विजय कुमार दिवाकर
नई दिल्ली।

टीवी पर क्राइम शो देखते-देखते एक शख्स खुद ही अपराधी बन गया, और उसने बड़े ही शातिराना अंदाज से चार करोड़ चार लाख की चोरी की. पैसे एक जगह छिपा दिया और खुद फरार हो गया, लेकिन सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया. मामला पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर इलाके का है.

क्राइम पेट्रोल टीवी सीरियल देखकर नोएडा की निजी कैश कंपनी के कस्टोडियन ने 4.04 करोड़ रुपये से अधिक की रकम उड़ा ली। कैश से आरोपियों ने खूब मौज-मस्ती की और उससे सामान खरीदा। लेकिन पूर्वी जिला पुलिस ने 22 दिनों के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कैश हेराफेरी की इस सनसनीखेज वारदात से पर्दा उठा दिया। आरोपियों के पास से 3.60 करोड़ रुपये कैश बरामद कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान धर्मेश (27) और अजय (26) के रूप में हुई है। धर्मेश निजी कैश कंपनी का कस्टोडियन है। पुलिस ने आरोपियों के पास से उड़ाए गए रुपयों से खरीदा गया एक आईफोन, सोने की चेन, अंगूठी व एक एलईडी टीवी भी बरामद किया है। इनका एक अन्य साथी बाकी कैश के साथ फरार है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि नोएडा की निजी कैश कंपनी लॉजीकैश सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने अपने कस्टोडियन धर्मेश के खिलाफ पांडव नगर थाने में शिकायत दी थी। कंपनी के अधिकारियों का आरोप था कि धर्मेश चार करोड़ चार लाख 84 हजार रुपये लेकर फरार हो गया था। ११ नवंबर को कंपनी की कैश वैन मयूर विहार फेज-1 स्थित एचडीएफसी बैंक में कैश लेकर आई थी। यहां कस्टोडियन धर्मेश अपनी निजी स्कूटी पर था। कैश वैन में मौजूद चालक जसपाल और गनमैन विनोद सिंह ने कैश से भरा बक्सा धर्मेश को बैंक के सामने दिया। बक्सा देने के बाद कैश वैन चली गई। बजाए बैंक में रुपये देने के आरोपी कैश का बक्सा लेकर मौके से फरार हो गया। कंपनी के अधिकारियों को इसका पता चला तो मामले की सूचना पांडव नगर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

ऐसे पकड़ा गया आरोपी धर्मेश व उसका साथी
लोकल पुलिस के अलावा जिले के स्पेशल स्टाफ को मामले की छानबीन के लिए लगाया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से जांच की तो पता चला कि धर्मेश अपने एक साथी के साथ स्कूटी पर मयूर विहार से तीसरा पुश्ता उस्मानपुर, कैथवाड़ा पहुंचा। बाद में स्कूटी पर धर्मेश के साथ मौजूद उसके दूसरे साथी की पहचान उसके दोस्त अजय के रूप में हुई। दोनों उस्मानपुर स्थित अपने-अपने घरों से गायब मिले। लंबी जांच के बाद पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस व परिजनों से पूछताछ के बाद दोनों की लोकेशन को ट्रेस किया। आरोपियों के कुरावली गांव, मैनपुरी, यूपी में छुपे होने का पता चला। एक टीम को मंगलवार को कुरावली गांव रवाना कर दिया गया। दोनों किराए के एक कमरे से दबोच लिया गया। उनके पास से 5.55 लाख रुपये, एक एलईडी टीवी, सोने की चेन, अंगूठी और एक महंगा वाला आईफोन बरामद कर लिया गया।
बाद में दोनों की निशानदेही पर मिल्कपुर, गुजरान, लोनी से एक अन्य किराए के कमरे से 3.55 करोड़ रुपये बरामद कर लिये गए। छानबीन के दौरान आरोपियों ने बताया कि इनका एक साथी बाकी रकम लेकर फरार है।

क्राइम पेट्रोल टीवी सीरियल देखकर बनाई योजना
मूलरूप से गांव कुरावली, मैनपुरी का रहने वाला धर्मेश ग्रेजुएट है। वह पिछले कई सालों से लॉजीकैश कंपनी में कस्टोडियन की नौकरी करता है। वहीं अजय छठी पास है और धर्मेश का बचपन का दोस्त है। धर्मेश ने टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल देखकर रुपये उड़ाने की योजना बनाई। धर्मेश को पता था कि उसकी कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी कैश लेन-देन में बेहद लापरवाह हैं। अक्सर कैश लेन-देन के समय वह कैश वैन में नहीं होता था। वह अपनी निजी स्कूटी से आता-जाता था। यहां तक कई बार वह रुपयों का हिसाब-किताब भी कंपनी को अगले दिन देता था। कंपनी की लापरवाही देखकर उसने रकम उड़ाने की योजना बनाई। उसने बचपन के दोस्त अजय को अपने साथ मिलाया।
घटना वाले दिन आरोपी ने नोएडा में कैश वैन में कैश रखवाया। इसके बाद वह अपनी स्कूटी से मूयर विहार पहुंचे। कैश वैन पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे कैश का बक्सा दिया और वह चले गए। धर्मेश अजय के साथ कैश लेकर उस्मानपुर पहुंच गया।

अजय को दिया था फ्लैट दिलवाने का झांसा
धर्मेश ने अजय को नया फ्लैट दिलवाने का झांसा दिया था। रुपये उड़ाने के लिए आरोपियों ने कपड़े के दो बड़े बैग खरीदे। मयूर विहार से कैश का बक्सा लेकर दोनों उस्मानपुर के पास यमुना खादर में पहुंचे। वहां से बक्से से कैश निकालकर उसे बैग में रखा। दोनों वहां से निकलकर लोनी के मिल्कपुर गुजरान पहुंचे। वहां किराए पर लिये कमरे में कैश को छिपा दिया गया। 10 लाख रुपये अजय व धर्मेश ने खर्चे के लिए लिये। इसके बाद 30-35 लाख रुपये दूसरे साथी को दे दिए गए। दोनों 10 लाख रुपये लेकर हरिद्वार, चंडीगढ़, वाराणासी, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर और पटना छिपने की जगह ढूंढते रहे। लेकिन उन्हें छिपने की जगह नहीं मिली। बाद में आरोपी अपने पैतृक गांव कुरावली, मैनपुरी पहुंचा। वहां रिश्तेदारों की मदद से एक कमरा लिया। बीते 22 दिन दोनों आरोपियों ने जमकर रुपये लुटाए। आरोपियों ने एक लाख से अधिक का आईफोन भी खरीदा। इसके अलावा जमकर खाने-पीने में रकम उड़ाई। पुलिस इनके तीसरे साथी की तलाश कर रही है।

यूपी से पकड़े गए आरोपी 
पांडव नगर थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता चला कि धर्मेश वारदात के बाद अपने साथी के साथ स्कूटी से मयूर विहार में तीसरा पुश्ता उस्मानपुर, कैथवाड़ा पहुंचा था। फुटेज की मदद से धर्मेश के साथी अजय की भी पहचान हो गई। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से यूपी के मैनपुरी स्थित कुरावली गांव से मंगलवार सुबह दोनों को दबोच लिया। आरोपी किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। इनसे 5.55 लाख रुपये, एलईडी टीवी, सोने की चेन, अंगूठी और एक महंगा आईफोन बरामद हुआ। फिर इनकी निशानदेही पर लोनी के मिल्कपुर से एक अन्य किराए के कमरे से 3.55 करोड़ रुपये बरामद कर लिए गए।