सनसनी ऑफ़ इंडिया
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।
अगर आप विदेश में नौकरी करना चाहते हैं, विदेश में बसना चाहते हैं तो थोड़ा सावधान रहिए क्योंकि ठगों के कई ऐसे गैंग हैं जिनके आप शिकार हो सकते हैं. गाजियाबाद पुलिस ने ठगों के एक ऐसे ही बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस के मुताबिक ये लोग विदेश भेजने के नाम पर, वहां नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से बड़ी रकम ठग लिया करते थे . इससे पहले कि सामने वाला समझ पाए कि उसके साथ ठगी हुई है, ये पूरा गैंग गायब हो जाता था.
गाजियाबाद पुलिस के पास कुछ युवाओं ने शिकायत दी कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनके साथ लाखों की ठगी की गई है. पीड़ितों ने पुलिस को जाली नियुक्ति पत्र भी दिखाए और फ्लाइट की टिकट भी दिखाई.

जांच के बाद 3 आरोपी हुए गिरफ्तार

गौतम बुद्ध नगर के रहने वाले 3 ठग गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने उन तमाम नंबरों की डिटेल निकाली जिनके जरिए ये लोग पीड़ितों से बात किया करते थे. पुलिस ने इनके ऑनलाइन दिए गए विज्ञापनों की भी जांच की तो पुलिस को इस गैंग के तीन शातिर ठगों की जानकारी मिल गई. इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपी महताब आलम, सफातुल्ला खान और विकास राय को गिरफ्तार कर लिया. ये तीनों गौतम बुद्ध नगर के रहने वाले हैं.

कई कैंसिल टिकट भी हुए बरामद
जांच में पुलिस को पता लगा कि इस गैंग के कुछ लोग विदेशों में बैठे हैं. वहां से जाली नियुक्ति पत्र भेजा करते थे. जिसे देखकर लोगों को इन पर यकीन आ जाता फिर लोग लाखों में इन्हें रुपए दे देते. पुलिस ने इनके पास कई देशों के जाली स्टैम्प, 90 पासपोर्ट, जाली वीजा और कई कैंसिल टिकट भी बरामद किए गए हैं.

अब तक की है कई करोड़ की ठगी
ये लोग यकीन दिलाने और ठगी की रकम बढ़वाने के लिए टिकट करवा देते थे और बाद में इसे कैंसिल करा देते थे. एक बार एक जगह ऑफिस खोलते और जब कुछ लोग इनके शिकार बन जाते तो ये दफ्तर बंद कर वहां से गायब हो जाते और फोन नंबर भी बदल देते थे. पुलिस के मुताबिक इन लोगों ने अब तक कई करोड़ की ठगी की है.

महताब है गैंग का मास्टरमाइंड :
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गैंग का मास्टर माइंड महताब है। उसने बीए तक की पढ़ाई की है। वहीं गैंग में दूसरे नंबर के जालसाज सफातुल्ला ने बीकॉम की पढ़ाई की है। यह दोनों आरोपी नौकरी के सिलसिले में करीब पांच साल पहले खाड़ी देशों में गए थे। वहां से लौटने के बाद इन लोगों ने ठगी का धंधा शुरू किया।

आईटीआई पास बेरोजगारों को बनाते थे निशाना :
पुलिस ने बताया कि आरोपी खाड़ी देशों में फीटर, इलेक्ट्रिशियन, राज मिस्त्री और कुक आदि की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। इसके लिए आरोपी खासतौर पर आईटीआई पास बेरोजगार युवकों की तलाश करते थे। इसके लिए स्थानीय अखबारों में अक्सर विज्ञापन भी निकलवाते रहते हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपी प्रत्येक आवेदक से वीजा, एयर टिकट व अन्य कार्यों के लिए 3 से 5 लाख रुपए वसूल करते थे। पुलिस के अनुसार अपने कार्यालय में आने वाले लोगों के साथ आरोपी इस तरह व्यवहार करते थे कि पीड़ितों को उन पर थोड़ा भी संदेह नहीं होता था।

फर्जी नियुक्ति पत्र देते थे आरोपी
आरोपी आवेदकों को न केवल फर्जी वीजा थमाते थे, बल्कि खाड़ी देशों की प्रतिष्ठित कंपनियों का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे देते थे। आरोपी आवेदकों को रॉयल टूर एंड ट्रैवल्स से हवाई टिकट बुक कराकर देते थे, लेकिन फ्लाइट से एक दिन पहले टिकट रद्द कराकर वह पैसा भी डकार जाते थे।

बदलते रहते थे दफ्तर
पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि आरोपी एक स्थान पर कुछ वारदात को अंजाम देने के बाद अपना दफ्तर बदल लेते थे। करीब दो साल पहले इनका दफ्तर साहिबाबाद में था। इसके बाद आरोपी अपना दफ्तर लेकर नोएडा चले गए। अभी एक साल पहले ही इन्होंने दोबारा गाजियाबाद के इंदिरापुरम में अपना दफ्तर खोला है। उन्होंने बताया कि अब सूचना मिली है कि आरोपियों ने गाजियाबाद के ही आरडीसी में अपना नया ठिकाना तलाश लिया था। आरोपियों की गिरफ्तारी भी मंगलवार की रात आरडीसी से ही हुई है।

पासपोर्ट धारकों को पूछताछ के लिए बुलाया
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के पास से 90 लोगों के पासपोर्ट बरामद हुए हैं। पुलिस ने सभी पासपोर्ट धारकों को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके अलावा पुलिस उन लोगों की भी पहचान करने का प्रयास कर रही है, जिनके साथ आरोपियों ने पहले ठगी की है।

टूरिस्ट वीजा पर भेजा था कुवैत
जांच में पता चला है कि आरोपियों ने दो दर्जन से अधिक लोगों को कुछ दिन पहले एक माह के टूरिस्ट वीजा पर कुवैत भेजा था। दावा किया था कि सभी को तीन साल तक नौकरी के लिए भेजा जा रहा है। लेकिन वीजा अवधि पूरी होने पर सभी को वापस लौटना पड़ा था। इसी प्रकार आरोपियों ने कुछ दिन पहले 10 नेपाली नागरिकों के साथ भी विदेश भेजने के नाम पर ठगी की थी।