नई दिल्ली के डीसीपी डॉ. ईश सिंघल ने बताया कि दीनू और उसके तीन साथियों ने आंबेडकर नगर स्थित कपड़े की दुकान में सेंधमारी की थी। ये लोग शटर तोड़कर दुकान के अंदर घुसे थे और लाखों रुपये का कपड़ा चुरा ले गए थे।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
नई दिल्ली। साउथ दिल्ली के आंबेडकर नगर इलाके में चोरी की एक वारदात में शामिल रहा आरोपी जमानत मिलने के बाद ऐसा गायब हुआ कि उस तक पहुंचने में पुलिस को 22 साल लग गए। आखिरकार अब आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया। फरार मुलजिमों की धरपकड़ के लिए बनाई गई नई दिल्ली जिले के मंदिर मार्ग थाने की विशेष टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले दीनू (60) के रूप में हुई। 1989 में आंबेडकर नगर थाने में दर्ज सेंधमारी के केस में पकड़ा गया दीनू जमानत पर जेल से छूटने के बाद फरार हो गया था। जून 1998 में पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। तभी से वह पुलिस की गिरफ्त में आने से बचता फिर रहा था।

22 साल से फरार भगोड़ा दीनू गिरफ्तार

नई दिल्ली के डीसीपी डॉ. ईश सिंघल ने बताया कि दीनू और उसके तीन साथियों ने आंबेडकर नगर स्थित कपड़े की दुकान में सेंधमारी की थी। ये लोग शटर तोड़कर दुकान के अंदर घुसे थे और लाखों रुपये का कपड़ा चुरा ले गए थे। बाद में पुलिस ने दीनू और उसके साथियों को गिरफ्तार करके उनके पास से चोरी हुआ कपड़ा बरामद किया था। कुछ समय बाद दीनू जमानत पर जेल से बाहर आ गया और उसके बाद कभी अदालत के सामने पेश नहीं हुआ। बाद में कोर्ट ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया।

डीसीपी के मुताबिक, दीनू एक कुख्यात इंटरस्टेट सेंधमार था, जो आमतौर पर रात के वक्त दुकानों में सेंधमारी करता था या फिर घरों के बाहर बंधी भैंसें चुरा ले जाता था। चोरी के ऐसे कई मामलों में वह शामिल रह चुका था। हरियाणा और राजस्थान की पुलिस भी उसे चार बार गिरफ्तार कर चुकी थी। इस दौरान वह अलवर, भोंडसी, किशनगढ़ और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रहा।