विजय कुमार दिवाकर
नई दिल्ली, कालकाजी।
कालकाजी इलाके में अंजली ज्वेलर्स के शोरुम में हुई करोड़ों की चोरी के मामले का खुलासा हो गया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी निशानदेही पर करीब 25 किलो सोने की ज्वेलरी बरामद की गई है। आरोपी कोई ओर नहीं बल्कि इस शोरुम में ही काम करने वाला इलेक्ट्रीशियन निकला। उसकी पहचान मूलरूप से पश्चिम बंगाल निवासी नूर रहमान के तौर पर हुई है।

PPE किट पहनकर की वारदात, CCTV कैमरे में तस्वीर कैद
साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक DCP RP मीणा ने बताया बुधवार सुबह 11 बजे शोरुम मैनेजर ने SHO कालकाजी को घटना की सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच जांच शुरू की। इस दौरान एक CCTV फुटेज हाथ लगी, जिसमें एक शख्स PPE किट पहन रात को आता और तड़के जाता दिखाई दिया। उसने बैग टांग रखा था। शोरुम कर्मचारियों से की गई पूछताछ, CCTV फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और मुखबीर की मदद से जांच को आगे बढ़ाया गया। इस केस की जांच शोरुम के इलेक्ट्रिशियन पर ही आकर ठहर गई। वह 20 जनवरी काे छुट्टी पर था।

छुट्‌टी की वजह से गहराया शक, फिर पुलिस को बोला झूठ
उसे पुलिस ने कॉल किया और पूछा वह अभी कहां है। उसने खुद को कोलकाता में होने की बात कही। वहीं से इसका झूठ पकड़ा गया। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन को ट्रेस किया गया, जिसकी मूवमेंट सेंट्रल दिल्ली के करोलबाग में मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसे पकड़ पूछताछ की गई जिसके बाद करोड़ों की चोरी के मामले का पर्दाफाश हो गया। आरोपी के पास से 25 किलो सोने की ज्वेलरी बरामद हो गई, जिसकी कीमत लगभग 13 करोड़ रुपए है।

रातोंरात अमीर बनने के लिए यूट्यूब देखकर बनाया था प्लान
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया वह इस शोरुम में मैनटेनेंस का काम देखता था। रातों रात अमीर बनने की चाहत में उसने इस वारदात को अंजाम दिया। उसने यूट्यूब देखकर इस चोरी की वारदात के तौर तरीके सीखे और फिर पीपीई किट पहनकर उसे अंजाम तक पहुंचाया। अकेले ही उसने इतनी बडृी वारदात को अंजाम दिया, लेकिन पुलिस जांच में उसकी सारी चालाकी धरी रह गई और वह पकडा गया।

छत के रास्ते से दाखिल होकर की गई चोरी
दरअसल बुधवार सुबह करीब 11:00 बजे अरिजीत चक्रवर्ती नाम के एक शख्स ने पुलिस को फोन करके बताया कि वह दिल्ली के कालकाजी इलाके में अंजलि ज्वेलर्स के यहां मैनेजर हैं और अंजलि ज्वेलर्स के शोरूम में चोरी हो गई है. इस सूचना के आधार पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. पुलिस ने जब मौका ए वारदात का मुआयना किया तो पुलिस को पता चला कि चोरी छत के रास्ते से दाखिल होकर की गई है. इतना ही नहीं जब पुलिस ने रूम के मालिक से चोरी की गई ज्वेलरी के बारे में पूछा तब पुलिस के भी होश उड़ गए, क्योंकि चोरी किया गया सोना 20 करोड़ से भी ज्यादा का था.

आरोपी कोई ओर नहीं बल्कि इस शोरुम में ही काम करने वाला इलेक्ट्रीशियन निकला। उसकी पहचान मूलरूप से पश्चिम बंगाल निवासी नूर रहमान के तौर पर हुई है।

पहचान छिपाने के लिए चोर ने पहनी थी पीपीई किट
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी साउथ ईस्ट राजेंद्र प्रसाद मीणा ने जिले की तमाम पुलिस को चोरी की वारदात को सुलझाने के लिए लगा दिया, क्योंकि यह पूरे देश की सबसे बड़ी चोरी की वारदात थी. सबसे पहले पुलिस ने इलाके की तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और शोरूम के पास लगे कैमरे को भी देखा गया. इतना ही नहीं शोरूम के अंदर जो कैमरा लगा था, उसमें चोरी करते हुए एक शख्स नजर आ रहा था, लेकिन चोर ने पहचान छिपाने के लिए पीपीई किट पहनी हुई थी.
कालकाजी थाने के एसएचओ संदीप घई ने अपनी टीम के साथ मिलकर शोरूम में काम करने वाले तमाम कर्मचारियों की लिस्ट बनाई और सबका वेरिफिकेशन किया, सब से पूछताछ की गई. इसी पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला की शोरूम में काम करने वाला एक इलेक्ट्रिशियन शेख नूर रहमान 10 दिन की छुट्टी लेकर घर गया हुआ है. पुलिस को इस इलेक्ट्रीशियन पर शक हुआ.

बदला लेना चाहता था आरोपी शेख नूर रहमान
पुलिस की टीम ने इस इलेक्ट्रीशियन से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन इससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था. टेक्निकल सर्विलांस और खबरियों की मदद से पुलिस इस इलेक्ट्रीशियन तक पहुंचने में कामयाब रही और उसे दिल्ली के करोल बाग इलाके से धर दबोचा गया. पुलिस ने उसके पास से चोरी की गई सारी ज्वेलरी और कैश बरामद कर लिया. पुलिस ने जब आरोपी शेख नूर रहमान से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कुबूल किया. पूछताछ में उसने बताया कि चोरी की इस सनसनीखेज वारदात को उसी ने अंजाम दिया था. दरअसल वह बदला लेना चाहता था और बदले की वजह थी उसे शोरूम में प्रताड़ित किया जाता था.