बंद पड़े बीमा पालिसी को दोबारा शुरू करने झांसा देकर ठगी की करने वाले गिरफ्तार

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सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
नई दिल्ली, लक्ष्मी नगर।
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस ने चार ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो बंद पड़े बीमा पालिसी को दोबारा शुरू करने, आकर्षक बोनस दिलाने का झांसा देकर ठगी की वारदात अंजाम देते थे। आरोपितों में सचिन मिश्रा, सुनील कुमार, तरुण व अरिवंद शामिल हैं। इनके पास से पुलिस को 1.44 लाख रुपए, 73 डेबिट कार्ड, कई चेकबुक, 11 मोबाइल, आठ सीपीयू, चार लैपटाप सहित अनेक चीजें बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने अपना नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैलाया हुआ था।

पुलिस के अनुसार आरोपित ऐसे लोगों को शिकार बनाते थे जिनकी बीमा पालिसी किसी कारण से बंद हो चुकी हो या फिर लंबे समय से जिन्होंने प्रीमियम नहीं भरा था। आरोपित उन्हें फोन करते थे और खुद को सरकारी अधिकारी बताकर बात करते थे। जब लोग इनके झांसे में आ जाते थे तब उनसे पैसा अपने खातों में मंगाते थे। बाद में जब पीड़ित को कुछ संदेह होता तो ये फोन उठाना बंद कर देते थे।

दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस ने चार ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो बंद पड़े बीमा पालिसी को दोबारा शुरू करने, आकर्षक बोनस दिलाने का झांसा देकर ठगी की वारदात अंजाम देते थे। आरोपितों में सचिन मिश्रा, सुनील कुमार, तरुण व अरिवंद शामिल हैं।

दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि वसंतकुंज एंक्लेव निवासी मातादीन ने पुलिस को अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके साथ उनकी बंद पॉलिसी को दोबारा शुरू करने और ज्यादा रिटर्न देने के नाम पर ठगी हुई है। पुलिस ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि उनके साथ वर्ष 2013 से 2020 तक कई बार ठगी हो चुकी थी। पुलिस को छानबीन में पता चला कि ठगी की रकम सचिन मिश्रा, तरुण, अरविंद व अन्य लोगों के खाते में जमा किए गए थे। पुलिस टीम ने इन लोगों के खाते की जानकारी जुटानी शुरू की।

तकनीकी छानबीन से पुलिस ने पता लगाया कि आरोपित लक्ष्मी नगर में दो कंपनी चला रहे हैं। पुलिस टीम ने वहां छापा मार कर सचिन मिश्रा, सुनील कुमार और अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों से पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने उत्तराखंड के रामपुर से तरूण को गिरफ्तार किया। आरोपितों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उन्होंने गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस अब इनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

टेलीमार्केटिंग कंपनी चलाते थे आरोपित
पुलिस के अनुसार चार आरोपित नोएडा स्थित एक कंपनी में काम करते थे। यह टेलीमार्केटिंग कंपनी थी, जो लोगों को पॉलिसी बेचने और बंद पॉलिसी पर ज्यादा बोनस दिलाने की बात कहकर ठगी की वारदात अंजाम देती थी। वर्ष 2014 में इस कंपनी के मालिक पर लोगों से ठगी का मामला दर्ज हुआ और उसे पुलिस ने पकड़ लिया। जिसके बाद उस कंपनी में काम करने वाले इन चारों दोस्तों ने 2014 से मिलकर लोगों के साथ ठगी का काम शुरू कर दिया। आरोपितों ने खुद की कंपनी शुरू की और पुरानी कंपनी में काम करने के दौरान एकत्रित डाटा की मदद से लोगों को फोन कर उनके साथ ठगी करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने करीब सात वर्षों में करीब 500 से लोगों के साथ 7 करोड़ से ज्यादा की ठगी की है। अभी तक पुलिस को आरोपितों के जिन खातों का पता चला उससे करीब दो करोड़ की लेनदेन की बात सामने आई है।