फिंगर प्रिंट से दबोचा ऑटो लिफ्टर गैंग

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विजय कुमार दिवाकर
चोरों ने एक बंद घर से कीमती ज्वैलरी व होंडा सीटी कार पर हाथ साफ किया लेकिन ज्वैलरी चोरी करते समय अपने फिंगर प्रिंट छोड़ गए। क्राईम ब्रांच एंटी रोब्बरी एंड स्नेचिंग सेल शकरपुर की टीम ने फिंगर प्रिंट की मदद से ब्लाइंड चोरी के मामले को सुलझाते हुए दो चोरों को धर दबोचा है। आरोपियों की पहचान इमरान उर्फ मीम व जावेद उर्फ शोएब के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से चोरी की एक होंडा सिटी कार, सोने के गहने व एक नकली नंबर प्लेट बरामद हुई है।
क्राईम ब्रांच डीसीपी रोहित मीणा ने बताया कि दिनांक 23 अप्रैल को थाना मधु विहार में शिकायतकर्ता सुनिल कुमार अग्रवाल ने एक ई एफआईआर दर्ज करवाई की तक्षशिला अपार्टमेंट, आईपी एक्सटेंशन से उनकी होंडा सिटी कार नंबर एचआर 26एएस 5554 व सोने के गहने चोरी हो गये हैं। थाना मधु विहार में ई एफआईआर नंबर 010943 धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। दो दिन बाद यह मामला क्राईम ब्रांच शकरपुर को सौंप दिया गया।
जिम्मेवारी मिलते ही क्राईम ब्रांच डीसीपी रोहित मीणा ने क्राईम ब्रांच शकरपुर एसीपी अरविन्द कुमार की सुपरविजन व इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल परमजीत, नरेन्द्र, प्रविन्द्र, अशोक, नीरज व कांस्टेबल रिन्कू की एक टीम का गठन किया।
टीम ने सबसे पहले तक्षशिला अपार्टमेंट की इन्ट्री और एग्जीट पाॅइन्ट पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। क्राईम सीन से फिंगर प्रिंट उठाए। सीसीटीवी फुटेज में दो चोर गाड़ी ले जाते हुए दिखाई दिए। लेकिन चोर इतने शातिर थे की उन्होनें अपना चेहरा ढक रखा था जिससे उनकी पहचान नहीे हो पा रही थी। टीम ने क्राईम सीन के आसपास का मोबाईल डैम डाटा भी स्कैन किया लेकिन एक भी सस्पेक्ट नंबर नहीं मिला। मुखबिरों को एक्टीव किया लेकिन चोरों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी ने हिम्मत नहीं हारी और टीम को क्राइम सीन से मिले फिंगर प्रिंट को क्रिमिनल डैटा से स्कैन करने के आदेश दिये।
क्रिमिनल डैटा से स्कैन करने पर मौके से मिले फिंगर प्रिंट दो ऑटो लिफ्टर इमरान उर्फ मीम व जावेद उर्फ शोएब से मैच कर गये।
फिंगर प्रिंट मैच होते ही टीम को समझने में देरी नहीं लगी की गाड़ी व गहने चोरी की वारदात को अंजाम इमरान और जावेद ने ही दिया होगा क्योंकि इमरान और जावेद की लंबी क्राईम हिस्ट्री थी।
इमरान और जावेद को दबोचने के लिए टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। लेकिन आरोपी इमरान और जावेद इतने शातिर थे कि पुलिस से बचने के लिए अपने पास मोबाईल नहीं रखते थे और हर थोड़े दिन बाद अपना ठिकाना भी बदल लेते थे।
टीम ने दोनों आरोपियों को दबोचने के लिए मुखबिरों का जाल बिछा दिया। मुखबिरों की मदद से टीम आरोपियों के ठिकाने तक तो पहुंच गई लेकिन मौके पर आरोपी तो नहीे मिले किन्तु चोरी की कार खड़ी मिल गई। आरोपियों ने चोरी की गाड़ी पर नकली नंबर प्लेट डीएल4सीएन1050 लगा रखी थी।
इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी चोरी की कार के साथ आरोपियों को भी दबोचना चाहते थे। इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी को शक था की अगर टीम अभी कार को कब्जे में लेती है तो आरोपी अलर्ट हो सकते है और उन्हें दबोचना ओर मुश्किल हो सकता है। इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी को पूरा भरोसा था की आरोपी चोरी की गाड़ी को ठिकाने लगाने के लिए एक न एक दिन तो जरूर आयेगें। इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी ने खड़ी गाड़ी में जीपीएस ट्रैकर लगवाकर चारों तरफ मुखबिरों को एक्टीव कर दिया।
इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी की चाल सफल रही। दिनांक 26 अप्रैल की दोपहर टीम को जीपीएस ट्रैकर से अलर्ट मिला की चोरी की गाड़ी सीएनजी पंप जगप्रवेश चंद्र अस्पताल की ओर आ रही है।
टीम ने तुरन्त सीएनजी पंप के पास जाल बिछाया। दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट सीएनजी पंप पर नकली नंबर प्लेट डीएल4सीएन1050 लगाकर सस्पेक्ट कार आती नजर आई। कार के अंदर दो लोग मौजूद थे। टीम ने कार को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस को देखकर कार में बैठे दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की लेकिन टीम ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान उर्फ मीन पुत्र ईशर अहमद निवासी 175, सी ब्लॉक, गली नंबर 2, जहांगीरपुरी दिल्ली और जावेद उर्फ शोएब पुत्र जमीर अहमद निवासी मोहल्ला करुल्ला, डबल फाटक, संभल रोड, मुरादाबाद यूपी के रूप में हुई। गिरफ्तारी के समय कार से कुछ सोने के गहने भी बरामद किए गए, जो शिकायतकर्ता के घर से कार सहित चोरी हो गए थे।
आरोपी इमरान उर्फ मीम का जन्म यूपी के बिजनौर में हुआ था। इसने 10वीं तक पढ़ाई की। यह मध्यम आर्थिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता हैं। इसनेे मजदूर के रूप में शुरुआत की, लेकिन यह अपनी कमाई से असंतुष्ट था। यह समाज के बुरे तत्वों के संपर्क में आ गया और ऑटो चोरी करने लगा। यह कई मामलों में संलिप्तता के चलते जेल में बंद था। जेल से बाहर आने के बाद यह ऑटो चोरी करने के लिए नया गिरोह बनाता था। आरोपी की लंबी क्राईम हिस्ट्री है इसके खिलाफ एक दर्जन के आसपास एफआईआर दर्ज हैं।
दूसरे आरोपी जावेद उर्फ शोएब का जन्म यूपी के मुरादाबाद में हुआ था। इसने 5वीं तक पढ़ाई की है। इसने स्क्रैप डीलर के रूप में अपना काम शुरू किया था। शुरू में इसने चोरी का सामान खरीदा लेकिन बाद में चोरी की कारों को कम कीमत पर खरीदना शुरू कर दिया। यह कई मामलों में संलिप्तता के चलते जेल में बंद था। जेल से बाहर आने के बाद यह भी ऑटो चोरी करने के लिए नया गिरोह बनाता था। इसके खिलाफ भी आधे दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
सनसनी ऑफ इंडिया