विलाप करते परिजन

विजय कुमार दिवाकर
शामली, पश्चिमी यूपी।

हत्यारोपी हिमांशु

शामली के सनसनीखेज भजन गायक मर्डर केस में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हरियाणा के पानीपत कस्बे से बुधवार सुबह 14 साल के एक लड़के का जला हुआ शव बरामद हुआ है। यहां से तकरीबन 40 किलोमीटर दूर पश्चिमी यूपी के शामली जिले में एक दिन पहले ही लड़के के भजन गायक पिता, उसकी मां और बड़ी बहन का शव मिला था। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने आरोपी हिमांशु सैनी को पानीपत से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने भजन गायक के पुत्र को कार में जलाने की बात स्वीकार की है। इस बीच वारदात के पीछे पैसों के लेनदेन और आरोपी को बेइज्जत किए जाने की बात भी सामने आई है।

एसयूवी जलाई, पिछली सीट पर मिला शव
हिमांशु ने कबूल किया है कि उसने शामली में भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी और बेटी की हत्या की थी। पानीपत पुलिस के मुताबिक हिमांशु को उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वह अजय पाठक की एसयूवी को जलाने के बाद फरार होने की फिराक में था। अजय के बेटे भागवत का शव कार की पिछली सीट पर पाया गया। पानीपत स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के पैनल ने भागवत के शव की जांच की।

पोस्टमॉर्टम के बाद मौत की सही वजह चलेगी पता
जांच पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने भागवत के शव का पोस्टमॉर्टम करने से इनकार कर दिया। भागवत का शव लेने आई शामली पुलिस व रिश्तेदारों ने तय किया कि भागवत के शव का पोस्टमॉर्टम रोहतक पीजीआई में करवाया जाएगा। पानीपत के डेप्युटी सिविल सर्जन डॉक्टर नवीन सुनेजा ने बताया कि बच्चे का शव इस कदर जल चुका है कि उसकी मौत के सही कारण फरेंसिक डॉक्टर ही पोस्टमॉर्टम के बाद बता सकेंगे।

60 हजार रुपये के लेनदेन का विवाद
आरोपी हिमांशु सैनी, अजय पाठक की भजन पार्टी का सदस्य था। शामली के एसपी ने कहा कि आरोपी ने रुपये के लेन-देन में पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा था। आरोपी हिमांशु का कहना है कि उसको अजय पाठक से 60 हजार रुपये लेने थे। अजय रुपये नहीं दे रहे थे और उसकी बात-बात पर बेइज्जती करते थे। इसी का बदला लेने के लिए उसने भजन गायक को परिवार समेत मौत के घाट उतार दिया।

गायक अजय पाठक और पत्नी का फाइल फोटो

‘डिनर के दौरान पैसे मांगने पर बेइज्जती’
पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि सिंगर अजय के घर पर रखी कई तलवारों में से एक को वारदात में इस्तेमाल किया गया। शामली के एसपी विनीत जायसवाल ने बताया, ‘सोमवार रात हिमांशु ने भजन गायक के परिजनों के साथ ही डिनर किया। इसी दौरान जब उसने अजय से पैसों की डिमांड की तो उसे कथित रूप से बेइज्जत किया गया। इसी के बाद उसने पूरे परिवार को मारने का फैसला किया।’
एसपी जायसवाल का कहना है, ‘डिनर के बाद परिवार के लोग सो रहे थे। हिमांशु सबसे पहले अजय के कमरे में गया। उसने अजय और उनकी पत्नी को तलवार से हमला करते हुए मार डाला। इसके बाद वह अजय की बेटी वसुंधरा के कमरे में पहुंचा और उसे भी मौत के घाट उतार दिया। 14 साल के भागवत की उसने गला दबाकर हत्या कर दी।’

अजय पाठक के बेटे भागवत पाठक

सभी शवों को नष्ट करना चाहता था हिमांशु: पुलिस
पुलिस के मुताबिक हिमांशु सभी शवों को नष्ट करना चाहता था। वह पहले भागवत के शव को पानीपत ले गया। एसपी का कहना है, ‘लेकिन जब उसको पता चला कि हत्या की खबर फैल चुकी है तो उसने कार को जला दिया।’ शामली की पंजाबी कॉलोनी निवासी भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेह लता, पुत्री वसुंधरा की तेज धारदार हथियार से हत्या की गई थी। वहीं अजय का पुत्र भागवत और उनकी कार लापता मिली थी।
आरोपी ने पानीपत शहर में जीटी रोड पर टोल प्लाजा के पास कार में आग लगाई थी। पुलिस ने तत्काल दमकल की मदद से आग को काबू किया और कार से एक बच्चे का अधजला शव बरामद किया। शव इतना जल चुका था कि उसकी शिनाख्त करना मुश्किल है। पुलिस ने जली कार की एफएसएल की टीम से भी जांच कराई। जांच के बाद पुलिस ने कार को जब्त कर लिया।

गायक अजय पाठक की शव यात्रा में हर किसी की आंखें हुई नम

शव एंबुलेंस से घर पहुंचे तो कोहराम मच गया
दोपहर तक लोगों की भारी भीड़ कालोनी में पहुंच चुकी थी। दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद अजय पाठक, उनकी पत्नी और बेटी का शव एंबुलेंस से घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। इसके बाद एक अर्थी पर अजय पाठक और उनकी पत्नी का शव और दूसरी अर्थी पर बेटी वसुंधरा की शव यात्रा शुरू हुई तो समाज के हर वर्ग के लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। लोग उनकी अर्थी को कंधा देने में आगे आते रहे। रेलवे लाइन के निकट टंकी रोड स्थित श्मशान घाट में शव यात्रा पहुंची। एक चिता पर पति-पत्नी और दूसरी पर बेटी की चिता एक साथ जली तो लोग अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए। गमगीन माहौल में मृतक अजय के भतीजे रवि पाठक ने दोनों चिताओं को मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार के समय ये रहे मौजूद
अंतिम संस्कार के समय सांसद प्रदीप चौधरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नेता इमरान मसूद, पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, योगेंद्र सिंह, दीपक सैनी, अनुराग शर्मा, रवि संगल, नरेंद्र अग्रवाल, सलिल द्विवेदी, सुरेंद्र आर्य, महेश धीमान, अशोक गर्ग, राजन बत्रा, रमन बत्रा, पवन तरार, हरवीर मलिक, सुनील जाटव, पूर्व आईजी विजय गर्ग, मंजीत सिंह, पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल, अजय संगल अंकित गोयल, घनश्यामदास गर्ग, सतेंद्र धीरयान, निशिकांत संगल, अनिल उपाध्याय, पंकज गुप्ता, पुनीत द्विवेदी, डा. विपिन कौशिक, सुनील अरोरा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंची
श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के समय महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंची। एक साथ एक परिवार के तीन सदस्यों की चिताएं जलती देख महिलाओं रोती रही। शमशान घाट में छत पर भी लोगों की भीड़ रही तो शमशान घाट के बाहर रेलवे लाइन के किनारे भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

शव एंबुलेंस से घर पहुंचे तो कोहराम मच गया

परिवार के चारों सदस्यों का एक साथ नहीं हो पाया अंतिम संस्कार
बुधवार को परिजनों और कालोनीवासी एक साथ परिवार के चारों सदस्यों का एक साथ ही अंतिम संस्कार करना चाहते थे। उम्मीद थी कि दोपहर तक पानीपत से भी अजय के बेटे भागवत का शव भी शामली पहुंच जाएगा। पुलिस भी परिजनों को यही जानकारी दे रहे थे, लेकिन दोपहर में जब पता चला कि भागवत के शव को पोस्टमार्टम व डीएनए आदि के लिए रोहतक भेजा गया है। इसके बाद शव देर रात में पहुंचेगा। इसके बाद अजय, उनकी पत्नी और बेटी के शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया।

गायक अजय पाठक का फाइल फोटो

हत्यारे के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटा रही है पुलिस
शामली में गायक अजय पाठक सहित परिवार के सभी सदस्यों की हत्या करने वाले हिमांशु को सजा दिलाने के लिए पुख्ता साक्ष्य जुटाए गए हैं। अजय पाठक की बेटी वसुंधरा के हाथ में मिले बाल पुलिस ने फोरेंसिक जांच को भेजे हैं। पुलिस का मानना है कि वह बाल आरोपी हिमांशु के हैं, जो हत्या के दौरान हाथापाई होने पर वसुंधरा के हाथ में आ गए।एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि संभवत वसुंधरा ने हमला होने के बाद खुद को बचाने की कोशिश की और हाथापाई हुई। इस दौरान वसुंधरा ने हत्यारोपी हिमांशु के सिर के बाल पकड़े होंगे, जो उसके हाथ में रह गए। इसकी पुष्टि के लिए बाल को फोरेंसिक लैब भेजा गया है जो इस केस में आरोपी को सजा दिलाने के लिए अहम सबूत हो सकता है। पुलिस आरोपी के खिलाफ सभी ठोस और मजबूत साक्ष्य एकत्रित कर रही है।

कलावा और टेटू से भी हुई पहचान
एसपी के अनुसार वारदात के बाद अजय पाठक की कार और हिमांशु करीब छह जगह ट्रेस हुआ है। टोल प्लाजा पर भी उसने टोल अदा किया। उसके हाथ में कलावा बंधा है और टेटू भी है। एक जगह तो इसी से स्पष्ट पहचान हुई।

खाने के सैंपल भी लिए गए
पुलिस के अनुसार हिमांशु को किचन में देखा गया था। ऐसे में ये भी संभव है कि उसने पाठक परिवार के खाने में कुछ मिलाया हो। इसलिए मकान के अंदर खाने के सैंपल भी लिए गए हैं। इन्हें भी फोरेंसिक जांच को भेजा जाएगा, ताकि पता चले कि खाने में कुछ मिला तो नहीं था। हालांकि यही खाना हिमांशु ने भी खाया था। इसलिए खाने में कुछ मिलाने की संभावना कम है।

हत्यारोपी गिरफ्तार

पुलिस के सामने भोला बनता रहा हत्यारोपी
हत्यारोपी हिमांशु पुलिस गिरफ्त में आने के बाद खुद को भोला साबित करता दिखाई दिया। मीडिया के सामने पेश करने पर वह बोला कि मैंने तो गुरुजी से अपने रुपये मांगे थे, उन्हें बताया था कि कर्जा है। बैंक वाले परेशान कर रहे हैं। रात भी उनसे अपने रुपये मांगे लेकिन उन्होंने भला बुरा कहा और रुपये नहीं दिए। आरोपी हिमांशु ने अफसोस जाहिर कर कहा कि उसके रुपये नहीं दिए और डांट दिया, अपशब्द कहे। उसने बहुत अपमानित महसूस किया। उसके बाद कमरे से नीचे आ गया। उसे पता नहीं क्या हुआ। उसे अब खुद भरोसा नहीं हो रहा है कि उसने ये क्या कर दिया है। पूछने पर बताया कि उसने घर में ही रखी तलवार और चाकू उठाकर पाठक परिवार पर वार किया था।

हत्यारोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा

खाना खाया, पैर दबाए और फिर कर दिया गुरु के परिवार का खात्मा
मशहूर गायक अजय पाठक की मंडली का सबसे खास शिष्य था हिमांशु। एक तरह से वो अजय का पीए था। हर काम में आलराउंडर, स्मार्ट पर्सनेल्टी, फेसबुक और सोशल मीडिया में भी सक्रिय था। मंडली के साथ गाने बजाने और कार चलाने में भी एक्सपर्ट हो गया था। रात को गुरुजी (अजय) के घर ही सोया था। उनके पैर भी दबाए और इस दौरान उसने वारदात को अंजाम दे दिया। बुधवार को पूरे शामली शहर में इसी घटना की चर्चा थी। बताया जाता है कि करीब दो ढाई साल पूर्व भजन मंडली से जुड़ने पर हिमांशु ने अजय पाठक का भरोसा जीत लिया था। मंडली में गाने बजाने में सहयोग के अलावा वो ड्राइविंग भी करता है। अजय पाठक के परिवार में आना जाना भी था। अक्सर रात को उनके घर रुक जाता था। पुलिस के अनुसार घटना वाली रात भी हिमांशु अजय पाठक के घर ही रुका। खाना खाया और अजय पाठक के पैर भी दबाए। रात को ही उसने पूरे परिवार का खात्मा कर दिया।

दिन निकलने पर आवाजाही देख बदला इरादा
एसपी के अनुसार आरोपी हिमांशु ने अजय की कार को मकान के बाहर लगाकर पहली मंजिल से भागवत और वसुंधरा का शव नीचे घसीटते हुए उतारा। भागवत का शव कार की डिक्की में डाल दिया लेकिन वसुंधरा का शव भारी होने की वजह से वह उठा नहीं सका। तब तक दिन निकल चुका था और काफी रोशनी हो गई थी। गली में आवाजाही देख उसने वसुंधरा का शव वापस कमरे में रख दिया और उस पर रजाई डाल दी। कमरे को बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद वह फिर से अजय और स्नेहा के कमरे में गया और उनके शवों पर कंबल डाल दिया। सभी के मोबाइल फोन अपने साथ ले गया। हिमांशु ने हड़बड़ी में मकान की तलाशी भी ली। स्नेहा की अलमारी में ताला नहीं था, अलमारी खोलकर उसने हर बैग निकाल लिया और कमरा बाहर से बंद कर चला गया।

कार में मासूम का शव डाल लगाई थी आग।

पानीपत टोल प्लाजा पर दबोचा हत्यारोपी
शामली में प्रख्यात भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी और बेटी की हत्या करने के बाद उनकी ही कार में बेटे का शव लेकर फरार हत्या आरोपी को पुलिस ने मंगलवार की रात पानीपत टोल प्लाजा के पास दबोच लिया। आरोपी ने पानीपत में ही कार में भजन गायक के बेटे का शव डालकर आग लगा दी। इस पूरे हत्याकांड को लेकर प्राथमिक तौर पर कई खुलासे हुए हैं…

मौके पर पहुंचे डीएम

ज्यादा वजन होने की वजह से सिर्फ भगवत का शव ही डाल सका
पुलिस के मुताबिक हत्या आरोपी भजन गायक, पत्नी, बेटी और बेटे के शवों को कार में डालकर ठिकाने लगाने वाला था लेकिन बेटे भागवत का शव कार में डालने के बाद बेटी का शव भारी होने की वजह से उठा नहीं सका। जिस पर सिर्फ भागवत के शव को ही लेकर ईको स्पोर्ट कार समेत भाग गया। गौरतलब है कि 30 दिसंबर की रात आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के पंजाबी कालोनी निवासी अंतरराष्ट्रीय स्तर के भजन गायक अजय पाठक, उनकी पत्नी स्नेहा और बेटी वसुंधरा की गला रेत कर और बेटा भागवत की गला दबाकर हत्या की गई थी। गत 31 दिसंबर को जब एक युवक भजन गायक के घर हार्मोनियम लेने आया तो हत्या का पता चला।

भजन गायक को दिए थे 60 हजार रुपये, मांगने पर मारे थे थप्पड़
पुलिस के मुताबिक हत्या आरोपी हिमांशु ने पूछताछ में बताया कि वह अजय पाठक के पास पिछले ढाई साल से काम करता था। बहन की शादी के लिए पंजाब एंड सिंध बैंक से पांच लाख का लोन लिया था। इसी रकम में से भजन गायक को 60 हजार रुपये दिए थे। अब वह बैंक लोन की किस्त नहीं भर पा रहा था और भजन गायक रकम वापस नहीं कर रहे थे। बैंक ने उसे पांच माह पहले लीगल नोटिस भी भेजा था। जब लीगल नोटिस को एक माह बचा तो वह रुपये मांगने गया। जहां भजन गायक ने उसे तीन बार थप्पड़ मारे। जिसके चलते उसने हत्या कर दी।

पानीपत टोल प्लाजा के पास खड़ी जली कार।

120 रुपये पेट्रोल लेकर कार में लगाई आग
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि 30 दिसंबर की रात वारदात के बाद घर पर ताला लगाया और 31 दिसंबर की रात को वापस आकर सभी सदस्यों के शव को ठिकाने लगाने की प्लान था। जिसके बाद वह पाठक के बेटे भागवत के शव को लेकर पहले शामली उसके बाद कैराना गया। वहां से वह दिल्ली की तरफ भाग गया और फिर पानीपत की तरफ चला। वह समय काटना चाहता था लेकिन इस दौरान उसे अपना भंडाफोड़ होने की खबर पता चली, जिस पर उसने रास्त में पेट्रोल पंप से 120 रुपये का पेट्रोल लिया और पानीपत टोल के पास आकर कार में आग लगा दी।