विजय कुमार दिवाकर

तेलंगाना के हैदराबाद में पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के चारों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार सुबह मुठभेड़ में ढेर कर दिया। घटनास्थल की तस्वीरें अब सामने आ रही हैं। हैदराबाद के पुलिस आयुक्त ने चारों आरोपियों की मौत की पुष्टि की है।

पुलिस के मताबिक, आरोपियों को घटना रीक्रिट करने के लिए लेकर गए थे, वहां से वह हथियार छुड़ाकर भागने की कोशिश में थे।

हैदराबाद पुलिस ने महिला डॉक्टर दिशा से गैंगरेप करने और उसकी हत्या करने के चार आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया है. शुक्रवार को साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि किस तरह डॉ दिशा के चारों आरोपियों का एनकाउंटर किया गया. यह एनकाउंटर सूरज निकलने से पहले सुबह 5:40 बजे से 6:15 बजे के बीच किया गया.
पुलिस ने 35 मिनट की कार्रवाई में डॉ दिशा के आरोपियों को ढेर कर दिया. पुलिस की गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज गया. इस दौरान पुलिस की टीम में सिर्फ 10 पुलिसकर्मी थे. पुलिस के मुताबिक आरोपियों को क्राइम सीन पर लाया गया था, ताकि महिला डॉक्टर दिशा का मोबाइल, पर्स और दूसरा सामान बरामद किया जा सके.
पुलिस का दावा है कि जब क्राइम सीन रिक्रिएट किया जा रहा था, तभी आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर पत्थरों से हमला किया और 2 हथियार छीन लिए. इसके बाद आरोपी फायरिंग करने लगे. इसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की. इस दौरान 2 पुलिसवालों के सिर में चोट लगी है. पुलिस का यह भी कहना है कि हथियार छीनकर भाग रहे आरोपियों को सरेंडर करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया और पुलिस पर हमला करने लगे. डॉ दिशा के चारों आरोपियों मोहम्मद आरिफ, जोलू शिवा, जोलू नवीन और चिंताकुटा कोर्ट के आदेश से पुलिस रिमांड पर भेजे गए थे.
जब शुक्रवार को चारों आरोपियों के मुठभेड़ में मार गिराने की खबर आई, तो हैदराबाद में खलबली मच गई. मुठभेड़ की जगह लोगों का जमावड़ा लग गया. इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाए. अब इस एनकाउंटर को लेकर तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या पुलिस ही कानून और पुलिस ही अदालत है? क्या पुलिस के एनकाउंटर करने का तरीका सही है? कल तक महिला डॉक्टर दिशा से गैंगरेप और हत्या के मामले में इंसाफ कब का सवाल था और बेटियों की सुरक्षा का सवाल था, लेकिन अब पहले से ज्यादा बड़ा सवाल है न्याय व्यवस्था का, संविधान का और लोकतंत्र का. हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस पुलिस एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए हैं.

 

जिस जगह पीड़िता को जलाया वहीं हुए ढेर
पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने ठीक उसी जगह पर मार गिराया है जहां उन्होंने पीड़िता के साथ दरिदंगी को अंजाम दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार क्राइम सीन रिक्रिएट करने के दौरान आरोपियों ने वहां से भागने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा करते हुए रोकने के लिए गोली चलाई। जिसमें उनकी मौत हो गई।

सुबह तीन से छह बजे के बीच मारे गए आरोपी
साइबराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने कहा, ‘आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, शिवा और चेन्नाकेशावुलू शादनगर के चटनपल्ली में पुलिस मुठभेड़ में आज सुबह मारे गए। सभी की मौत सुबह तीन बजे से छह बजे के बीच हुई। मैं घटनास्थल पर पहुंच गया हूं और जल्द ही आगे की जानकारी दी जाएगी।’

हथियार लेकर भाग रहे थे आरोपी
तेलंगाना के कानून मंत्री इंद्रकरण रेड्डी का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही भगवान ने उन्हें सजा दे दी। आरोपियों ने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें मुठभेड़ में मार गिराया। इससे हैदराबाद सहित पूरे देश में खुशी है। उन्होंने दावा किया है कि आरोपी पुलिस से हथियार लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे।

एनकाउंटर के बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत इकठ्ठा किए।

इसलिए किया जाता है क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्ट
पुलिस हैदराबाद के सभी आरोपियों को क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्ट करने के लिए लेकर गई थी। पुलिस क्राइम सीन को इसलिए रिकंस्ट्रक्ट करती है ताकि घटना से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ा जा सके और मौका-ए-वारदात के हर ऐंगल की जांच की जा सके। पुलिस की ओर से यह जांच अदालती कार्रवाई के लिहाज से भी महत्पवूर्ण होती है और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के लिहाज से भी इसे अहम माना जाता है।

महिलाओं ने पलिस अफसरों को राखी बांधी।

अब बेटी की आत्मा को मिलेगी शांति
पशु चिकित्सक के पिता ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए चारों आरोपियों पर कहा, ‘मेरी बेटी की मौत को दस दिन हो चुके हैं। मैं इसके लिए पुलिस और सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। अब मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी।’

स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों पर फूल बरसाए। वहीं महिलाओं ने पुलिसकर्मियों का मुंह मीठा करवाया

सुबह तीन से छह बजे के बीच मारे गए आरोपी
साइबराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने कहा, ‘आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, शिवा और चेन्नाकेशावुलू शादनगर के चटनपल्ली में पुलिस मुठभेड़ में आज सुबह मारे गए। सभी की मौत सुबह तीन बजे से छह बजे के बीच हुई। मैं घटनास्थल पर पहुंच गया हूं और जल्द ही आगे की जानकारी दी जाएगी।’

एनकाउंटर के बाद महिलाओं ने पुलिसकर्मियों को मिठाई खिलाई।

क्या होता है घटना का रिकंस्ट्रक्शन?
बता दें कि पुलिस केस की छानबीन और सबूत जुटाने के लिए वारदात की जगह पर ‘वारदात कैसे घटी’ या ‘वारदात को कैसे अंजाम दिया गया’ इसके लिए घटना का रिकंस्ट्रक्शन करती है. वारदात की जगह आरोपियों को भी ले जाया जाता है ताकि वह बताए कि उन्होंने वारदात को कैसे अंजाम दिया. पुलिस ये सब इसलिए करती है ताकि उसकी तरफ से केस मजबूत हो और वह अदालत में केस से जुड़े सभी पहलुओं को रख सके.

स्थानीय लोगों ने पीड़िता को घटनास्थल पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।

क्या था पूरा मामला?
आपको बता दें कि हैदराबाद के शमशाबाद टोल प्लाजा के पास 27 नवंबर को डॉक्टर दिशा अपनी स्कूटी पार्क करके अस्पताल गई थीं, लेकिन जब वापस लौटीं, तो उनकी स्कूटी पंक्चर थी. इसके बाद डॉक्टर दिशा ने अपनी बहन को फोन किया था और फिर फोन कट गया था. इसके बाद अगले दिन पुलिस को डॉ दिशा का जला हुआ शव बरामद हुआ था.
डॉ दिशा के साथ गैंगरेप किया गया था और फिर हत्या करके उनके शव को जला दिया गया था. इसके बाद तेलंगाना पुलिस ने मामले में इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था. शुक्रवार सुबह तेलंगाना पुलिस ने आरोपियों को उसी स्थान पर ढेर कर दिया गया, जहां उन लोगों ने 27 नवंबर की रात हैदराबाद के शमशाबाद टोल प्लाजा के पास डॉक्टर दिशा के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया था और हत्या कर शव को जलाने का प्रयास किया था.

आरोपी चार लॉरी ड्राइवरों और क्लीनरों का शुक्रवार सुबह एनकाउंटर कर दिया गया। एनकाउंटर शादनगर स्थित चतनपल्ली में वहीं हुआ, जहां दुष्कर्मियों ने डॉक्टर की लाश को जला दिया था। सुबह जैसे ही यह खबर फैली, सड़क से लेकर संसद और सोशल मीडिया तक लोगों ने पुलिस की तारीफ की। लेकिन पुलिस के तरीके पर भी सवाल उठने लगे। घटना के करीब 10 घंटे बाद तेलंगाना के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार सामने आए और कहा, ‘‘कानून ने अपना काम किया। यह एनकाउंटर नहीं था। हम चाहते थे कि आरोपी सरेंडर करें, लेकिन वे नहीं माने और क्रॉस फायरिंग में मारे गए।’’

हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों के एनकाउंटर पर बोले पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार- कानून ने अपना काम किया

पुलिस कमिश्नर सज्जनार के मुताबिक, एनकाउंटर का पूरा वाकया इस तरह हुआ…
आरोपी हमारी हिरासत में थे। हम उनसे लगातार पूछताछ कर रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हत्या के बाद उन्होंने झाड़ियों में डॉक्टर का मोबाइल फोन फेंक दिया था। इसके बाद शुक्रवार सुबह 5:45 बजे चारों आरोपियों को उसी जगह लाया गया, जहां डॉक्टर का शव जलाया गया था। पुलिस वहां क्राइम सीन रीक्रिएट करने नहीं, बल्कि पीड़ित का मोबाइल फोन ढूंढने गई थी। आरोपी एक बस में थे। उनके साथ 10 पुलिसकर्मी थे। मौके पर हम पीड़ित का फोन और अन्य सामान तलाश रहे थे, तभी आरोपियों ने पहले डंडों-पत्थरों से पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। इसके बाद दो आरोपियों आरिफ और चिंताकुंटा ने हमारे दो अफसरों के हथियार छीन लिए और फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस पार्टी ने संयम बरता। उन्हें बार-बार सरेंडर के लिए कहा। लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद जवाबी फायरिंग हुई। 15 मिनट बाद जब फायरिंग थमी, तब पुलिसकर्मियों ने देखा तो आरोपियों की मौत हो चुकी थी। उन्हें गोलियां लगी थीं। यह सबकुछ सुबह 5:45 बजे से 6:15 बजे के बीच हुआ। हमने मौके से डॉक्टर का मोबाइल फोन, पावर बैंक और रिस्ट वॉच बरामद की है।

एनकाउंटर पर उठते सवाल और कमिश्नर के जवाब
क्या आरोपियों को हथकड़ी बांधकर नहीं ले गए थे?
कमिश्नर : नहीं, आरोपियों को हथकड़ी नहीं बांधी गई थी।

एनकाउंटर के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं, क्या कहेंगे?
कमिश्नर : नहीं। ये एनकाउंटर नहीं था। हम तो उनका सरेंडर चाहते थे। जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए। कानून ने अपना काम किया। लॉ हैज़ डन इट्स ड्यूटी।

दो पुलिसकर्मी घायल हैं, क्या उन्हें भी गोलियां लगी हैं?
कमिश्नर : एक एसआई और एक कांस्टेबल जख्मी है। ये पुलिसकर्मी गोलियां लगने से घायल नहीं हुए। उनका इलाज चल रहा है।

इस घटना के बारे में क्या किसी ने रिपोर्ट मांगी है या आप रिपोर्ट देंगे?
कमिश्नर : हम मानवाधिकार आयोग, राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। हम हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।

पुलिस को संदेह- इन आरोपियों ने बाकी राज्यों में भी ऐसी ही घटनाओं को अंजाम दिया होगा
पुलिस कमिश्नर सज्जनार ने कहा- हमने आरोपियों की डीएनए प्रोफाइलिंग कर रखी है। हम कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से भी ऐसे मामलों का डेटा मंगवा रहे हैं, जहां महिलाओं की हत्या के बाद उन्हें जला दिया गया। हमें संदेह है कि इन आरोपियों ने वहां भी ऐसी वारदात को अंजाम दिया होगा।

– मोहम्मद आरिफ ने सबसे पहले की फायरिंग- कमिश्नर सज्जनार
वीसी सज्जनार ने कहा कि आरोपियों ने दो पुलिसवालों की बंदूकें छीनीं और उन पर फायरिंग की भी कोशिश की। हमने भी फायरिंग की और कुछ देर बाद वे हमें मृत अवस्था में मिले। उन्होंने कहा कि आरोपी मोहम्मद आरिफ ने सबसे पहले फायरिंग की, जिसमें एक सब इंस्पेक्टर और एक कॉन्स्टेबल घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है।

पिता ने कहा- आज मेरी बच्ची की आत्मा को शांति मिली होगी
एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद पीड़ित के पिता ने कहा, “हमारी बच्ची को मरे हुए 10 दिन हो गए। तेलंगाना सरकार, पुलिस और जो लोग मेरे साथ खड़े थे, उन्हें बधाई। मुझे लगता है कि पुलिस ने काफी अच्छा काम किया। अगर अपराधी भाग जाते, तो सवाल उठता कि पुलिस ने उन्हें कैसे भागने दिया। उन्हें दोबारा पकड़ना भी मुश्किल होता। अगर उन्हें दोबारा पकड़ भी लिया जाता, तो आगे सजा देने की कार्रवाई में काफी समय लग जाता। आज मेरी बच्ची की आत्मा को शांति मिल गई होगी।” वहीं, पीड़िता की बहन ने कहा कि आरोपी एनकाउंटर में मारे गए। मैं इससे काफी खुश हूं। यह एक उदाहरण होगा, उम्मीद है आगे से ऐसा कुछ नहीं होगा। मैं पुलिस और तेलंगाना सरकार को शुक्रिया कहना चाहती हूं।

आरोपियों के मारे जाने पर लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियां फेंककर पुलिस का अभिवादन किया।

घटनास्थल पर लगे डीसीपी-एसीपी जिंदाबाद के नारे
पुलिस ने जिस जगह चारों आरोपियों का एनकाउंटर किया, वहां भारी भीड़ जुट गई। पुलिसकर्मी और कमिश्नर सज्जनार जब घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे, तो लोगों ने डीसीपी-एसीपी जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाए गए। साथ ही स्थानीय लोगों ने पुलिसवालों पर फूल भी बरसाए।

दराबाद एनकाउंंटर के बाद जश्न मनाती महिलाएं

डॉ दिशा की बहन ने कहा- हमारी बहन को मिल गया इंसाफ
सनसनी ऑफ़ इंडिया से विशेष बातचीत में डॉ दिशा की बहन ने कहा कि पुलिस एनकाउंटर में चारों आरोपियों के मारे जाने से उनकी बहन डॉ. दिशा को न्याय मिल गया है. हमको एनकाउंटर की उम्मीद भी नहीं थी. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि डॉ. दिशा के आरोपियों को जल्द सजा मिल गई है, जिसके चलते लोग जश्न मना रहे हैं.
डॉ दिशा की बहन ने कहा कि अगर अपराधियों को जल्द सजा मिलती है, तो समाज में लोगों के अंदर अपराध को लेकर डर होता है. इससे ऐसी घटनाएं भी रुकती हैं. अगर उनका एनकाउंटर नहीं होता, तो हम कोर्ट जाते. कोर्ट में न्याय मिलने में देरी होती. हालांकि हमको यकीन था कि कोर्ट से हमको न्याय मिलता. डॉ. दिशा के पिता ने भी चारों आरोपियों के एनकाउंटर पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा, ‘मेरी बेटी की मौत के 10 दिन के अंदर आरोपियों को मार दिया गया. मैं तेलंगाना सरकार, पुलिस और मेरे साथ खड़े लोगों को बधाई देता हूं. मेरी बच्ची की आत्मा को शांति मिल गई.’