कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) मर्डर केस की जांच में जुटी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को मंगलवार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हिन्दू समाज पार्टी नेता कमलेश तिवारी के आरोपी हत्यारे 34 वर्षीय अशफाक (Ashfaq) और 27 साल के मोइनुद्दीन (Moinuddin) को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। अशफाक और मोइनुद्दीन दोनों सूरत के रहने वाले हैं, एक एमआर है तो दूसरा फूड डिलिवरी बॉय है।

गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास से हुई गिरफ्तारी
शाहजहांपुर में घेराबंदी किए हुई पुलिस को चकमा देकर दोनों लोग यूपी से निकल गए और रास्ते से सूरत में अपने परिवार को संपर्क कर रुपयों का बंदोबस्त करने को कहा। बस, यही कॉल गुजरात एटीएस ने ट्रेस कर ली और इन हत्यारों तक पहुंच गई। गुजरात एटीएस डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने कहा कि दोनों आरोपियों को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास शामलाजी से गिरफ्तार कर लिया गया है और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों को उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

अशफाक और मोइनुद्दीन गिरफ्तार, गुनाह कबूला

दोनों हत्यारों ने कबूला गुनाह
गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है। इस गिरफ्तारी की सूचना यूपी के डीजीपी को दे दी गई है। इन दोनों ने 18 अक्तूबर को लखनऊ के खुर्शेदबाग में कमलेश तिवारी की घर में घुसकर हत्या कर दी थी। दोनों भगवा वेश में वारदात करने पहुंचे थे। हत्या के बाद होटल खालसा इन में इन लोगों ने कपड़े बदले थे और फिर ट्रेन से बरेली भाग गए थे।

रोहित सोलंकी बनकर मिला, मुलाकात से पहले 10 मिनट फोन पर बात की
हिंदू समाज पार्टी के गुजरात प्रमुख जैमिन बापू ने एटीएस को बताया था कि अशफाक ने कमलेश का विश्वास जीतने के लिए रोहित सोलंकी बनकर मुलाकात की थी। इसके लिए उसने न सिर्फ रोहित सोलंकी के नाम से फर्जी आईडी बनाई, बल्कि एचएसपी (हिंदू समाज पार्टी) नाम से फेसबुक अकाउंट खोलकर करीब 4000 लोगों को इससे जोड़ा। वह हिंदूवादी लोगों को जोड़ता और जय श्री राम के नारे भी लगाता था। इस बीच, असली रोहित सोलंकी सामने आया और अपने आईडी के गलत इस्तेमाल और धोखेबाजी की शिकायत पुलिस में की। उसने 50 हजार रुपए पार्टी फंड की बात कमलेश तिवारी से कही थी।

पैसे खत्म होने पर रिश्तेदारों से किया था संपर्क
गुजरात एटीएस ने बताया कि अशफाक और मोइनुद्दीन के पास जब पैसे खत्म हो गए तो उन्होंने और पैसों के लिए अपने रिश्तेदारों से संपर्क किया। सर्विलांस के जरिए इंटेलीजेंस ने इन दोनों के ठिकाने के बारे में सूचना दी। इसके बाद एटीएस ने इन्हें गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के एक गांव शामलाजी से गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों ने बताया कि हत्या के बाद वे नेपाल गए थे, उसके बाद शाहजहांपुर (उप्र) आए और फिर आज ये गुजरात पहुंचे थे। इन लोगों को उत्तर प्रदेश एटीएस को सौंपा जाएगा।

अशफाक

अशफाक एमआर और मोइनुद्दीन डिलीवरी ब्वॉय
गुजरात एटीएस के मुताबिक 34 वर्षीय अशफाक सूरत में ग्रीन व्यू अपार्टमेंट और 27 वर्षीय मोइनुद्दीन सूरत के ही उमड़वाड़ा की लो कास्ट कालोनी के रहने वाले हैं। अशफाक एक निजी कम्पनी में मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव (एमआर) और मोइनुद्दीन फूड डिलीवरी ब्वॉय था। दोनों लोग सूरत से 17 अक्तूबर की रात लखनऊ पहुंचे थे। 18 अक्तूबर को हत्या करने के बाद से ही ये फरार चल रहे थे।

नागपुर से हिरासत में लिया गया सैयद असीम अली

तीन साजिशकर्ता पहले ही गिरफ्तार
कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी रशीद पठान उर्फ राशिद, मोहसिन शेख और फैजान घटना के दूसरे दिन ही सूरत में पकड़ लिए गए थे। इनमें फैजान ने ही सूरत में एक दुकान से मिठाई खरीदी थी। इस दुकान का बिल घटनास्थल पर मिला था। हत्यारे मिठाई के डिब्बे में ही पिस्टल और चाकू छिपाकर लाए थे। गौरतलब है कि कमलेश तिवारी की हत्या लखनऊ स्थित खुर्शीदबाग में उनके घर में बने ऑफिस में 18 अक्टूबर (शुक्रवार) को गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्यारों को ऊपर ढाई-ढाई लाख रूपये का ईनाम रखा था। कमलेश तिवारी की हत्या के बाद से लगातार आरोपी हत्यारे अशफाक और मोइनुद्दीन लगातार बचकर भागते फिर रहे थे। सीसीटीवी कैमरे से लगातार पुलिस को उन दोनों के बारे में क्लू मिलती रही। इसके साथ ही, लखनऊ के जिस होटल में दोनों रुके थे वहां से भी पुलिस को खून से सने चाकू और अन्य चीजें बरामद हुई। इससे पहले, हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्‍याकांड में साजिश करने वाले तीन आरोपी मौलाना शेख सलीम (24), फैजान (23) और राशिद अहमद पठान (23) हैं। इन्‍हें गुजरात एटीएस ने हत्‍या के दूसरे दिन 19 अक्टूबर को सूरत में पकड़ा था।