सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
नई दिल्‍ली। दिल्‍ली क्राइम बांच को रविवार की दोपहर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। उसने एक ऐसे शख्‍स को गिरफ्तार किया है जो सीबीआइ द्वारा पांच लाख का ईनामी आरोपित है। सीबीआइ मुबंई ने इस धवल त्रिवेदी पर पांच लाख का इनाम रखा था। मिली जानकारी के हिसाब से यह शख्‍स कई बार अपना नाम बदल कर अपराध की दुनिया में क्राइम को अंजाम दे रहा था। इसका नाम धवल त्रिवेदी उर्फ मुखितयार सिंह उर्फ सतनाम सिंह उर्फ सुरजीत सिंह बताया जा रहा है। यह गुजरात का रहनेवाला है।

क्‍या है इस शख्‍स पर आरोप
गिरफ्तार त्रिवेदी पर पास्‍को एक्‍ट के तहत एक केस गुजरात के राजकोट में दर्ज है। इस केस में उसे आजीवन कारावास की सजा मिली है। हालांकि वह पैरोल पर बाहर आया और बाहर आते ही फिर से अपराध की दुनिया में कूद गया।

कौन है यह त्रिवेदी
धवल त्रिवेदी महाराष्‍ट्र के परिवार में 1970 में जन्‍मा था। यहां उसने एम (MA) की पढ़ाई अंग्रेजी विषय में गुजरात यूनिवर्सिटी से अहमदाबाद से की। इसके पिता दर्शनशास्त्र में प्राध्यापक थे। त्रिवेदी ने 1996 में शादी की हालांकि पहली पत्‍नी की मौत के बाद 1998 में फिर से इसने शादी की। 1999 में इसके घर एक बेटी आई। हालांकि यह विवाह भी उसका नहीं चल सका और करीब 2000 में पत्‍नी से ये शख्‍स अलग हो गया। सीआइडी के द्वारा उस समय दायर चार्जशीट के मुताबिक यह खतरनाक अपराधी था जिसने आठ महिलाओं जिसमें नाबालिग बच्‍चियां भी थी उसे किडनैप किया था। यह आठ भाषाओं का जानकार था। अपनी पहचान छुपाने के लिए यह भेष बदलने में माहिर है। यह स्‍कूल में प्रिसिंपल की नौकरी कर चुका है।

आरोपी किताब लिखना चाहता था
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आठ महिलाओं का अपहरण कर उनसे दुष्कर्म करने वाले प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया है। पीड़िताओं में किशोरियां भी शामिल हैं। एमए पास दोषी अपनी आपराधिक जिंदगी पर ‘दस परफेक्ट वीमेन इन माई लाइफ’ लिखना चाहता था। पुलिस से बचने के लिए उसने कई बार अपना हुलिया, नाम व रहने की जगह बदलीं। सीबीआई, मुंबई ने आरोपी धवल त्रिवेदी की गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। वह अगस्त 2018 से फरार था। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को उसे हिमाचल के सोलन से गिरफ्तार कर सीबीआई, मुंबई को सूचना दे दी है।
अपराध शाखा डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने बताया कि धवल त्रिवेदी उर्फ मुख्तियार सिंह उर्फ सतनाम सिंह, उर्फ सुरजीत सिंह (50) को थाना पदधारी, राजकोट गुजरात में पोक्सो के केस में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। वह 15 दिन के पेरोल पर बाहर आया तो उसने इसी तरह की वारदात को थाना चोटिला, गुजरात में अंजाम दे दिया। इस पर कोर्ट आरोपी को किसी भी हालत में गिरफ्तार करने के आदेश दिए। जांच सीबीआई के डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई। सीबीआई, मुंबई के तहत गुजरात भी आता है। सीबीआई, मुंबई ने एक मई, 2019 को धवल त्रिवेदी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया।
दरअसल आरोपी नाबालिग बच्चियों को ट्यूशन के बहाने बुलाकर उनका यौन शोषण करता था। सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर नीरज चौधरी व एसआई सुरेन्द्र राणा को पता लगा कि आरोपी बद्दी, सोलन (हिमाचल प्रदेश) में छिपा है और एक फैक्टरी में पहचान छिपाकर गार्ड की नौकरी कर रहा है। पुलिस वहां पहुंची तो पता लगा कि आरोपी दो दिन पहले ही नौकरी छोड़ चुका है। आखिरकार एसआई सुरेन्द्र, एएसआई यतेन्द्र मालिक व गुलाब सिंह ने धवल त्रिवेदी को गिरफ्तार कर लिया। वह गुजरात में एक स्कूल में प्रिंसिपल व शिक्षक भी रहा है।
थाने, महाराष्ट्र में जन्मा धवल त्रिवेदी गुजरात यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में एमए पास है। पिता वडोदरा में दर्शनशास्त्र के प्रोफसर थे। इसने वर्ष 1996 में शादी की। पहली पत्नी की मौत हो गई तो 1998 में दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी से बेटी है। वर्ष 2000 में दूसरी पत्नी से अलग हो गया। सीआईडी, गुजरात ने कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसके हिसाब से धवल त्रिवेदी ने नाबालिग बच्चियों समेत आठ महिलाओं का अपहरण किया। शादी का झांसा देकर उन्हें कुछ साल अपने पास रखता था और फिर छोड़ देता था।