खुद को पुलिस वाले बताकर एक फिजियोथेरेपिस्ट को हनी ट्रैप में फंसाने के आरोप में सीआईए पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
फरीदाबाद। खुद को पुलिस वाले बताकर एक फिजियोथेरेपिस्ट को हनी ट्रैप में फंसाने के आरोप में सीआईए पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पीड़ित डॉक्टर ने सोमवार को पुलिस आयुक्त ओपी सिंह को मिलकर अपनी समस्या बताई थी. 24 घंटे के भीतर क्राइम ब्रांच सेक्टर 85 ने इस मामले को सुलझा कर एक बार फिर फरीदाबाद पुलिस की काबिलियत साबित की है.

एसीपी क्राइम अगेंस्ट वुमन धारणा यादव ने फरीदाबाद में चल रहे हनी ट्रैप गैंग का खुलासा करते हुए मीडिया को बताया कि पुलिस आयुक्त ने गैंग का भंडाफोड़ करने की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच सेक्टर 85 को सौंपी थी. क्राइम ब्रांच सेक्टर 85 ने सूत्रों के आधार पर पता लगाया कि इस गैंग में 3 सदस्य हैं जिनमें से 2 सदस्य अपने आप को हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर और हवलदार बताते हैं और अपनी पोस्टिंग सेक्टर 30 सीआईए में बताते हैं. इसके अलावा इनके साथ दिल्ली की रहने वाली एक महिला उम्र 25 साल है. क्राइम ब्रांच सेक्टर 85 को डॉक्टर ने बताया कि उनकी दुकान पर एक महिला पेशेंट बनकर आई थी और वह फिर डॉक्टर के पास लगभग रोजाना आने लगी.

कुछ दिन बाद महिला ने डॉक्टर से दोस्ती की और कहा कि वह उससे होटल में मिलना चाहती है. आरोपी महिला डॉक्टर को अपने साथ होटल में लेकर गई. वहां पर पहले से मौजूद नकली पुलिसकर्मी सब इंस्पेक्टर और हवालदर मौजूद थे जो होटल में छिपे हुए थे.

इसके एक दो दिन बाद ही सेक्टर 30 सीआईए के नकली पुलिसकर्मी बनने वाले प्रवीण और नकली हवलदार बनने वाले ब्रह्म ने डॉक्टर को फोन कर बताया कि उनको शिकायत मिली है कि आपने किसी महिला के साथ गलत काम किया है और आप के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश हैं. जिस पर डॉक्टर ने महिला से संपर्क किया तो महिला के साथ डॉक्टर से मिलने के लिए उसका नकली भाई राहुल नाम का लड़का आया और डॉक्टर को ब्लैकमेल करने लगा.

डॉक्टर ने कहा कि वह कुछ भी करने को तैयार है लेकिन आप ऐसा वैसा कुछ मत करना जिस पर सीआईए के नकली एसआई और हवलदार और महिला और उसका नकली भाई राहुल के बीच सेक्टर 31 टाउन पार्क में मीटिंग हुई, वहां पर मौजूद नकली पुलिस कर्मियों ने बताया कि वह पुलिस लाइन में अंदर फिजियोथैरेपिस्ट को नहीं बुला सकते क्योंकि वहां पर उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा इसलिए ज्यादातर आरोपी सेक्टर 31 टाउन पार्क में ही मिलते थे.

टाउन पार्क में मीटिंग के दौरान आरोपियों ने ₹20 लाख रुपए की डिमांड की. इतने पैसे नहीं देने के कारण आरोपियों ने डिमांड कम करते करते डेढ़ लाख रुपए में फैसला हो गया. डॉक्टर ने क्राइम ब्रांच सेक्टर 85 इंचार्ज को बताया कि वह डेढ़ लाख रुपया देने के लिए कल 20 तारीख को रात 11:00 बजे के आसपास टाउन पार्क के गेट पर जाएगा.

डॉक्टर ने सिर्फ 20000 रुपए दिए और कहा कि बचे हुए पैसे बाद में दूंगा. डॉक्टर ने जैसे ही 20000 रुपए आरोपियों को दिए उसी वक्त मौके पर ही छिपे हुए सीआईए स्टाफ ने आरोपियों को रुपयों सहित रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

आरोपी प्रवीण जो खुद को सब इंस्पेक्टर, सीआईए, सेक्टर 30 का बताता था, नकली हवलदार ब्रह्म और महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और बीस हजार रुपए बरामद किए गए हैं.