24 करोड़ की ठगी करके छह साल से था फरार, क्राइम ब्रांच ने आधार कार्ड से दबोचा

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क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज ने एसबीआइ बैंक से 24 करोड़ के क्रेडिट लोन की ठगी करके छह साल से फरार चल रहे 51 वर्षीय शातिर ठग सुरेंद्र यादव को रेवाड़ी से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एसबीआइ बैंक, सिंडिकेट बैंक व जम्मू एंड कश्मीर बैंक के पास एक ही विवादित संपत्ति के दस्तावेज गिरवी रखकर करोड़ों रुपयों का लोन लिया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद 2016 से आरोपित फरार चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ था।

क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश देव ने बताया की क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज के एसीपी संतोष कुमार की सुपरविजन में इंस्पेक्टर जय प्रकाश की टीम एसबीआइ बैंक की चांदनी चौक ब्रांच से करोड़ों रुपयों की ठगी के एक मामले में छह साल से फरार व 25 हजार के इनामी 51 वर्षीय शातिर ठग सुरेंद्र यादव को दबोचने के लिए आरोपी की मूवमेंट्स और इनफार्मेशन पर काफी समय से काम कर रही थी।

इंस्पेक्टर जय प्रकाश के नेतृत्व में एसआई सम्राट खटियान, हेड कांस्टेबल सुधीर, सुनील व सतपाल की एक टीम टेक्निकल व मैनुएल सर्विलांस से आरोपी पर नजर रखे हुए थी। शातिर ठग सुरेंद्र यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। आरोपी ने अपने पुराने सभी मोबाइल फ़ोन भी बंद कर दिए थे।

शातिर ठग सुरेंद्र यादव को दबोचना इंस्पेक्टर जय प्रकाश की टीम के लिए बड़ी चुनौती थी। क्योंकि आरोपी काफी समय से अपने परिवार के किसी भी सदस्य के संपर्क में नहीं था और साथ ही आरोपी ने अपने पास मोबाइल रखना भी बंद कर दिया था। मुखबिरों से आरोपी की बेंगलुरु, उत्तराखंड, सहारनपुर, यूपी व हरियाणा में मूवमेंट्स की इनफार्मेशन तो मिल रही थी लेकिन आरोपी इतना शातिर था की हर थोड़ी देर बाद अपनी लोकेशन बदल लेता था।

शातिर ठग सुरेंद्र यादव को दबोचने के लिए इंस्पेक्टर जय प्रकाश की टीम ने उत्तराखंड, सहारनपुर, यूपी व हरियाणा में आरोपी के सस्पेक्ट ठिकानों पर कई बार छापेमारी की लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।

क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज इंस्पेक्टर जय प्रकाश के नेतृत्व में एसआई सम्राट खटियान, हेड कांस्टेबल सुधीर, हेड कांस्टेबल सुनील व हेड कांस्टेबल सतपाल की एक टीम ने आरोपी के बंद मोबाइल की पिछले पांच साल की कॉल डिटेल हिस्ट्री खंगाली। एक एक नंबर को बारीकी से स्कैन किया। टीम ने कुछ सस्पेक्ट नंबरों को पॉइंट आउट करके सर्विलांस पर लगा दिया। लेकिन काफी समय तक सस्पेक्ट मोबाइल नंबरों से आरोपी की कोई मूवमेंट्स नहीं मिली।

शातिर ठग सुरेंद्र यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज के एसीपी संतोष कुमार को पूरा शक था की आरोपी ने अभी तक अपना कोई स्थाई ठिकाना नहीं बनाया। इसलिए आरोपी कुछ एक समय के बाद अपना ठिकाना बदल लेता है। आरोपी पिछले छह साल से फरार था और इतने लम्बे समय तक बार बार अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार के घर रुकना संभव नहीं है। हो न हो आरोपी हर एक नई जगह जाकर किसी होटल आदि में जरूर रुकता होगा। होटल आदि में रुकने के लिए पहचान के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड या पासपोर्ट कोई एक देना होता है।

क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज के एसीपी संतोष कुमार की सुपरविजन व इंस्पेक्टर जय प्रकाश के नेतृत्व में एसआई सम्राट खटियान ने दूसरे एंगल पर काम करना शुरू किया। लेकिन टीम को आरोपी के आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड व पासपोर्ट से होटल बुकिंग की कोई हिस्ट्री नहीं मिली।

एसआई सम्राट खटियान ने आरोपी के परिवार, नजदीकी दोस्तों व सस्पेक्ट रिश्तेदारों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड व पासपोर्ट को स्कैन किया तो पता चला की आरोपी के एक बहुत ही करीबी दोस्त के आधार कार्ड से बेंगलुरु, उत्तराखंड, सहारनपुर, यूपी व हरियाणा में कई बार होटल की बुकिंग हुई है। एसआई सम्राट खटियान ने तुरंत ही सस्पेक्ट दोस्त के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला की सस्पेक्ट दोस्त पिछले काफी समय से दिल्ली से बाहर ही नहीं गया है।

क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज के एसीपी संतोष कुमार का शक सही निकला। जाँच में पता चला की बेंगलुरु, उत्तराखंड, सहारनपुर, यूपी व हरियाणा में शातिर ठग सुरेंद्र यादव ने होटल बुकिंग में अपने एक बहुत ही करीबी दोस्त का आधार कार्ड इस्तेमाल किया है।

दिनांक 28 फरवरी 2022 को एसआई सम्राट खटियान को इनफार्मेशन मिली की शातिर ठग सुरेंद्र यादव ने अपने दोस्त के आधार कार्ड से उत्तराखंड में होटल बुक किया है।

इनफार्मेशन कन्फर्म होते ही क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज इंस्पेक्टर जय प्रकाश ने संतोष कुमार एसीपी क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज के साथ इनफार्मेशन शेयर्ड की।

संतोष कुमार एसीपी क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज ने इनफार्मेशन से क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारीयों को अवगत कराया।

शातिर ठग सुरेंद्र यादव को दबोचने के लिए RAJESH DEO डीसीपी क्राइम ब्रांच ने संतोष कुमार एसीपी क्राइम ब्रांच दक्षिण रेंज की supervision और इंस्पेक्टर जय प्रकाश के नेतृत्व में एसआई सम्राट खटियान, हेड कांस्टेबल सुधीर, सुनील व सतपाल की एक टीम का गठन किया।

टीम ने उत्तराखंड में आरोपी के सस्पेक्ट होटल पर छापेमारी की लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी होटल से चेक आउट करके जा चूका था। मजबूरन टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। दस घंटे के सफर के बाद टीम जब उत्तराखंड से वापस दिल्ली लौट रही थी तभी एसआई सम्राट खटियान को एक और इनफार्मेशन मिली की शातिर ठग सुरेंद्र यादव ने अपने दोस्त के आधार कार्ड से रिवाड़ी हरियाणा में होटल बुक किया है । लगातार कई घंटों के सफर से टीम थक चुकी थी लेकिन शातिर ठग सुरेंद्र यादव को दबोचने का यह मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी। टीम रास्ते से ही रिवाड़ी की और मुड़ गई। रेवाड़ी में सस्पेक्ट ठिकाने पर छापा मारकर शातिर ठग सुरेंद्र यादव गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में शातिर ठग सुरेंद्र यादव ने बताया की वर्ष 2010 में वित्तीय सहायता के लिए एसबीआई बैंक की चांदनी चौक शाखा में संपर्क किया था। उसने व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने के लिए क्रेडिट लोन की मांग की थी। उसने खुद को प्रगति एसोसिएटस का मालिक बताया था। संपत्ति गिरवी रख बैंक ने उन्हें 24 करोड़ क्रेडिट लोन दे दिया। आरोपी ने आवश्यकता अनुसार क्रेडिट लोन का लाभ उठाया, लेकिन बैंक को कभी लोन नहीं चुकाया। एसबीआई बैंक ने जब शातिर ठग सुरेंद्र यादव द्वारा जमा किए गए संपत्ति के दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि उनके द्वारा गिरवी रखी गई संपत्ति के दस्तावेज पहले से ही सिंडिकेट बैंक और जे एंड के बैंक के पास गिरवी रखे हुए थे। संपत्ति भी विवादित पाई गई। जिसके बाद भारतीय स्टेट बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक की शिकायत पर 2016 मेंं धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया था। केस दर्ज होने के बाद शातिर ठग सुरेंद्र यादव फरार हो गया था। 28 फरवरी 2020 को शातिर ठग सुरेंद्र यादव को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने भी शातिर ठग सुरेंद्र यादव पर 25 हजार ईनाम रख दिया था।

शातिर ठग सुरेंद्र यादव ने मेकेनिकल इंजीनियर करने के अलावा एमबीए किया हुआ है। पढ़ाई के बाद इसने कुछ समय प्राइवेट नौकरी की और उसके बाद प्रॉपर्टी डिलिंग व कंस्ट्रक्शन कार्य किया।

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क