फरीदाबाद डॉक्टर परिवार हत्याकांड का खुलासा

विजय कुमार दिवाकर
फरीदाबाद, हरयाणा।
फरीदाबाद के सेक्टर-7ए में डॉ. प्रवीण मेहंदीरत्ता, पत्नी भारती, बेटी प्रियंका और दामाद सौरभ कटारिया के हत्याकांड मामले में फरीदाबाद पुलिस ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर इस केस का खुलासा किया है। पुलिस ने बताया है कि आरोपी जिम ट्रेनर मुकेश ने आखिर क्यों, कैसे और कब इस हत्याकांड को अंजाम दिया। इस घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मुकेश एक्सरे कराने के बहाने घर में दाखिल हुआ था। उसने चोरी के इरादे से डॉक्टर परिवार की हत्या की। पुलिस ने जानकारी दी कि मुकेश घर में चोरी की नियत से दाखिल हुआ था क्योंकि वह बुरी तरह कर्ज में डूबा हुआ है।
मुकेश को कसीनो और ऑनलाइन सट्टा खेलने का बहुत शौक है और इसके चलते वह बहुत पैसा हार चुका था। वह अपनी इस आदत की वजह से बुरी तरह कर्ज में डूब चुका है। इसी कर्ज को उतारने के लिए उसने अपने दोस्त दर्पण के घर में चोरी करने की योजना बनाई और फिर डॉक्टर परिवार के चार सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया।

डॉ. प्रवीण मेंदीरत्ता, उनकी पत्नी भारती, बेटी प्रियंका और दामाद सौरभ

पहले डॉक्टर, फिर उनकी पत्नी और फिर बेटी-दामाद की हत्या की…
मुकेश ने पहले डॉक्टर प्रवीण की हत्या की, फिर उनकी पत्नी की हत्या की। जब वह घर में घुसा तो सिर्फ डॉक्टर और उनकी पत्नी घर में थे। जब वह जेवर चोरी की घटना को अंजाम दे रहा था तो डॉक्टर की बेटी और दामाद घर में आ गए।
पकड़े जाने के डर से मुकेश ने बेटी और दामाद का भी कत्ल कर दिया। इसके बाद वह लाखों के जेवरात लेकर अपने घर चला गया और फिर अगले दिन तक डॉक्टर के बेटे दर्पण के साथ रहा। जब उसने देखा कि पुलिस की जांच का दायरा बढ़ रहा है तो वह अपने घर पर एक चिट्ठी छोड़कर शिरडी फरार हो गया।
पुलिस ने उसे शिरडी से ही गिरफ्तार किया। पुलिस ने जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल चाकू व चोरी के गहने भी बरामद कर लिए हैं।

हत्याकांड का आरोपी जिम ट्रेनर मुकेश ठाकुर पुत्र रामफल

मुकेश के इस झूठ ने उसे शक के घेरे में ला दिया था
जांच में जुटी पुलिस के अनुसार, हत्याकांड के राज से पर्दा उसी रात उठ जाता, मगर पुलिस की जांच की दिशा दूसरी तरफ चले जाने के कारण मामले को सुलझने में चार दिन लग गए। डॉ. मेहंदीरत्ता, उनकी पत्नी, बेटी व दामाद की हत्या की खबर सुनकर डॉक्टर के बेटे दर्पण के दोस्त भी मौके पर पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस को दर्पण के चार दोस्तों पर शक हुआ। इनमें मुकेश भी शामिल था। पुलिस ने पूछा कि उसके पास स्कूटी है या मोटरसाइकिल तो उसने बताया कि उसके पास मोटरसाइकिल है। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि मुकेश के पास स्कूटी भी है, मगर यह बात उसने पुलिस से छिपाई थी। उसके इस झूठ ने उसे शक के घेरे में ला दिया था। पुलिस उससे पूछताछ करती, मगर उच्च अधिकारियों के कहने पर दूसरी लाइन पर जांच करने लगी और मुकेश को अगले दिन क्राइम ब्रांच में आने के लिए कहा था। राज खुल जाने के डर से मुकेश अगले दिन घर में एक चिट्ठी छोड़कर फरार हो गया था।

डॉक्टर परिवार की बेटी और दामाद(फाइल फोटो)

उल्लेखनीय है कि 9 नवंबर की अज्ञात बदमाशों ने सेक्टर-7 मार्केट के सामने वाली कोठी में 65 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर प्रवीण मेहंदीरत्ता, उनकी पत्नी, बेटी व दामाद पर ताबड़तोड़ चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने से पहले हत्यारों ने पालतु कुत्ते को भी उनके घर के एक अलग कमरे में बंद कर दिया था।

वो कमरा जहां हुईं चारों हत्याएं

पुलिस व आला अफसरों ने मौके पर पहुंचकर इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी थी, लेकिन पुलिस को मौके से कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिल सका, जिसके आधार पर पुलिस हत्यारों तक पहुंच सके। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जिम संचालक तक पहुंची। पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए फरार आरोपी जिम संचालक की तलाश में जुट गई। यह जिम संचालक मुकेश कोई और नहीं, अपितु डॉक्टर के इकलौते बेटे दर्पण का करीबी दोस्त है। पुलिस ने अगले दिन डबुआ कॉलोनी स्थित जिम संचालक के निवास पर छापामार कर बैग, स्कूटी व खून से सनी चाबी बरामद की थी। इसके आधार पर पुलिस का यकीन और भी पक्का हो गया। आरोपी ने जाते वक्त घर पर छोड़े गए अपने पत्र में लिखा था कि मैं मुकेश, मैंने बहुत बड़ा गुनाह किया है। जिंदा रहूंगा तो सरेंडर कर दूंगा। सच कहूं तो मैं मरने जा रहा हूं। यह पत्र पुलिस को दे देना। सॉरी माई फैमिली। इस पत्र के मिलने से पुलिस के हाथ-पांव भी फूल गए। पुलिस किसी भी सूरत में उसे जिंदा पकड़ना चाहती थी ताकि हत्या की असल वजह पता चल सके।

मौके पर पहुंची पुलिस और भीड़

चार दिन पहले 90 रुपये में खरीदा था चाकू
हत्या से चार दिन पहले ही मुकेश ने डॉक्टर के घर चोरी करने की योजना बना ली थी। इसे लेकर जिम ट्रेनर ने डबुआ कॉलोनी की एक दुकान से 90 रुपये में मुर्गा काटने वाला चाकू खरीदा था। एसीपी ने बताया कि चोरी की वारदात को अंजाम देने के दौरान मुकेश चाकू दिखाकर डराना चाहता था, लेकिन वारदात के दौरान उसने एक-एक करके चारों की हत्या कर दी।

विलाप करते हुए परिजन

एक्सरे कराने के बहाने घर में घुसा मुकेश
आरोपी मुकेश ने डॉक्टर के घर चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए मरीज बनने का नाटक किया और अपना नाम राहुल बताते हुए एक्सरे करने जा पहुंचा। जहां डॉक्टर एक्सरे फीस लेकर उसे बेसमेंट में एक्सरे करने ले गए, इसी बीच आरोपी जिम ट्रेनर ने चाकू दिखाते हुए कहा कि वह चोरी करने आया है, इसलिए जो भी कुछ है, सब मुझे दे दो। यह सुनते ही डॉक्टर ने शोर मचा दिया और आरोपी ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से कई वार कर दिए। इससे डॉक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने एक-एक करके डॉक्टर, उनकी पत्नी, बेटी व दामाद की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद वह घर से गहने और कुछ नकदी लेकर फरार हो गया।

जांच करती पुलिस

धरपकड़ के लिए पुलिस की 10 टीम लगीं
डॉक्टर परिवार हत्याकांड को लेकर पुलिस की अलग-अलग 10 टीम आरोपी जिम संचालक मुकेश की तलाश में में जुटी थीं। जहां बुधवार को पुलिस को इसमें कामयाबी मिल गई। दरअसल, प्राथमिक दृष्टया में यह बात भी सामने आई कि डॉक्टर परिवार की हत्या करने के मामले में फरार चल रहे जिम ट्रेनर मुकेश कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। कर्जदार उससे अपना कर्ज मांग रहे थे। कर्ज चुकाने के लिए वह डॉक्टर के घर में चोरी करने के लिए घुसा था। आरोपी ने यह कबूलनामा अपने द्वारा लिखे पत्र में किया था। पुलिस जांच में अब तक यह भी पता चला है कि आरोपी ने अपनी बहन से करीब 70 हजार रुपये का कर्ज लिया हुआ था। वहीं कुछ रुपये उसने जिम में कसरत करने आने वाले लोगों से लिए हुए थे। पुलिस की जांच में अब तक करीब तीन लाख रुपये का कर्ज होने का पता चला है।

चौहरे मर्डर में इस्तेमाल स्कूटी

कर्ज में डूबा हुआ था हत्यारा मुकेश
सेक्टर-7ए में शुक्रवार रात दंपती (रेडियोलॉजिस्ट प्रवीन मेहंदीरत्ता, उनकी पत्नी भारती) व उनके बेटी-दामाद (प्रियंका, सौरभ कटारिया) की चाकू से गला रेतकर हत्या करने वाले मुकेश के बारे में पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। मुकेश को ऑनलाइन कसीनो व सट्टा खेलने का चस्का था। इस चक्कर में वह काफी रुपये हार गया था। उस पर काफी कर्जा भी हो गया था। उसने जिम में भी कई युवकों से रुपये उधार लिए हुए थे। अपनी विवाहित बहन से भी उसने पैसा लिया हुआ था। उस पर लोगों से उधार लिए रुपये वापस लौटाने का दबाव था। पुलिस को यह जानकारियां मुकेश के परिजनों व जिम के साथियों से बातचीत में मिली हैं। इससे पुलिस का अनुमान है कि कर्ज मुक्त होने के लिए उसने वारदात को अंजाम दिया है।

चौहरे मर्डर में इस्तेमाल स्कूटी की चाबी

शुक्रवार शाम घर से हत्या की योजना बनाकर निकला था मुकेश
मुकेश ने यह हत्याकांड बेहद सोच-समझकर व योजना बनाकर किया। मुकेश शुक्रवार शाम पूरी योजना व तैयारी के साथ घर से निकला था। मुकेश के परिजनों ने बताया है कि शुक्रवार रात उसने देर से घर आने की बात कही थी। वजह पूछने पर उसने बताया कि एक दोस्त की शादी में जाना है। उसने शादी का निमंत्रण कार्ड भी दिखाया था। इससे साफ है कि उसने पहले ही योजना बनाई हुई थी और वह घर से तैयारी के साथ निकला। मुकेश अन्य दिनों में जिम से रात 10 बजे तक घर आ जाता था। मगर शुक्रवार को वह 12 बजे घर आया। परिजनों के मुताबिक उन्होंने अगले दिन मुकेश के व्यवहार में किसी तरह का बदलाव महसूस नहीं किया। शनिवार रात करीब 11 बजे मुकेश ने भाभी कमलेश से पेन मांगा था। अनुमान है कि उसी पेन से रात में उसने कन्फेशन नोट लिखा और सुबह फरार हो गया।

पड़ोसियों ने कहा बेहद शांत लड़का था मुकेश
सेक्टर-7ए में चौहरे हत्याकांड में नाम आने के बाद न्यू राजीव कॉलोनी निवासी मुकेश के परिजन व पड़ोसी हतप्रभ हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि बेहद शांत व अपने काम से काम रखने वाला मुकेश ऐसा कर सकता है। पड़ोसियों ने कहा है कि उन्होंने कभी मुकेश को किसी से ऊंची आवाज में बात करते भी नहीं सुना।

प्याली चौक के पास न्यू राजीव कॉलोनी में मुकेश का परिवार तीन कमरों के पुराने मकान में रहता है।

गरीब परिवार से है कातिल मुकेश
प्याली चौक के पास न्यू राजीव कॉलोनी में मुकेश का परिवार तीन कमरों के पुराने मकान में रहता है। कमरों छत गाटर-सिल्ली की है, आगे सीमेंट की चादर डालकर छप्पर सा बनाया हुआ है। उसकी पत्नी नेहा ने डेढ़ माह पहले ही बेटी को जन्म दिया है। भाई लाला, भाभी कमलेश व मां द्रौपदी साथ ही रहते हैं। कमलेश के अलावा बाकी सभी परिवार वालों को पुलिस ने थाने में पूछताछ के लिए बुला लिया। दसवीं तक पढ़ा मुकेश बॉडी बिल्डिंग में मिस्टर दिल्ली का खिताब हासिल करना चाहता था।

चौहरे मर्डर में इस्तेमाल बैग

मां व भाई थाने लेकर पहुंचे कन्फेशन नोट
हत्यारे मुकेश की भाभी कमलेश ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब 5 बजे मुकेश उठकर कहीं जाने लगा, मां द्रौपदी ने पूछा तो उसने कहा कि वह दोस्तों के साथ हरिद्वार जा रहा है। सुबह करीब 6 बजे कमेलश सफाई कर रही थी तो फ्रिज के कवर के नीचे एक कागज मिला। यह कागज उसने पति लाला को दिखाया। लाला कागज पर लिखे शब्द पढ़कर दंग रह गया, दरअसल यह मुकेश का कन्फेशन नोट था, जिसमें उसने सेक्टर-7ए में चारों हत्या करने की बात लिखी थी। वह तुरंत मां द्रौपदी को साथ लेकर डबुआ थाने पहुंचा और पुलिस को यह नोट पकड़ा दिया। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई।

सट्टा व कसीनों के शौक ने बनाया कर्जदार
फरीदाबाद सेक्टर-सात-ए स्थित सावित्री सदन में डाक्टर प्रवीण मेहंदीरत्ता, उनकी पत्नी सुदेश उर्फ भारती, बेटी प्रियंका व दामाद सौरभ कटारिया की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने हत्यारोपी जिम ट्रेनर मुकेश ठाकुर को शिरडी से गिरफ्तार कर लिया। मुकेश से अब तक हुई पूछताछ में उसकी कुछ आदतों का पता चला है। माना जा रहा है कि यह आदतें ही चारों हत्याओं की वजह हो सकती हैं। जानिए ऐसी कौन सी आदतें हैं मुकेश की जिसने उसे चार हत्याएं करने पर मजबूर कर दिया…हत्यारोपी जिम ट्रेनर मुकेश ऑनलाइन सट्टा व कसीनों का शौकीन था। इस चक्कर में वह काफी पैसा हार गया था। बहन समेत जिम में भी कई लोगों का कर्जदार हो गया था। संभावना जताई जा रही है कि कर्ज उतारने के लिए उसने हत्या की और वारदात के बाद घर से नकदी व जेवरात समेट कर फरार होने की फिराक में था। हालांकि वह अगले दिन दर्पण के साथ उसके घर पुलिस कार्रवाई तक डटा रहा था। पुलिस पूछताछ शुरू होते ही फरार हो गया था।

डॉक्टर मेहंदीरत्ता

भागते वक्त सौरभ कटारिया से बात कीं, उसे पानी भी पिलाया
मुकेश ने पुलिस को बताया है कि जब वह घर से निकला, तब सौरभ कटारिया की सांसें चल रही थीं। सौरभ ने उससे पूछा था कि उसने यह क्यों किया। जिसके जवाब में मुकेश ने लूट की बात कही। सौरभ ने उससे पानी मांगा तो फ्रिज से बोतल निकालकर उसे पानी भी पिलाया। जाते हुए वह दोनों के मोबाइल भी लेकर गया। जो उसने रास्ते में फेंक दिए।

पुलिस को बताई थीं चार कहानी
इस मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि आरोपित शुरू से ही पुलिस को बरगलाने की कोशिश कर रहा था। उसने पुलिस को चकमा देने के लिए उसने अलग-अलग चार कहानियां बताई थीं। जब पुलिस ने उसकी कहानियों को वैरिफाई किया तो वे झूठी मिलीं। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ के बाद ही उसने सच्चाई उगली।

आरोपी मुकेश की यहां हुई थी दर्पण मुलाकात
जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि डॉक्टर के बेटे दर्पण का जिम में आना-जाना था। यहीं मुकेश से दर्पण की जान-पहचान हुई थी। इसके बाद आरोपी मुकेश ने दर्पण के ड्यूटी आने-जाने समेत पूरे परिवार की रेकी कर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

आरोपी मुकेश को घर लेकर पहुंची पुलिस, सीन किया री-क्रिएट
फरीदाबाद के सेक्टर-7ए में डॉ. प्रवीण मेहंदीरत्ता, पत्नी भारती, बेटी प्रियंका और दामाद सौरभ कटारिया के हत्यारोपी जिम ट्रेनर मुकेश ठाकुर को क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 ने तीन दिन के रिमांड पर लिया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार देर रात ड्यूटी मजिस्ट्रेट विवेक कादियान के समक्ष पेश किया था। बृहस्पतिवार को एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने भी पूछताछ की। पुलिस की टीम मुकेश को लेकर डॉ. मेहंदीरत्ता के घर भी पहुंची और पूरी वारदात का सीन री-क्रियेट किया।