पहले थे जिगरी दोस्त, अब हैं खून के प्यासे, स्पेशल स्टाफ ने दबोचा

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विजय कुमार दिवाकर
स्पेशल स्टाफ, साउथ डिस्ट्रिक्ट की टीम ने थाना अंबेडकर नगर इलाके में अपने पुराने दोस्त सनी को मारने के इरादे से गोलीबारी करके फरार वांडेट क्रिमिनल तरूण उर्फ गोलू को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। सनी और तरूण कभी अच्छे दोस्त हुआ करते थे लेकिन किसी बात को लेकर दोस्ती में ऐसी दरार पड़ी की अब एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए हैं। आरोपित की पहचान मदनगीर निवासी 27 वर्षीय तरूण उर्फ गोलू के रूप में हुई है। जबकी सनी भी इलाके का घोषित बदमाश है। आरोपी के कब्जे से एक सोफिस्टिकेटेड सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, और पॉइंट 32 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
साउथ डिस्ट्रिक्ट डीसीपी बेनिता मेरी जैकर ने बताया कि दिनांक 27 मार्च को शिकायतकर्ता सनी जोकि इलाके का घोषित बदमाश है ने थाना अंबेडकर नगर में सूचना दी कि सुबह लगभग छह बजकर पैंतालिस मिनट पर जब वह अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से दक्षिणपुरी ई ब्लॉक, मदनगीर पहुंचां तभी 2 मोटरसाइकिल पर 5 लड़के आए और जान से मारने की नीयत से उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हालांकि उस समय सनी मौके से भाग गया, लेकिन बदमाशों ने उसके घर तक जाकर फायरिंग की थी। सनी के बयान पर थाना अंबेडकर नगर में एफआईआर संख्या 200/22, धारा 307/34 और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
डीसीपी बेनिता मेरी जैकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और अपराधियों को जल्द से जल्द दबोचने का जिम्मा राजेश कुमार एसीपी ऑपरेशन की सुपरविजन व इंस्पेक्टर अतुल त्यागी स्पेशल स्टाफ, साउथ डिस्ट्रिक्ट के नेतृत्व में एसआई योगेश, धर्मेंद्र, एएसआई दयानंद, अशोक कुमार, हेड कांस्टेबल राकेश, विपिन, पंकज, कांस्टेबल अखिलेश और अशोक की एक टीम को सौंपा।
जिम्मेदारी मिलते ही इंस्पेक्टर अतुल त्यागी ने इन्वेस्टिगेशन टीम के प्रत्येक सदस्य को अलग अलग काम सौंपा। एक टीम यह जानने की कोशिश कर रही थी कि सनी ने थाने में जो शिकायत दी है उसमें कितनी सच्चाई है क्योंकि सनी खुद इलाके का घोषित बदमाश था। टीम को लग रहा था की इलाके में अपना दबदबा बनाने और अपने दुश्मन को फसाने के लिए सनी ने कहीं झूठी कहानी तो नहीं गढ़ी। सच्चाई जानने के लिए टीम ने सबसे पहले क्राईम सीन के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेजों को खंगाला। मुखबिरों का जाल बिछाया। क्राईम सीन से लगभग नौ किलोमिटर तक आरोपियों के भागने के रास्ते की जाँच की गई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर टीम को आरोपियों के खिलाफ कुछ अहम सुराग हाथ लगे। सुरागो से टीम को यह तो कन्फर्म हो गया की सनी के ऊपर वास्तव में कातिलाना हमला हुआ था।
अब टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी आरोपी तरूण उर्फ गोलू को दबोचना।
टीम में कांस्टेबल अखिलेस इलाके में स्थानीय सिक्रेट सोर्स के जरिए अपराधियों की मोमेंट पर नजर रखे हुए थे। दूसरी तरफ टीम के हैड कांस्टेबल राकेश टेक्निकल सर्विलांस कर रहे थे। वांडेट तरूण उर्फ गोलू इतना शातिर था कि पुलिस से बचने के लिए अपने पास मोबाईल नहीं रखता था और हर थोड़े दिन बाद अपना ठिकाना भी बदल लेता था।
टीम के कांस्टेबल अखिलेस स्थानीय मुखबिरों के जरिए लगातार आरोपियों पर नजर रखे हुए थे।
दिनांक 27 अप्रैल दोपहर लगभग 11 बजे के आसपास स्पेशल स्टाफ के आफिस में इंस्पेक्टर अतुल त्यागी के सामने कांस्टेबल अखिलेस के खास मुखबिर ने आकर बताया कि वांटेड क्रिमिनल तरूण उर्फ गोलू मदनगीर निवासी सनी को फिर से मारने के इरादे से अपने कुछ साथियों से मिलने शाम चार बजकर 15 मिनट से पांच बजकर 15 मिनट के बीच शेख सराय रेड लाईट के पास आयेगा। मुखबिर ने यह भी बताया कि तरूण हमेशा अपने पास अवैध हथियार भी रखता है। यदि वक्त पर रेड की जाये तो संगीन वारदात को होने से रोका जा सकता है।
इंस्पेक्टर अतुल त्यागी ने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना देकर एक रेडिग टीम बनाई। इंस्पेक्टर अतुल त्यागी ने मौके पर जाने से पहले रेडिग टीम को ब्रिफ किया। दोपहर लगभग तीन बजकर पचास मिनट पर वांटेड क्रिमिनल को दबोचने के लिए स्पेशल स्टाफ, साउथ डिस्ट्रिक्ट आफिस से रेडिग टीम दो गाड़ियों में रवाना हुई।
पहली गाड़ी में इंस्पेक्टर अतुल त्यागी के साथ हैड कांस्टेबल राकेश, कांस्टेबल अखिलेश, अशोक व मुखबिर सवार था।
दूसरी गाड़ी में एएसआई दयानद, अशोक, हैड कांस्टेबल विपिन व पंकज सवार थे। टीम लगभग चार बजकर दस मिनट पर बीआरटी रोड़ शेख सराय रेड लाईट पर पहुंची। टीम ने शेख सराय रेड लाईट और खानपुर की तरफ जाने वाले रोड़ पर अपना जाल बिछा दिया। दोपहर लगभग चार बजकर तीस मिनट पर एक सस्पेक्ट व्यक्ति चिराग दिल्ली की ओर से आता हुआ दिखाई दिया। मुखबिर के इसारा करते ही टीम ने सस्पेक्ट व्यक्ति को चारों ओर से घेर लिया। अपने आपको पुलिस से घिरा देखकर आरोपित ने पुलिस टीम पर पिस्टल तान दी।
इंस्पेक्टर अतुल त्यागी ने बड़ी चालाकी से आरोपी को बातों में उलझा लिया जिससे आरोपी का ध्यान भटक गया। इसी दौरान कांस्टेबल अखिलेश ने पिछे से आकर बिना डरे और अपनी जान की परवाह किये बिना आरोपी के पिस्टल लिए हाथ को पकड़कर ऊपर आसमान की तरफ कर दिया। इस बीच टीम के बाकी सदस्यों ने आरोपी को काबू कर लिया और उसके हाथ से लोडेड पिस्टल छीन ली। आरोपी के कब्जे से एक सोफिस्टिकेटेड सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, और पॉइंट 32 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गये।
पूछताछ में आरोपी की पहचान 27 वर्षीय तरूण उर्फ गोलू पुत्र राजकुमार निवासी ए फस्र्ट 115 मदनगीर के रूप में हुई।
पूछताछ के दौरान आरोपित तरुण ने बताया कि वह और सनी अच्छे दोस्त थे, लेकिन सनी का दक्षिणपुरी निवासी भोला से झगड़ा हो गया और वह भोला को जान से मार देना चाहता था। तरुण उन दोनों के बीच कामन दोस्त था, लेकिन सनी ने उसे भोला को खत्म करने के लिए मुखबिर की तरह इस्तेमाल करना चाहा। तरुण के मना करने पर सनी ने दिसंबर 2021 के दौरान उसे बुरी तरह पीट दिया। तरुण ने सनी के खिलाफ मामला दर्ज कराया, लेकिन वह जमानत पर रिहा हो गया। सनी उसे लगातार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा था। लगातार धमकियों से परेशान होकर आरोपी तरुण उर्फ गोलू ने सनी को मारने का फैसला किया।
इसी बीच दक्षिण दिल्ली के इनामी अपराधी और हाशिम बाबा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य शाहरुख ने तरूण से संपर्क किया और तरूण को हर तरह की मदद का आश्वासन दिया। शाहरुख भी सनी को मारना चाहता था क्योंकि वह थाना अंबेडकर नगर के कुणाल मर्डर केस में शाहरुख के खिलाफ गवाह है। आरोपी तरुण उर्फ गोलू एक अफगान नागरिक खालिद द्वारा उपलब्ध कराए गए व्हाट्सएप लिंक के जरिए नियमित संपर्क में था। खालिद को एनडीपीएस के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह तिहाड़ जेल में शाहरुख के संपर्क में आया था।
मदद का हाथ पाकर आरोपी तरुण उर्फ गोलू ने शाहरुख से हाथ मिलाया और रेकी के जरिए हर संभव जानकारी जुटाकर सनी को मारने का सीक्रेट प्लान बनाया। आखिरकार 27 मार्च 2022 को मौका पाकर उसने शाहरुख, उमर, अरशद और युसूफ के साथ मिलकर सनी पर फायरिंग कर दी थी।
सनसनी आॅफ इंडिया नेटवर्क