शराब तस्करी के लिए गनपॉइंट पर कार लूटने वाले गिरफ्तार

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दिल्ली के Jaffarpur Kalan इलाके में कार लूटने का विरोध करने पर राव तुला राम अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर को गोली मारकर फरार हुए बदमाशों को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल ने नजफगढ़ से दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरियाणा झज्जर निवासी दिनेश उर्फ विक्की और निखिल के रूप में हुई है। दोनों ही आरोपियों ने शराब की तस्करी के लिए इस गाड़ी को लूटा था। लेकिन गाड़ी पंचर होने के चलते वह उसे रास्ते में छोड़कर फरार हो गए थे।
डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने बताया की 7 फरवरी को राव तुला राम हॉस्पिटल से जाफरपुर कला थाने को एक पीसीआर कॉल मिली थी। इसमें बताया गया कि अस्पताल का मेन गेट तोड़कर कोई गाड़ी निकली है। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने देखा कि अस्पताल का मुख्य गेट टूटा हुआ है और वहां पर मौजूद गार्ड ने बताया कि सफेद रंग की डीएल नंबर से शुरू सफ़ेद रंग की वर्ना कार में सवार चालक बड़ी तेजी से कार को लेकर आया इस गेट को तोड़कर फरार हुआ है। वह जाफरपुर कला की तरफ भागे हैं। जांच में पता चला कि यह कार अस्पताल के जूनियर डॉक्टर हेमंत की है जिसे गोली लगी है। और वह खुद इमरजेंसी में इलाज के लिए आया था। वह बयान देने की स्थिति में नहीं थे। पूछताछ में पता चला कि दो अज्ञात हमलावरों ने बंदूक की नोक पर उनकी कार को लूटने की कोशिश की थी और विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी। इसके बाद वह डॉक्टर की कार लूटकर फरार हो गए थे।
उसी दिन एक अन्य कॉल पुलिस को मिली जिसमें बताया गया कि जाफरपुर गांव में कृष्णा मंदिर के पास डीएल नंबर की कार एक्सीडेंटल कंडीशन में मिली है।
जाँच के दौरान पुलिस टीम को अस्पताल के पास ही एक विदेशी पिस्तौल कारतूस के साथ मिली। पुलिस को पता चला कि अस्पताल के पास चाये की दुकान पर पार्क कार में बदमाशों ने डॉक्टर को पहले गाड़ी से बाहर निकाला और फिर उनके चेहरे पर गोली चला दी थी। इस घटना को लेकर जाफरपुर कला Police station में एफआईआर संख्या 48/22 अंडर सेक्शन 307/427/34 और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस घटना को लेकर डॉक्टरों में काफी नाराजगी थी।
डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने मामले का पर्दाफाश करने और पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल के एसीपी उमेश बर्थवाल की सुपरविजन व इंस्पेक्टर शिवराज सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एसआई रविंदर हूडा, मुकेश, एएसआई नरेंदर, अभय सिंह, संजय त्यागी, हेड कांस्टेबल रईसुद्दीन, वीरेंदर, कांस्टेबल सतपाल, अमित और मोहित की एक क्रेक टीम का गठन किया।
जाँच टीम ने सबसे पहले क्राइम सीन के आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। क्राइम टीम ने एक्सीडेंटल कार को बारीकी से स्कैन किया। क्राइम सीन के इंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगे सीसीटीवी कैमरों में बदमाश कई जगह स्पॉट हुए थे। जाँच टीम ने सीसीटीवी कैमरों से मिली बदमाशों की फोटो को दिल्ली एनसीआर के सभी थानों में सर्कुलेट की। बदमाशों की पहचान के लिए मुखबिरों का जाल बिछाया।
जाँच टीम की मेहनत रंग लाई। टीम को पता चला कि इस वारदात में शामिल बदमाश हरियाणा के झज्जर में छिपे हुए हैं। बदमाशों को दबोचने के लिए क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के झज्जर में मुखबिरों का जाल बिछा दिया। टेक्निकल और मेनुएल सर्विलांस से बदमाशों पर नजर रखी जाने लगी।
सीक्रेट इनफार्मेशन और technical surveillance से जाँच टीम को पता चला की दिनांक 16 फरवरी 2022 को दोनों बदमाश नजफगढ़ इलाके में Carjacking की वारदात को अंजाम देने आएंगे।
इनफार्मेशन मिलते ही जाँच टीम ने ढांसा रोड से नजफगढ़ रोड तकअपना जाल बिछा दिया। 16 फरवरी 2022 को शाम 6 बजकर 15 मिनट पर दोनों बदमाश आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरियाणा झज्जर निवासी दिनेश उर्फ विक्की और निखिल के रूप में हुई।
पूछताछ के दौरान दिनेश ने बताया कि अपने गांव की शराब की दुकान में वह 35 फ़ीसदी का हिस्सेदार है। इसमें उसे काफी घाटा हो रहा था। इसलिए उसने एक ईको कार खरीदी और अवैध शराब दिल्ली एनसीआर में सप्लाई करने लगा। सागरपुर पुलिस ने उसे बीते सितंबर महीने में अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। उसकी गाड़ी जब्त हो गई और उसे वापस नहीं मिल रही थी। इसलिए उसने अपने साथी निखिल के साथ मिलकर कार लूटने की साजिश रची ताकि वह फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसमें अवैध शराब की तस्करी कर सके।
इनके पास वर्ना गाड़ी के कुछ नंबर थे। इसलिए उन्हें वर्ना मॉडल की ही गाड़ी लूटनी थी। निखिल को भी रुपयों की आवश्यकता थी। इसलिए वह इस साजिश का हिस्सा बन गया।
बीते 7 फरवरी को दोनों बदमाश नजफगढ़ इलाके में वर्ना मॉडल की कार को लूटने के इरादे से खोज रहे थे। लगभग 8 बजे राव तुला राम अस्पताल के पास एक चाय की दुकान पर उन्होंने सफेद रंग की वर्ना गाड़ी देखी। लेकिन कार मालिक भी कार के पास ही खड़ा होकर चाय पी रहा था। लगभग 5 से 10 मिनट के इंतजार के बाद कार मालिक कार के अंदर बैठ गए और तुरंत आरोपी दिनेश उर्फ़ विक्की ने कार की पिछली सीट पर अपनी पोजीशन ले ली, जबकि निखिल ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठ गया था। आरोपी दिनेश उर्फ ​​विक्की ने बंदूक की नोक पर डॉक्टर को कार से नीचे उतरने की धमकी दी लेकिन डॉक्टर ने मना कर दिया। डॉक्टर ने पिस्तौल की बैरल पकड़ते हुए तुरंत अपनी कार स्टार्ट की और अपनी कार अस्पताल की ओर दौड़ा दी। इसी बीच आरोपी दिनेश ने डॉक्टर को कार से बाहर धकेल दिया और उसने डॉक्टर पर गोली चला दी। एक गोली डॉक्टर के चेहरे पर लग गई। वहीं आरोपी निखिल मौके से फरार होने में कामयाब हो गया जबकि आरोपी दिनेश ने हड़बड़ी में कार से अस्पताल के गेट पर टक्कर मार दी जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। 2 किमी चलने के बाद कार पंचर हो गई। आरोपी दिनेश ने पंचर कार को नाले के पास छोड़ दिया और पैदल ही खेत से भाग गया, मोटरसाइकिल से लिफ्ट ली और अंत में आधी रात को अपने गांव पहुंचा। आरोपी निखिल पहले ही गांव पहुँच गया था।
जांच में क्राइम टीम को पता चला की आरोपी दिनेश उर्फ ​​विक्की ने वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल पिस्टल और जिंदा कारतूस अपने गांव के ही एक विनोद नामके व्यक्ति से खरीदा था। आरोपी व्यक्तियों के पास से बरामद मोटरसाइकिल पुलिस थाना डाबारी से चोरी हुई पाई गई है।
आरोपी दिनेश उर्फ ​​विक्की थाना सेक्टर 31, गुड़गांव हरियाणा और सागरपुर, दिल्ली से आर्म्स एक्ट और आबकारी मामले के तहत दो मामलों में शामिल पाया गया है।
क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल के इंस्पेक्टर शिवराज सिंह बिष्ट ने बताया की दोनों आरोपी व्यक्तियों को सीआरपीसी की धारा 41 पॉइंट 1 के तहत गिरफ्तार किया गया है और संबंधित थाना पुलिस को आगे की कार्यवाही के लिए सूचित किया गया है।
आरोपी दिनेश उर्फ़ विक्की पुत्र नरेश हरियाणा के जिला झज्जर का रहने वाला है। इसका जन्म हरियाणा में वर्ष 2001 में हुआ था। आरोपी ने ओपन स्कूल से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। इसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट के दो मामले पहले से दर्ज हैं.
आरोपी निखिल पुत्र स्वर्गीय परमिंदर भी हरियाणा के जिला झज्जर का रहने वाला हैं और इसका भी जन्म वर्ष 2001 में हुआ था। 2006 में इसके पिता का देहांत हो गया था। वह हरियाणा के बहादुरगढ़ से बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ रहा हैं। दोनों आरोपितों ने नियमित स्कूली शिक्षा छोडऩे के बाद बहादुरगढ़ अनाज मंडी में फाइनेंस का कार्य शुरू किया था, जहां वे लोगों को ब्याज पर पैसे देने लगे। इस धंधे में भारी नुकसान के बाद इन्होने फाइनेंस का काम छोड़ दिया और अवैध शराब की आपूर्ति शुरू कर दी।
सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
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