सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
नई दिल्ली।
प्लॉट देने के लिए बुकिंग की, लाखों रुपए वसूले, लेकिन खरीददारों को कब्जा नहीं दिया। इस तरह जालसाजों ने 24 लोगों से करीब 50 लाख की रकम ऐंठ ली। मामले में हुई शिकायत पर अब दोनों जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान विजेन्द्र सिंह व दलीप कुमार के तौर पर हुई। दोनों एमएस गंगा एसोसिएट्स के डायरेक्टर हैं, जिन्होंने बहादुरगढ़ हरियाणा में गंगा सिटी कॉलोनी प्रोजेक्ट के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की।

प्लॉट बुक कराकर 24 लोगों से ऐंठे करीब 50 लाख रुपए
आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया पीड़ित अशोक व अन्य लोगों ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। जिसमें बताया गया एमएस गंगा एसोसिएट्स के डायरेक्टर विजेन्द्र, दलीप कुमार, अजय कुमार, हेमराज और राजवीर सिंह ने गुभाना खेरी बहादुरगढ झज्जर हरियाणा में गंगा सिटी कॉलोनी प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट बुक कराने का ऑफर दिया था। आरोपियों ने तब दावा किया था कि वे इस प्रोजेक्ट के लिए सभी सरकारी एजेंसियों से अनुमति ले चुके हैं। उनकी बातों पर विश्वास कर 24 लोगों ने करीब 50 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए।

धोखाधड़ी करने वाले 52 वर्षीय विजेन्द्र सिंह दिचांऊ कलां और दलीप कुमार (46) विपिन गार्डन दिल्ली निवासी है।

प्रोजेक्ट के लिए सरकारी एजेंसियों ने नहीं ली थी अप्रूवल
बाद में पीड़ितों को पता चला आरोपियों ने सरकार से इस प्रोजेक्ट के लिए कोई अप्रूवल नहीं ली थी। साल 2018 में पुलिस ने इस मामले को लेकर धाेखाधडी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई आरोपियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए डिस्ट्रिक टाउन प्लानर से कोई परमिशन नहीं ली थी। उनके पास कोई जमींन भी नहीं थीं। केवल किसानों के साथ जमीन को लेकर किया गया एक एग्रीमेंट जरुर था। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को 21 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। 52 वर्षीय विजेन्द्र सिंह दिचांऊ कलां और दलीप कुमार (46) विपिन गार्डन दिल्ली निवासी है।

एक आरोपी एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद बना ठग
आरोपी विजेन्द्र सिंह ने एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद दलीप कुमार के साथ प्रॉपर्टी का बिजनेस शुरु किया। दलीप पहले से ही प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे से जुड़ा था। साल 2015 में आरोपियों ने लोगों को गंगा सिटी कॉलोनी प्रोजेक्ट में रुपए निवेश करने का लालच दिया, सपना प्लॉट का दिखाया गया और रकम ऐंठने के बाद पीड़ित लोगों के ख्वाब को तोड़ दिया। न तो उन्हें प्लॉट ही मिला और ना ही मेहनत से जमा की गई पूंजी वापस मिल सकी। इस केस में अजय कुमार और हेमराज पहले ही अरेस्ट हो चुके हैं।