सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
मध्य प्रदेश, खंडवा।
जिले के छैगांव माखन थाना क्षेत्र के ग्राम छिरवेल में नकली घी फैक्टरी पर छापा मारा गया है। कार्रवाई गुरुवार दोपहर दो थानों की पुलिस और खाद्य अधिकारियों ने मिलकर की है। मौके से 80 पीपे नकली घी और उसे बनाने में प्रयुक्त होने वाला सामान जब्त किया गया है। पता चला है कि आलू, डालडा और एसेंस की मदद से नकली घी तैयार किया जाता था। पुलिस ने फैक्टरी संचालक को गिरफ्तार किया है। लोग देसी घी समझें, इसके लिए फैक्टरी संचालक ग्रामीण महिलाओं की मदद लेता था, जिससे उसका घी हाथों-हाथ बिक जाता था।

फैक्टरी पर छापा मारने के दौरान कार्रवाई करती टीम।

खाद्य विभाग को सूचना मिली, शहर में बड़ी मात्रा में नकली घी खपाया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शहर में घर-घर जाकर घी बेच रही महिलाओं को पकड़ा। उनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह यह घी शनि मंदिर क्षेत्र के अमित ट्रेडर्स के संचालक अमित दुल्हानी से लाती हैं। टीम ने गुरुवार को सीएसपी ललित गठरे के निर्देशन में छिरवेल स्थित फैक्टरी पर छापा मारा। मौके से अमित दुल्हानी को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, यहां से भारी मात्रा में डालडा घी, आलू, एसेंस और अन्य सामग्री मिली है।

छापे के दौरान फैक्टरी से 80 पीपे नकली घी के मिले हैं। पुलिस ने इन्हें जब्त कर लिया है।

ऐसे तैयार करते थे घी
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले आलू को उबालकर, उसे पीसकर पेस्ट बनाते थे। इसके बाद रवा दार बनाने के लिए इसमें डालडा मिलाते थे। खुशबू के लिए एसेंस का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद घी तैयार हो जाता था। इसे डिब्बों और पॉलीथिन में पैक कर बेचा जाता था। बताया जाता है कि एक किलो घी बनाने में करीब 150 रुपए का खर्च आता था। इसके बाद इसे करीब 500 से 600 रुपए प्रतिकिलो में बेचा जाता था।

मार्केटिंग भी ग्रामीण महिलाओं से ही कराता था
अमित दुल्हानी मार्केटिंग के लिए ग्रामीण महिलाओं की मदद लेता था। इसके लिए उन्हें पैसे भी देता था। ये महिलाएं गांव का घी बताकर शहर भर में घर-घर जाकर बेच आती थीं। ग्रामीण घी के झांसे में आकर लोग हाथों-हाथ खरीद लेते थे।