फर्जी कोविड-19 चालान काटने वाले 3 सिविल डिफेंस कर्मी गिरफ्तार

0

सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
नई दिल्ली
एसडीएम कार्यालय में छपने वाली चालान स्लीप का तीनोंं रंगीन फोटो कापी करवा गोरख धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये सभी तालकटोरा गार्डन में बिना मास्क के घूमने वाले लोगों को शिकार बनाते थे। पुलिस पता लगा रही है कि इन्होंने कितने लोगों के साथ फर्जीवाड़ा किया है।

कोरोना का चालान काटने के नाम पर फर्जीवाड़ा का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नार्थ एवेन्यू थाना पुलिस ने तीन ऐसे सिविल डिफेंस वालेंटियर को गिरफ्तार किया है जो कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने वालों में नगद देने वालों से पैसे लेकर उन्हें फर्जी चालान स्लीप थमा देते थे। जिनके पास पैसे नहीं होते थे उन्हें फर्जी चालान स्लीप थमा अपने पेटीएम खाते में पैसे ले लेते थे। तीनों नई दिल्ली जिला के जाम नगर एसडीएम कार्यालय में पदस्थ थे।

पहली बार इस तरह के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश होने पर दिल्ली पुलिस को शक है कि कोरोना काल में पूरी दिल्ली में जगह-जगह पुलिस जैसी वर्दी पहनकर चालान काटने वाले सिविल डिफेंस वालेंटियरों द्वारा खूब जमकर इस तरह के गोरख धंधे किया जा रहा हो। पुलिस ने अब सभी जगहों पर सिविल डिफेंस वालेंटियरों पर नजर रखने का निर्णय किया है।

आरोपियों की पहचान जामनगर में एसडीएम (नई दिल्ली) के कार्यालय में तैनात सनी (19), यशवंत राठी (21) और लकी (20) के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि वे मुख्य रूप से तालकटोरा गार्डन आने वाले लोगों के फर्जी चालान काटा करते थे।

डीसीपी नई दिल्ली जिला ईश सिंघल के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों सिविल डिफेंस वालेंटियरों के नाम सन्नी, यशवंत राठी व लकी है। तीनों हरीश चंदर माथुर लेन, नई दिल्ली के रहने वाले हैं। इनके पास से तीन मोबाइल फोन जिसके जरिए लोगों की तस्वीरें खींचते थे व कोरोना का उल्लंघन करने पर काटे जाने वाले चालान का फारमेट बरामद किए गए हैं।

शकुरपुर के रहने वाले प्रिंस ने बीते 31 दिसंबर को नार्थ एवेन्यू थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि वह अपने एक दोस्त के साथ नई दिल्ली के तालकटोरा गार्डन में बैठे थे तभी वहां सिविल डिफेंस के तीन वालेंटियर खाकी वर्दी में आए। तीनों ने बताया कि उनकी तैनाती एसडीएम जाम नगर कार्यालय में है। फेस मास्क न पहनने पर कोविड 19 के दिशा निर्देश का उल्लंघन करने की बात कहते हुए चालान काटने की बात कही। चालान की राशि प्रति व्यक्ति 2000 के हिसाब से 4000 जमा करने की बात कही। उनके पास 4000 रुपये न होने पर एक ने पेटीएम का नंबर बताते हुए उसमें पेटीएम करवा लिया और चालान का स्लीप थमा तीनों मौके से चले गए।

शिकायत के आधार पर पुलिस टीम ने जब जांच की तब पता चला कि उक्त पेटीएम दिनेश सिंह का है। वह भी हरीश चंदर माथुर लेन का रहने वाला पाया गया। उसकी तैनाती भी एसडीएम जाम नगर कार्यालय में है। उक्त मोबाइल नंबर एसडीएम कार्यालय से पंजीकृप पाया गया। एसीपी सूरज भान सिंह व थानाध्यक्ष सहदेव सिंह तोमर के नेतृत्व में एसआइ विजय पाल, हवलदार नरेंद्र व सिपाही राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच में पाया कि सन्नी, यशवंत व लकी द्वारा काटे गए चालान स्लीप एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी नहीं किया गया था। फर्जी चालान स्लीप पाए जाने पर पुलिस टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में तीनों ने फर्जीवाड़ा करने की बात कुबूल ली।

एसडीएम कार्यालय में छपने वाली चालान स्लीप का तीनोंं रंगीन फोटो कापी करवा गोरख धंधे को अंजाम दे रहे थे। ये सभी तालकटोरा गार्डन में बिना मास्क के घूमने वाले लोगों को शिकार बनाते थे। पुलिस अब इसके पेटीएम की जांच कर पता लगा रही है कि इन्होंने कितने लोगों के साथ फर्जीवाड़ा किया है।

Paytm से लिए थे फर्जी जुर्माने के पैसे
डीसीपी ईश सिंघल के मुताबिक, शकुरपुर के रहने वाले हरीश कुमार ने 31 दिसंबर को नार्थ एवन्यू थाने में शिकायत दी थी, जिसमें बताया था कि वो अपने फ्रैंड के साथ तालकटोरा गार्डन में बैठा था. तभी वहां खाकी वर्दी पहने सिविल डिफेंस के तीन लोग आए, जिन्होंने खुद को नई दिल्ली के SDM ऑफिस में कार्यरत बताया. दोनों फ्रैंड बिना मास्क के मिले, जिस कारण कोरोना नियमों की अनदेखी की बात कर उनके 2000 के हिसाब से 2 चालान काट दिए. उस वक्त पीड़ित के पास इतना कैश नहीं था, इस स्थिति में आरोपियों ने चालान की राशि पेटीएम (Paytm) अकाउंट के माध्यम से हासिल की. इसके बाद आरोपी वहां से चले गए.

संदेह होने पर की पुलिस से शिकायत
जब पीड़ित को चालान की कॉपी देखी तो उन्हें कुछ संदेह हुआ और इस मामले की जानकारी उन्होंने पुलिस को दे दी. पुलिस ने विस्तृत जांच करते हुए पेटीएम का विवरण मांगा. जो दिनेश सिंह के नाम पर है. फर्जी वाड़े में जिस मोबाइल का इस्तेमाल हुआ वह सिविल डिफेंस कर्मी सन्नी के नाम पर रजिस्ट्रर्ड मिला. चालान की कॉपी पुलिस ने जाम नगर हाउस स्थित एसडीएम ऑफिस से वेरीफाई की, जहां से पता चला ऐसा कोई चालान नहीं काटा गया है. इसके बाद पुलिस ने सन्नी को पकड़ लिया. पूछताछ के बाद उसके दोनों साथी भी गिरफ्तार कर लिए गए.

पूछताछ में कबूला जुर्म, इन धाराओं में मुकदमा दर्ज
आरोपियों ने पूछताछ में इस अपराध में अपना हाथ होने की बात स्वीकार ली. उन्होंने पहले चोरी छिपे मोबाइल से एसडीएम ऑफिस में रखे चालान के फॉर्मेट का फोटो खींचा और फिर उसके कलर प्रिंट आउट निकालकर लोगों के चालान काटने शुरू कर दिए. ये लोग आमतौर पर पार्कों में बैठे लड़की- लड़कों को निशाना बनाते थे और अब तक 4 लोगों के चालान काट चुके थे. जुर्माने की रकम को ये लोग आपस में बांट लेते थे. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके नॉर्थ एवेन्यू थाने में उनके खिलाफ फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी, आपराधिक षड़यंत्र रचने समेत कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है.