सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क
जयपुर।
शहर के मुहाना थाने में बंद अपने भाई को छुड़वाने के लिए एक युवक ने फर्जी कॉल से मुख्य सूचना आयुक्त और पूर्व IAS बनकर मानसरोवर ACP संजीव चौधरी को फोन कर दिया। लेकिन, ACP चौधरी की सूझबूझ से शातिर युवक मंगलवार को पुलिस की गिरफ्त में आ गया। उसके खिलाफ केस दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
जयपुर दक्षिण के ACP संजीव चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार बलवंत सिंह (28) मुहाना, जयपुर में रहता है। उसके भाई योगेंद्र सिंह को सोमवार को शांति भंग के मामले में मुहाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तब बलवंत सिंह अपने एक साथी के साथ अपने भाई योगेंद्र सिंह को छुड़वाने के लिए वरुण पथ पर स्थित मानसरोवर ACP के ऑफिस पर पहुंच गया। बलवंत सिंह और उसका साथी बाहर खड़े हो गए।
इस बीच ऑफिस में मौजूद ACP संजीव चौधरी के मोबाइल पर एक फोन आया। फोनकर्ता ने खुद को IAS डीबी गुप्ता बताया। उसने कहा कि उनके परिचित आपके ऑफिस के बाहर खड़े हैं। उनसे बातचीत कर मुहाना में बंद उनके के भाई को तुरंत जमानत दिलवाएं। एक बार तो ACP संजीव चौधरी ने फोन को सही समझा। लेकिन, फिर उन्हें संदेह हुआ।

मानसरोवर थाने की गिरफ्त में आया बलवंत सिंह। पुलिस ने उसे पूर्व आईएएस के नाम से फर्जी कॉल करने के आरोप में पकड़ा है।

ACP ने मुख्य सूचना आयुक्त को फोन कर पूछा
ACP संजीव ने प्रदेश के मुख्य सचिव रह चुके और वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त डीबी गुप्ता को फोन कर पूछा कि आपका फोन आया था। तब डीबी गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ऐसा कोई कॉल नहीं किया।तब जाकर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद सायबर सेल में इसकी शिकायत की गई।
इसके बाद ACP ऑफिस के स्टाॅफ ने मानसरोवर थाने में सूचना दी। पुलिस ने बलवंत को पकड़कर पूछताछ की। वह काफी देर तक ACP को कॉल करने से इंकार करता रहा। बाद में, उसने फोन करना स्वीकार कर लिया। तब मानसरोवर पुलिस ने उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में ACP संजीव चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जिसकी जांच थाना प्रभारी दिलीप सोनी और ASI पूरण कर रहे हैं।