फिल्मी स्टाइल में दबोचे लुटेरे, 70 Kms, 500 CCTV खंगालने में सूज गईं पुलिसवालों की आंखें

0
विजय कुमार दिवाकर
दिल्ली पुलिस ने करीब 70 किलोमीटर के दायरे में लगे 500 सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद सनसनीखेज लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को धर दबोचा है। यह बदमाश Malls and Highways के पास पैदल, ऑटो, ई-रिक्शा और रिक्शा पर चलने वाली महिलाओं को टारगेट करके डकैती और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे। ये बदमाश रॉबरी और चैन स्नैचिंग की 106 से ज्यादा वारदात को अंजाम दे चुके हैं। हाल ही में इन अपराधियों ने दिल्ली के आनंद विहार में एक महिला के बैग को लूटा इस दौरान महिला के सर पर गंभीर चोट आई है और वो फिलहाल गंभीर हालत में हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पटपरगंज दिल्ली निवासी 41 वर्षीय मनीष उर्फ ऋषि उर्फ बबलू और 34 वर्षीय मोहित गुप्ता उर्फ किक्की के रूप में हुई है।
डीसीपी शाहदरा आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि सात फरवरी 2022 को थाना आनंद विहार में एफआईआर संख्या 170/22 धारा 308/394/34 के तहत मामला दर्ज किया गया। जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा था वह अपनी भाभी (पीड़िता) के साथ दोपहर करीब एक बजे क्रॉस रीवर मॉल के पास से ई-रिक्शा पर जा रही थी। इस बीच आनंद विहार इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने उनसे पर्स छीनने का प्रयास किया। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपियों ने जबरन उनके हाथ से पर्स खींच लिया। इस दौरान पीड़िता सिर के बल नीचे गिर गई। वारदात में घायल होने के बाद से लगातार पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। वह अभी भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। बदमाश महिला का पर्स लूटकर फरार हो गए।
दिन दहाड़े हुई लूट की वारदात ने दिल्ली पुलिस की नींद उड़ा दी थी। बेहद गंभीर मामला होने के चलते ज्‍वाइंट सीपी छाया शर्मा ने बदमाशों को दबोचने के लिए डीसीपी शाहदरा आर. सत्यसुंदरम की सुपरविजन व एसीपी विवेक विहार और एसीपी ऑपरेशंस नेतृत्व में पूरे जिले की लोकल पुलिस के अलावा एएटीएस, नारकोटिक सेल और स्पेशल स्टाफ की छह क्रैक टीमों का गठन किया।
एसीपी विवेक विहार की देखरेख में थाना एमएस पार्क और थाना जगतपुरी की क्रैक टीमों को मैनुअल इंटेलिजेंस देखने का काम सौंपा गया था।
एसीपी ऑपरेशंस की देखरेख में थाना सीमापुरी पुलिस स्टाफ, एएटीएस, नारकोटिक सेल और स्पेशल स्टाफ की छह क्रैक टीमें को technical evidences.तलाशने का काम सौंपा गया था।
फाइनली महेन्दर सिंह ACP Operation की सुपरविजन व इंस्पेक्टर राकेश रावत एएटीएस शाहदरा और इंस्पेक्टर विकास स्पेशल स्टाफ के नेतृत्व में एसआई योगेश, विनीत, प्रवेश, प्रशांत, वेदपाल, भ्रमपाल, सुखबीर, हेड कांस्टेबल अनुज, सचिन, राजीव, सुधीर, देवेंदर, अवदेश, कांस्टेबल राजेश, नितिन, हैकेश, कुलदीप, सर्वेश, विपिन, जगमोहन, देवनेदेर, रोहित, संदीप, कपिल, प्रमोद, अमित और सौरभ की Crack टीम ने hard work and intelligence से बदमाशों को धर दबोचा।
 
जाँच टीम ने क्राइम सीन के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पता चला की लाल और काले रंग की बजाज पल्सर 220 सीसी बाइक पर सवार होकर दो बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। उनके आने जाने के रास्ते की जांच की गई तो पता चला कि आरोपी दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे की ओर भागे हैं।
जिस route से बदमाशों के भागने की आशंका थी जाँच टीम ने उस route पर पड़ने वाले सभी corners, multiple turns, मकानों, दुकानों, बस स्टॉप और रेड लाइट पर लगे सीसीटीव फुटेजों को खंगाला। जाँच टीम ने आनंद विहार से लेकर मेरठ एक्सप्रेस वे और वैशाली तक करीब 70 किलोमीटर के एरिया में 500 सीसीटीवी कैमरों को स्कैन किया। इससे पुलिस टीम को आरोपियों के बारे में कुछ सुराग मिले। जाँच टीम को पता चला कि वह पूर्वी दिल्ली होते हुए दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के रास्ते वैशाली गए हैं। पुलिस को यह भी पता चला कि यह लोग हाईवे पर वारदात को अंजाम देते हैं। इसके अलावा मॉल के आसपास भी ई रिक्शा, ऑटो एवं साइकिल रिक्शा पर जाने वाली महिलाओं को लूटते हैं।
छानबीन के दौरान पुलिस ने रणनीति बनाई कि आरोपी मेरठ एक्सप्रेस-वे पर दोबारा जरूर दिखाई देंगे।
बदमाशों की क्राइम करने की मोडस ऑपरेंडी को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन सेल शाहदर ने अक्षरधाम मंदिर के पास दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर एक जाल बिछाया। एक्सप्रेस वे पर आने और जाने वाले मुख्य इंट्री पर चार टीमों को तैनात किया। करीब दर्जनभर टीमों को अलग-अलग जगह दिल्ली-एनसीआर के मॉल्स के पास एक्सप्रेस-वे आने-जाने वाले रास्तों पर तैनात कर दिया गया। पुलिस की टीम लगातार बदमाशों पर निगाह रखी थी।
दिनांक 11 फरवरी 2022 को एक्सप्रेस वे पर तैनात टीम ने अक्षरधाम साइड से सराय काले खा की ओर जाते हुए उसी सस्पेक्ट लाल और काले रंग की बजाज पल्सर 220 सीसी बाइक को देखा। टीम एक ने आरोपी व्यक्तियों का पीछा करना शुरू किया। टीम एक ने आईटीओ की ओर जा रहे रूट पर टी-पॉइंट एक्सप्रेसवे पर तैनात टीम दो को संकेत दिया। टीम दो ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक जाम कर दिया। पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने तुरंत बाइक वापस मोड़कर रॉन्ग साइड यमुना पुल पर दौड़ा दी। एक्सप्रेसवे पर जैन शिकंजी सराय काले खां साइड पर तैनात टीम तीन को अलर्ट कर दिया गया। टीम तीन ने जैन शिकंजी के पास बेरीकेटिंग कर दी। यहां से भी आरोपियों ने डिवाइडर के राइट साइड की ओर से भागने का प्रयास किया। इस बीच टीम 4 ने अपनी जिप्सी से आरोपियों की बाइक को टक्कर मारकर गिरा दिया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद टीमों ने दोनों आरोपियों को काबू में किया। इस दौरान आरोपियों को चोट भी लग गई। आरोपियों के पास से तमंचा, बाइक व कारतूस बरामद हुए।
 
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मकान नंबर e 228, थर्ड फ्लोर, मधु विहार, पटपड़गंज आईपी विस्तार निवासी 41 वर्षीय मनीष उर्फ ऋषि उर्फ बबलू पुत्र भूपेंदर सिंह और फ्लैट नंबर 183, एम अपार्टमेंट्स, पटपड़गंज निवासी 34 वर्षीय मोहित गुप्ता उर्फ किक्की पुत्र राजीव गुप्ता के रूप में हुई है। मोहित वर्तमान में नोएडा में किराए के मकान में रहा है।
 
पूछताछ के दौरान दोनों बदमाशों ने आनंद विहार क्रॉस रिवर मॉल पर वारदात करने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपी के पास से महिला का लूटा गया बैग, वारदात में इस्तेमाल बाइक, एक देसी कट्टा, दो हेलमेट और आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं।
 
डीसीपी शाहदरा आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि वर्ष 2016 में तिहाड़ जेल के अंदर मनीष और मोहित की मुलाकात हुई थी। इसके बाद वह साथ में वारदात करने लगे।
 
मनीष 2008 से आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहा है। उसके खिलाफ 106 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। अपराध के पैसों से मनीष ने एक फ्लैट और ईको वैन भी खरीदी है और वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पीतमपुरा, रिठाला, बौद्ध विहार, रोहिणी, मंडावली, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, राम नगर और करनाल में अपने ठिकाने बदल लेता था और पुलिस जांच को गुमराह करने के लिए अलग अलग नामों का भी इस्तेमाल करता था। स्पेशल सेल में दर्ज हत्या प्रयास के एक मामले में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।
 
दूसरा आरोपी मोहित गुप्ता habitual robber है इसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। मोहित गुप्ता कुछ समय पहले ओला उबर में ड्राइवर के रूप में काम भी करता था। मोहित अविवाहित है और कुछ साल पहले मोहित बैंकाक में बावर्ची एंड बार के नाम से बार चलाता था। उसका दिल्ली में एक रेस्तरां भी था। यही नहीं दिल्ली में उसका एक फ्लैट भी था, लेकिन बुरी संगत में रहकर वह अपराध की दुनिया में उतर गया। वर्तमान में किराए के मकान पर नोएडा में रहता है। अपने सहयोगी मनीष की तरह मोहित भी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना पता बदल लेता था और जांच को गुमराह करने के लिए अलग अलग नामों का भी इस्तेमाल करता था। मोहित ओला यूबेर में बाइक भी चलता था। आरोपी मोहित ने कुछ साल पहले दिल्ली में अपना फ्लैट बेच दिया और अपने दोस्तों को पैसे ब्याज पर दिए लेकिन किसी ने पैसे वापस नहीं लौटाए। कोरोना के कारण रेस्तरां व्यवसाय में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा इसलिए रेस्तरां की फ्रैंचाइज़ी बंद कर दी । आरोपी मोहित क्राइम से पैसा कमाकर एक रेस्तरां शुरू करने की योजना बना रहा था।
 
सनसनी ऑफ़ इंडिया नेटवर्क