पास आने वाला है। पुलिस टीम ने जब स्कार्पियो को रोकने का इशारा किया तो गगन ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया।